जुगाड़ तो देखिए, मिस्ड कॉल से सींच लेते हैं खेत

Submitted by Hindi on Mon, 03/21/2016 - 13:03
Source
राजस्थान पत्रिका, 13, मार्च, 2016

खरसाण के देवीलाल दो किमी दूर घर से ऑन-ऑफ करते हैं कुँए की मोटर, नहीं जाना पड़ता है खेतों तक

स्टार्टर पर हैंडसेड को डिवाइस की तरह सेट कियाखरसाण के देवीलाल मेनारिया को टेक्नो फ्रेंडली फार्मर (तकनीक वाला किसान) कहा जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। कुँए पर पानी की मोटर को वे अपनी मौजूदगी के बिना ही ऑन-ऑफ कर लेते हैं। तकनीक भी बड़ी दिलचस्प है, क्योंकि मोबाइल से जुड़ी है। उनके मिस्ड कॉल पर मोटर चलने के साथ खेत की सिंचाई शुरू हो जाती है और मिस्ड कॉल पर ही बंद भी होती है। देवीलाल बताते हैं, “तीन साल से ऐसे ही अपना काम कर रहा हूँ। अब तक तो परेशानी नहीं हुई। खेत पर जाने के बाद मुझे कुएँ तक जाने की जरूरत महसूस नहीं होती।”

आम हैंडसेट के साथ किए तकनीकी बदलाव, खर्च भी नाम मात्र का


48 वर्षीय देवीलाल ने बताया, जुगाड़ से मोटर ऑन-ऑफ करने के लिये लगाया मोबाइल आम ही है। इसे 2013 में मोडिफाई किया था। मोटर के स्टार्टर में लगाने के साथ उन्होंने मोबाइल वायब्रेट से 6 वोल्ट डीसी रिले को कनेक्ट किया। यह रिले वही है जो टेप-रेडियो में लगती है। फिर इससे 240 वोल्ट एसी रिले को कनेक्ट किया और 240 वोल्ट रिले को स्टार्टर से जोड़ दिया। जब भी वह फोन पर मिस्ड कॉल देते तो फोन के वायब्रेशन (कंपन) से 6 वोल्ट डीसी रिले ऑपरेट होती है। वह 240 वोल्ट एसी को और 240 वोल्ट रिले मोटर के स्टार्टर को ऑन कर देती है। मोटर के बंद होने में यही प्रक्रिया उल्टी हो जाती है। यह जुगाड़ तैयार करने में खर्च भी विशेष नहीं लगा। साधारण मोबाइल के अलावा 1000 रुपए (25 रुपए की 6 वोल्ट डीसी रिले व 975 रुपए की 240 वोल्ट एसी रिले) की जरूरत पड़ी। हालाँकि इनके कनेक्शन और सर्किट तय करने में चार महीने लगे। परिणाम का उत्साह ऐसा रहा कि इसी तकनीक से सिंचाई करे हैं। बकौल मेनारिया, घर से दो किमी की दूरी पर हैं खेत-कुआ। अब घर से मोटर ऑन करता हूँ और पाइप लाइन के जरिए खेत सिंचाई होती रहती है।

आईटीआई कर चुके थे, ऐसे आया आइडिया


मेनारिया ने 1988 में आईटीआई की थी। बिजली से जुड़े कामों में रुचि थी, इसलिये वायरमैन ट्रेड चुनी। अच्छे अंकों से उत्तीर्ण भी हुए, लेकिन इस व्यवसाय में आगे बढ़ने के बजाय खेती को चुना। कुछ साल पारम्परिक रूप से खेती की, लेकिन इसमें श्रम ज्यादा था। इसे कम करने के लिये कुछ छोटे प्रयोग किए, लेकिन बात नहीं बनी। फिर वर्ष 2012 में मोबाइल से मोटर चलाने की तकनीक का आउटलाइन बनाकर काम शुरू कर दिया। उनका यह इनोवेशन गाँव सहित पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

मिस्ड कॉल देकर ऑन-ऑफ करते मेनरिया

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