बिहार में बाढ़ :12 जिलों की दर्जनों पंचायतों के लोगों को शिफ्ट करने की तैयारी

Submitted by UrbanWater on Sat, 07/11/2020 - 11:38

लगातार बारिश से बिहार में कई नदियां ऊफान पर हैं, जिससे बाढ़ के हालात बनने लगे हैं। इस बीच मौसम विज्ञान विभाग ने अगले दो-तीन दिनों तक भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाया है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है।

भारी बारिश का पूर्वानुमान

भारतीय मौसमविज्ञान विभाग के पटना मौसमविज्ञान केंद्र की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, उत्तर बिहार के जिलों में तेज बारिश हो सकती है। प्रेस विज्ञप्ति में लिखा है, “राज्य के उत्तरी बिहार के नेपाल से सटे जिलों व साथ लगे जिलों में 9 जुलाई से अगले 72 घंटों के दौरान भारी वर्षापात एवं राज्य के अधिकांश जिलों में वज्रपात की संभावना है। इसके कारण जानमाल के हानि होने के साथ-साथ निचले स्थान में जलजमाव, यातायात बाधित, बिजली सेवा बाधित और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी होने की संभावना है।”

पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अधिकारियों ने बताया कि इसका मुख्य प्रभाव नेपाल के तराई से सटे क्षेत्र और उत्तर तथा मध्य बिहार जिलों पश्चिमी चम्पारण, पूर्वी चम्पारण, गोपालगंज, सिवान, शिवहर, सीतामढ़ी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, सारण, मधुबनी, सुपौल, अररिया, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार में रहने की संभावना है। 

नदियां खतरे के निशान से ऊपर

बिहार में उफनती नदियां फोटो: स्काईमेटबिहार में उफनती नदियां फोटो: स्काईमेट

इधर, भारी बारिश के कारण गंडक, बागमती, कमला, कोसी और महानदी नदी कई फ्लड मॉनीटरिंग स्टेशन पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। गंडक नदी गोपालगंज के डुमरियाघाट गॉज स्टेशन पर खतरे के निशान से ऊपर है। इसी तरह बागमती नदी सीतामढ़ी के ढेंगब्रिज पर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गई है। कमला नदी मधुबनी के झंझारपुर, जयनगर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वहीं, कोसी नदी खगड़िया में खतरे के निशान के ऊपर है।

 

भारी बारिश को देखते हुए बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने जल संसाधन विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग के साथ ही सभी जिलों के जिला मजिस्ट्रेटों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। 

जल संसाधन विभाग के मंत्री संजय कुमार झा ने कहा, “मौसम विज्ञान केंद्र की चेतावनी को देखते हुए  सभी इंजीनियरों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और पटना से भी स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। आम लोग भी अपनी तरफ से सरकार को बाढ़ से संबंधित सूचना मुहैया करा सकते हैं।”

 

“लोगों को शिफ्ट करने की तैयारी पूरी”

इधर, नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ के हालत बनने के मद्देनजर कई जिलों में बचाव की अग्रिम तैयारी चल रही है। जल संसाधान विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, अररिया जिले के 4 प्रखंडों, महानंदा नदी से प्रभावित होने वाले किशनगंज के 3 प्रखंडों, कटिहार के 6 प्रखंडों और कोसी नदी से प्रभावित होने वाले पुर्णिया जिले के रुपौली, बैयसा, बैयसी और आमौर और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलस्तर बढ़ने की स्थिति में राहत शिविरों में स्थानांतरित करने की तैयारी है।

इसके अलावा मुजफ्फरपुर जिले के औराई, कटरा और गायघाट प्रखंडों की 7 पंचायत, सीतामढ़ी जिले के तीन प्रखंडों की 12 पंचायत के अलावा शिवहर, पूर्वी चम्पारण और पश्चिमी चम्पारण के नदी तटबंध के भीतर निचले इलाकों में बसी आबादी को भी जलस्तर बढ़ने पर अन्यत्र स्थानांतरित किया जाएगा।

जल संसाधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया, “कोसी नदी में अभी जलप्रवाह कम है, लेकिन ये लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, अगर कोसी नदी में जलप्रवाह 2 लाख क्यूसेक से ज्यादा होने लगेगा, तो सुपौल के पांच प्रखंड की 22 पंचायत, सहरसा की ढाई दर्जन पंचायत और मधेपुरा की 8 पंचायतों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की तैयारी की गई है।”  

इधर, सीतामढ़ी के रुन्नीसैदपुर में मानुषमारा नदी का जलस्तर बढ़ने से आधा दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। नेपाल के तराई इलाके में भारी बारिश के कारण पश्चिमी चम्पारण में हालात नाजुक बने हुए हैं क्योंकि गंडक बराज बाल्मीकिनगर से गंडक नदी में 1.15 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। डीएम कुंदन कुमार ने कहा है कि तटबंधों की निगरानी के 190 होमगार्ड तैनात किए गए हैं। इसके अलावा इंजीनियरों से कहा गया है कि वे लगातार तटबंधों की पेट्रोलिंग करें।   

बचाव के लिये जनसहयोग जरूरी

हम निरंतर इस बात की अपील कर रहे हैं कि आप भी अपने इलाके में तटबंधों में किसी भी प्रकार की दरार या अन्य कोई समस्या देखें तो तुरंत हेल्पलाइन नं 18003456145 पर कॉल कर जानकारी  साझा करें।

ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

आप इंडिया वाटर पोर्टल (हिन्दी) पर भी जानकारी साझा कर सकते हैं। जानकारी देते समय आप अपना नाम, स्थान, मोबाइल नं., ईमेल और फोटो भी साझा करें। आपकी व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी। 

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मूल आलेख हिंदी में उमेश कुमार राय 

हिंदी से अंग्रेजी अनुवाद स्वाति बंसल

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