सफलता की कहानी, भाग-6

Submitted by admin on Thu, 10/17/2013 - 15:56
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पानी का अर्थशास्त्र (रेवासागर अध्ययन रिपोर्ट)

रेवा सागर ने असिंचित को भी सिंचित किया।



मेरे द्वारा अपनी ज़मीन में लगभग 20 से 22 जगह नलकूप खनन कराए लेकिन उनमें मात्र 2 ही पानी दे रहे हैं। इनमें मेरे द्वारा लगभग 4 से 5 लाख रूपये का खनन खर्च किया जा चुका है लेकिन मेरे द्वारा अपने खेत पर लगभग 4 एकड़ भूमि तालाब निर्मित किया गया। तब से मैं अभी तक 35 से 40 एकड़ भूमि पर रबी बोवनी हेतु सिंचाई कर चुका हूं एवं आस पास के नलकूप व कुओं का जल स्तर भी लगातार बढ़ रहा है साथ ही मुझे अपनी कृषि भूमि पर एक सिंचाई करने की ओर भी संभावना है। इस तालाब से मैंने अपनी असिंचित भूमि को सिंचित किया है व इसी तालाब से और अधिक सिंचाई क्षेत्र बढ़ने की संभावना है।

अतः मेरा समस्त कृषक भाईयों से अनुरोध है कि जिस तरह मैंने अपनी असिंचित भूमि को तालाब द्वारा सिंचित किया है। वैसे ही आप लोग भी अधिक से अधिक अपने खेतों पर तालाब निर्माण करवाकर अपनी असिंचित भूमि को सिंचित कर सकते हैं।

अशोक सिंह पिता श्री सूरत सिंह यादव, भागीरथ कृषक, निवासी-खातेगांव, जिला देवास (म.प्र.)

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