बाढ़ की तैयारियों में लाखों खर्च, नहीं लगाते वर्षा मापी यंत्र

Submitted by RuralWater on Sat, 12/03/2016 - 11:07


धार। एक ओर शासन क्षेत्र में सम्भावित बाढ़ के अन्देशे को देखते हुए तैयारियों में जुट गया है। इसमें लाखों की राशि खर्च की जाएगी। वहीं दूसरी ओर विडम्बना देखिए कि निसरपुर क्षेत्र जो सरदार सरोवर की डूब क्षेत्र की जद में है, वहाँ वर्षा मापक यंत्र ही नहीं है। जिससे यहाँ कितनी बारिश होती है, उसकी जानकारी न प्रशासन और न ही रहवासियों को मिलती है।

निसरपुर ब्लॉक की 11 पंचायतें सरदार सरोवर के डूब क्षेत्र की जद में आती हैं। नर्मदा नदी की सहायक नदियाँ और क्षेत्र में बहने वाले नाले के बैक वाटर से यहाँ बारिश में बाढ़ आती है। क्योंकि नर्मदा नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण इन सहायक नदियों का पानी यहीं पर ठहरने लगता है और बाढ़ का खतरा मँडराने लगता है। यहाँ हर साल कितनी बारिश होती है, इसकी जानकारी प्रशासन के पास नहीं रहती है।

 

जिले के सभी ब्लॉक में वर्षा मापक


जिले के 13 ब्लॉक में से 11 में वर्षा मापक यंत्र लगे हैं। निसरपुर में वर्षा मापक यंत्र नहीं है। ऐसे में जिले में जब भी बारिश की गणना या जानकारी ली जाती है, तब सिर्फ निसरपुर ब्लॉक की जानकारी नहीं मिल पाती है। यहाँ की वर्षा का मापदण्ड कुक्षी तहसील मुख्यालय जो यहाँ से 15 किमी दूर है, उसकी गणना को ही मान लिया जाता है। जबकि निसरपुर ब्लॉक ही 25 किमी परिधि के क्षेत्रफल में फैला हुआ है।

 

 

 

बन्द होने के बाद नहीं ली सुध


6 साल पहले जब जनपद पंचायत भवन पुराने निसरपुर में था, तब परिसर में वर्षा मापी यंत्र लगा हुआ था। स्थानीय कृषि विभाग द्वारा इसके आँकड़े भी लिये जाते थे, लेकिन यह वर्षा मापी जर्जर और टूट जाने के बाद से यहाँ के बारिश के आँकड़े मिलना बन्द हो गए। उसके बाद जनपद और कृषि विभाग के नवीन कार्यालय निसरपुर पुनर्वास क्षेत्र में शिफ्ट हो गए। उसके बाद से वर्षा के आँकड़े नहीं मिलते हैं।

 

 

 

बाढ़ नियंत्रण के साथ शासन को नीति निर्धारण में मिलेगी सहायता


निसरपुर क्षेत्र में बाढ़ नर्मदा नदी से बहुत ही कम आती है। नर्मदा में बाढ़ आने के बाद यहाँ की सहायक नदियाँ और नालों में बैक वाटर रुकने से बाढ़ के हालात बनते हैं। यदि यहाँ वर्षा मापी लग जाये तो क्षेत्र में कितनी बारिश हुई है, उससे बाढ़ नियंत्रण में भी सहायता मिलेगी। साथ ही कुक्षी की बारिश के आधार पर जो कृषि सम्बन्धी और सूखे को लेकर नीतियाँ निर्धारण होती हैं, वह निसरपुर क्षेत्र की बारिश के आकलन के आधार पर होने लगेगी।

निसरपुर में वर्षा मापी यंत्र नहीं है, यह मेरे संज्ञान में है। इसे स्थापित करने के लिये जो आवश्यक कागजी कार्रवाई की जाती है, वह प्रोसेस में है... श्रीमन शुक्ल, कलेक्टर, धार

 

 

 

 

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