शीशमबाड़ा प्लांट से पर्यावरण को खतरा

Submitted by Hindi on Sun, 04/08/2018 - 15:00
Source
हिन्दुस्तान, 08 अप्रैल, 2018

 

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से नगर निगम को प्रस्ताव दिया गया है कि कूड़ा जमा करने वालों को इसकी छँटाई की ट्रेनिंग दिलवाये, जिससे कि वे घरों या अन्य जगहों से कूड़ा जमा करते वक्त उसकी छँटाई कर सकें। निगम की ओर से बोर्ड को बताया गया है कि शहर में करीब 130 कूड़ा बीनने वाले लोग हैं, जो निगम के लिये कूड़ा लाते हैं।

देहरादून। शीशमबाड़ा स्थित नगर निगम के कूड़ा निस्तारण प्लांट में कुछ कमियाँ हैं। इसकी वजह से पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। आने वाले समय में ये और ज्यादा खतरनाक हो सकता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्लांट में कमियाँ पाई हैं। इन्हें ठीक करने के लिये नगर निगम को निर्देश दिये गए हैं।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्लांट के निरीक्षण के दौरान पाया कि प्लांट में जो मशीन लगी है उसमें सारा कूड़ा कम्पोस्ट किया जा रहा है। कम्पोस्ट करने से पहले कूड़े की छँटाई की व्यवस्था प्लांट में नहीं है। इससे वहाँ घरों में बची हुई दवाएँ, सेनेट्री नैपकिन, बैटरी, सेल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के छोटे-छोटे पार्ट्स आदि सभी कम्पोस्ट किये जा रहे हैं। इससे बनने वाली खाद को जमीन में मिलाया जाता है।

ये मिट्टी और पानी में जाकर उसे दूषित करेगी। लम्बे समय में इससे पर्यावरण को नुकसान होगा। बोर्ड ने इसे रोकने के लिये नगर निगम और प्लांट बनाने वाली कम्पनी रैमकी को इसे रोकने के निर्देश दिये हैं। बोर्ड ने जाँच में भी पाया कि प्लांट में जो स्कैनर लगा है वह 70 एमएम का है। जो कि छोटी बैटरियाँ, सेल, दवा के पत्ते और अन्य छोटे हानिकारक केमिकल्स वाले पदार्थों को नहीं रोक पाता। उनके कम्पोस्ट होने से भी पर्यावरण को नुकसान होगा।

 

 

 

बोर्ड ने दिया ट्रेनिंग का प्रस्ताव


बोर्ड की ओर से नगर निगम को प्रस्ताव दिया गया है कि कूड़ा जमा करने वालों को इसकी छँटाई की ट्रेनिंग दिलवाये, जिससे कि वे घरों या अन्य जगहों से कूड़ा जमा करते वक्त उसकी छँटाई कर सकें। निगम की ओर से बोर्ड को बताया गया है कि शहर में करीब 130 कूड़ा बीनने वाले लोग हैं, जो निगम के लिये कूड़ा लाते हैं। बोर्ड ने इन्हें अपने स्तर से ट्रेनिंग देने, इन्हें दस्ताने, जूते, मास्क आदि देने की सलाह दी है।

 

 

 

 

ये दिये निर्देश


1. प्लांट में कम्पोस्ट होने से पूर्व कूड़े की छँटाई की जाये।
2. लोगों को जागरूक किया जाये कि वे गीले और सूखे कूड़े को अलग-अलग दें।
3. हफ्ते में एक दिन सिर्फ सूखे कूड़े के लिये गाड़ियाँ लगवाई जाएँ।
4. नगर निगम के लिये कूड़ा बीनने वालों को कूड़ा छँटाई की ट्रेनिंग दी जाये।
5. प्लांट में कम्पोस्ट से पूर्व कूड़े की छँटाई की व्यवस्था की जाये।

प्लांट में कम्पोस्ट से पूर्व कूड़े की छँटाई की कोई व्यवस्था नहीं है। जिससे घरों से निकलने वाली एक्सपायरी दवाओं, केमिकल, बैटरी सहित तमाम हानिकारक उत्पाद भी कम्पोस्ट हो रहे हैं। जो पर्यावरण के लिये खतरा हैं। इसे रोकने के निर्देश नगर निगम और कम्पनी को दिये गए हैं। लोग भी ध्यान रखें। -एसपी सुबुद्धि, सदस्य सचिव प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

प्लांट में कूड़े की छँटाई की व्यवस्था नहीं है। जिसे लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आपत्ति जताई है। इसे दूर करने की कोशिश की जा रही है। कूड़ा छँटाई के लिये योजना बनाई जा रही है। -विजय कुमार जोगदंडे, नगर आयुक्त

 

 

 

 

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