बलराम तालाबों का वजूद खोजने में जुटा प्रशासन

Submitted by Hindi on Sat, 01/10/2015 - 12:17
Source
नई दुनिया, 9 जनवरी 2015
करोड़ों रुपए की राशि के हेरफेर की आशंका
अभी महज 20 तालाबों की जांच में नहीं मिले 15

टोंकखुर्द क्षेत्र में खुदे बलराम तालाबों को लेकर चौंकाने वाली हकीकत सामने आयी है। बुधवार को जांच दल जिरवाय गांव पहुंचा, वहां 20 तालाबों की जांच की। इनमें से 15 तालाबों का कोई वजूद ही नहीं था। इस गांव में 107 तालाब स्वीकृत किए गए हैं। जिले में अब तक बलराम तालाब योजना में 3500 से अधिक तालाब बने हैं। स्थिति को देखकर लगता है कि करोड़ों रुपए की राशि का हेरफेर है। कलेक्टर ने पूरे जिले के पिछले 3 साल के बलराम तालाबों के भौतिक सत्यापन के आदेश दे दिए हैं। जिरवाय गांव पहुंचे जिला पंचायत सीईओ अभिषेक सिंह, कार्यपालन यंत्री आरईएस पीएस तोमर, उप संचालक कृषि केसी वास्केल का मानना है कि गांव में अनुमानतः 75 तालाबों की मौजूदगी नहीं है।

खेत तालाब, जो अब बलराम तालाब



वर्ष 2006-07 में खेत तालाब के नाम से यह योजना प्रारंभ हुई थी, जो बाद में बलराम तालाब के नाम से चलने लगी। इसमें एक तालाब की पूरी लागत 2 लाख रुपए है। सामान्य किसान को 40 प्रतिशत यानि 80000 और अजा-अजजा के लिए अधिकतम 1 लाख रुपए अनुदान का प्रावधान है। अनुमानतः जिले में 3600 से ज्यादा तालाबों की राशि स्वीकृत हुई है।

तालाबों का रिकॉर्ड भी नहीं


उपसंचालक कृषि केसी वास्केल ने बताया कि टोंकखुर्द ब्लॉक सहित पूरे जिले के खेत तालबों की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है। संचालक किसान कल्याण और कृषि विभाग भोपाल से जांच दल गठित किया गया है। संचालक द्वारा मांगी गई जानकारी कृषि विभाग तैयार कर रहा है। इस वर्ष 500 तालाब स्वीकृत किए गए हैं।

दो दिन में 13 पर गाज


गुरुवार को बलराम तालाब निर्माण में गड़बड़ी पाए जाने पर कलेक्टर आशुतोष अवस्थी ने आठ के विरुद्ध कार्रवाई की है। भूमि संरक्षण सर्वे अधिकारी आबिद अली और तत्कालीन एडीओ जय सिंह तोमर के विरुद्ध आरोप तैयार किए गए हैं। संविदा उपयंत्री भरत झकोरे, तत्कालीन पंचायत सचिव ओमप्रकाश शर्मा और वर्तमान सचिव कैलाश मालवीय को निलंबित किया गया है। रोजगार सहायक जिरवाय हरेंद्र जशोना को पद से हटा दिया गया है। सेवानिवृत आरएईओ आगरोद डीआर सिसौदिया और सेवानिवृत आरएईओ आरसी चौधरी की भी जांच होगी। इधर बुधवार को सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी किसान कल्याण त्रिलोकचंद छाबनिया, भूमि संरक्षण सर्वे अधिकारी टोंकखुर्द कैलाश चौहान, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी पद्भसिंह यादव और कृषि विकास अधिकारी बबलू शाक्य पर भी निलंबन की कार्वाई हो चुकी है। साथ ही सरपंच सुभाष पिता सुंदरलाल पर कार्यवाई के लिए प्रकरण एसडीएम सोनकच्छ को भेजा गया है।

तीन साल के निर्माण की जांच


शासन के निर्देश पर दल गठित कर भौतिक सत्यापन करवा रहे हैं। पिछले तीन साल में स्वीकृत हुए सभी तालाबों की जांच करवाएंगे। -आशुतोष अवस्थी, कलेक्टर देवास।

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