लोगों को पानी ने तरसाया

Submitted by Hindi on Fri, 04/08/2016 - 11:01
Source
राजस्थान पत्रिका, 08 अप्रैल, 2016

सुक्ता बैराज सूखने के कगार पर : नर्मदा जल की लाइन फिर फूटी

सुक्ता बैराज सूखने की कगार पर है जबकि नर्मदा जल की पाइपलाइन अमलपुरा के पास फिर से फूट गई। आधे शहर में पानी के लिये हाहाकार मचने की आशंका बन पड़ी है। वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में शहरवासी पानी को तरस सकते हैं। सुक्ता बैराज का जलस्तर तलहटी में पहुँच गया है। आशंका है कि पूरी तरह साथ छोड़ देगा। आधे शहर में पेयजल व्यवस्था गड़बड़ाएगी।

निगम के पास वैकल्पिक व्यवस्था के बंदोबस्त कमतर ही नजर आ रहे हैं। ऐसे में लोगों को अपने बूते पानी के बंदोबस्त करने पड़ सकते हैं। बुधवार को ही कई इलाकों में देरी से पानी पहुँचा। मालूम हो कि अब तक नगर निगम ने अतिरिक्त रिजर्व कोटे से दूसरी बार पानी छुड़वाया है। आठ दिन बाद भी ये पानी बैराज तक नहीं पहुँच पाया।

एक नजर

08 दिन में बाँध से बैराज तक नहीं पहुँची पानी

60 एमसीएफटी पानी बाँध से छुड़वाया गया था

01 मीटर से भी कम बचा है सुक्ता बैराज में पानी

 


शहर में पेयजल सप्लाई बनाए रखने के लिये रणनीति बनाई है। नर्मदा जल की पाइपलाइन देखने इंजीनियर्स को भेजा है। उधर, सुक्ता बैराज के पानी की निगरानी की जा रही है।- जेजे जोशी, आयुक्त नगर निगम

 

इंदौर में पानी ने बढ़ाया K1500 तक का बोझ


सूरज के तेवर बढ़ने के साथ ही इंदौर में पीने के पानी का संकट गहराने लगा है। इसका असर शहर की विभिन्न कॉलोनियों के साथ ही बहुमंजिला इमारतों और टाउनशिप के रहवासियों के मासिक बजट पर दिखने लगा है। एक परिवार पर हाजर से डेढ़ हजार रुपए महीने का अतिरिक्त बोझ आ गया है। बारिश के बाद जब तक इमारतों, टाउनशिप में बोरिंग में पानी लौटकर नहीं आता, तब तक उन्हें यह बोझ वहन करना ही पड़े। कई जगह हालात इस कदर खराब है कि टॉयलेट फ्लश के लिये लोग कपड़े धोने का पानी जमा करके रख रहे हैं। भीषण गर्मी के बावजूद कूलर में पानी भी सोच-समझकर डाला जा रहा है। रिंग रोड, बॉम्बे हॉस्पिटल, कनाड़िया रोड, बर्फानी दाम, एबी रोड क्षेत्र की इमारतों में सबसे ज्यादा परेशानी सामने आ रही हैं।

अलग से देने होते पैसे

बोरिंग तो सूख गए। 46 मकान वाले मिलकर टैंकर का खर्च वहन करते हैं। इससे प्रति घर डेढ़ हजार रुए तक का अतिरिक्त खर्च बढ़ गया है। इसके अलावा पानी लगता है तो प्रत्येक परिवार को 500 रुपए धार हजार लीटर टैंकर के अलग से देने होते हैं। - अमित दवे, क्लासिक पूर्णिमा, बॉम्बे हॉस्पिटल

 


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