रौजात उल हुसैन मोंडल
रौजात उल हुसैन मोंडल असम के डॉक्यूमेंट्री फोटोग्राफर और विजुअल स्टोरीटेलर हैं और चरुआ समुदाय से आते हैं। अपने समुदाय के इतिहास और ब्रह्मपुत्र नदी के साथ उसके संबंध को समझने की जिज्ञासा ने उन्हें नदी के बदलते चार क्षेत्रों के जीवन को दर्ज करने की ओर प्रेरित किया। Green Hub Fellowship के दौरान उन्होंने मैंग्रोव पुनर्स्थापन पर Roots of Resilience – The Mangrove Story बनाई और बाद में चरुआ जीवन पर दीर्घकालिक Project Bheramara शुरू किया। फोटोग्राफी, फिल्म और मौखिक इतिहास के माध्यम से वे पानी, पहचान, स्मृति, आजीविका और जैव विविधता के संबंधों के साथ कटाव, पर्यावरणीय बदलाव और जलवायु-जनित विस्थापन को दर्ज करते हैं।