आपदा

जलवायु परिवर्तन, लगातार खेती और रसायनिक खादों के बहुत ज़्यादा इस्‍तेमाल के चलते हमारी धरती पर साल दर साल बंजर ज़मीनों का दायरा बढ़ता जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश में विकास कार्यों के लिए जंगलों की अंधाधुंध कटाई विनाशकारी साबित हो रही है। इसके चलते आए दिन भूस्‍खलन की घटनाएं होती दिखाई दे रही हैं।
तटीय राज्‍य आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफ़ानों और  भारी बारिश के कारण अचानक बाढ़ आने से बड़े पैमाने पर जानमाल का नुकसान होता है। लोगों को इससे बचाने के लिए सरकार ग्राम पंचायत स्‍तर पर ऑटोमेटिक चेतावनी प्रणाली शुरू कर रही है।
कोसी तटबंध के निवासी हर दिन आवागमन या बाज़ार जाने के लिए नाव का इस्तेमाल करते हैं।
मल्लेपुर गांव के लोग बाढ़ से बचने के लिए अपने परिवार को सुरक्षित स्थान पर जाते हुए।
बीते दिनों उत्‍तराखंड के धराली में आए सैलाब और भूस्‍खलन ने चंद मिनटों में पूरे गांव को तबाह करने के साथ ही एक बड़े इलाके की जलापूर्ति व्‍यवस्‍था को भी ध्‍वस्‍त कर दिया।
आसमान में जमा नदियों के पानी से भारत में भीषण बाढ़ आ सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब की बाढ़ के हवाई दौरे के दौरान ली गई तस्वीर।
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