इस साल अप्रैल में ही पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और प्रचंड धूप के बीच बच्‍चों के लिए स्‍कूल जाना मुश्किल हो रहा है। 

इस साल अप्रैल में ही पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और प्रचंड धूप के बीच बच्‍चों के लिए स्‍कूल जाना मुश्किल हो रहा है। 

स्रोत : विकी कॉमंस

हीटवेव के चलते यूपी में स्कूलों को सख्‍त एडवाइजरी जारी, दिल्‍ली के स्‍कूलों में भी होंगे खास इंतज़ाम

अप्रैल में गर्मी का रिकॉर्ड टूटने के बाद सरकारें आईं अलर्ट मोड पर। स्‍कूलों में ठंडे पानी के इंतज़ाम से लेकर दवाओं की व्‍यवस्‍था और MDM तक पर कई तरह की नसहीतें लागू
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गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में गर्मी नए रिकॉर्ड बना रही है। बांदा में अप्रैल में सर्वाधिक गर्मी का नया रिकॉर्ड बना़ जब 27 अप्रैल को तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। 1951 से अब तक इतनी ज्‍़यादा गर्मी कभी दर्ज नहीं की गई थी। इस रिकॉर्ड तोड़ गर्मी को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने स्‍कूली छात्रों को भीषण गर्मी और हीटवेव से बचाने के लिए स्कूलों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। स्कूलों को दोपहर के समय बाहरी गतिविधियों को नियंत्रित करने और बच्चों के लिए छाया व पानी के विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। 

इस वर्ष प्रदेश के अधिकांश जनपदों में 44 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंचे तापमान और बढ़ती हीटवेव अवधि को देखते हुए सरकार ने पहले से ही व्यापक तैयारी लागू की है।सरकार ने प्रदेश में बढ़ती गर्मी और हीटवेव के खतरे को देखते हुए प्रदेश के सभी विद्यालयों में विशेष सुरक्षा इंतजाम लागू करने की एडवाइजरी जारी कर दी है। विद्यालयों में हीटवेव से बचाव के उपाय, समयबद्ध गतिविधियां और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए यह निर्देश जारी किए गये हैं - 

  • दोपहर 12 से 3 बजे के बीच धूप में बाहर निकलने से बचें।

  • पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस या तरल पदार्थ लेते रहें।

  • हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें।

  • सिर को टोपी/गमछे से ढककर रखें।

  • धूप में खेलकूद या ज्यादा शारीरिक गतिविधि से बचें।

  • चक्कर, कमजोरी या उल्टी जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत आराम करें और चिकित्सा लें।

  • स्कूलों में बच्चों को छायादार स्थान और पीने के पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

एमडीएम और दवाओं के वितरण से तैयारी होगी मजबूत

मध्याह्न भोजन (MDM) को इस पूरी रणनीति में अहम भूमिका दी गई है। बच्चों को गर्मी के प्रभाव से बचाने के लिए MDM में ऐसी चीजेें देने को कहा गया है, जो पोषण और स्वास्थ्य दोनों की दृष्टि से अनुकूल हों। गर्मी के दौरान इसे केवल भोजन योजना तक सीमित न रखकर स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रभावी माध्यम के रूप में उपयोग करने पर सरकार का फोकस है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग को ओआरएस, ग्लूकोज, इलेक्ट्रोलाइट्स, आयरन की गोलियों और प्राथमिक उपचार किट पर्याप्त संख्या में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए आयरन की पिंक गोलियां वितरित करने तथा कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए आयरन की नीली गोलियां उपलब्ध कराने को कहा गया है। स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों तक इनकी आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है। दवाओं की निर्धारित समयानुसार खुराक सुनिश्चित कराने के लिए शिक्षकों को भी सहयोग करने के निर्देश हैं।

दिल्ली में भी ऐहतियात : बच्‍चों को हर घंटे हाइड्रेशन ब्रेक, बजेगी वॉटर बेल

देश की राजधानी नई दिल्‍ली में भी दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने प्रचंड गर्मी के मद्देनज़र स्‍कूलों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। नआदेश के अनुसार खुले मैदान में होने वाली प्रार्थना सभाओं और कक्षाओं पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। यदि सभा आयोजित करना जरूरी हो, तो उसे कम समय के लिए और छायादार या भवन के भीतर ही किया जाए। साथ ही स्कूलों में पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ और ठंडा पेयजल उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है। साथ ही बच्चों को हर 45-60 मिनट बाद 'हाइड्रेशन ब्रेक’ दिया जाएगा और पीने की पानी की याद दिलाने के लिए घंटी यानी ‘वॉटर बेल’ बजाई जाएगी। भीषण गर्मी की स्थिति से निपटने के लिए स्कूल हाइड्रेशन ब्रेक देने से लेकर ओआरएस के सेवन और संशोधित निकासी समय तक के उपायों को कड़ा कर रहे हैं। 

भीषण गर्मी को देखते हुए सभी आउटडोर खेल और शारीरिक गतिविधियां फिलहाल बंद रहेंगी। बच्चों को हल्के सूती कपड़े पहनने और साफ-सफाई बनाए रखने के लिए भी जागरूक किया जाएगा। स्कूलों में हीटवेव और हीट स्ट्रोक के लक्षणों पर विशेष जागरूकता सत्र आयोजित होंगे। जरूरत पड़ने पर तुरंत प्राथमिक उपचार की व्यवस्था भी अनिवार्य होगी। हर स्कूल में एक नोडल शिक्षक नियुक्त किया जाएगा और 2 मई 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट जमा करनी होगी।

हालांकि कई स्‍कूलों ने पहले से ही अपने छात्रों को गमी व लू के कहर से बचाने के लिए अपने स्‍तर पर सावधनियां बरतनी शुरू कर दी हैं। बढ़ते तापमान और दोपहर की तेज धूप को देखते हुए छात्रों को गर्मी से होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए बाहरी (आउटडोर) गतिविधियों को स्‍थगित कर दिया है। प्रार्थना सभाओं को भी अंदर स्थानांतरित करना भी ऐसा ही एक कदम है। इसे अलावा कुछ स्कूल जूनियर कक्षाओं के लिए जल्दी छुट्टी देने पर भी विचार कर रहे हैं। 

द्वारका स्थित आईटीएल पब्लिक स्कूल में सुबह की सभा और खेलों सहित सभी बाहरी गतिविधियों को स्कूल के बहुउद्देशीय हॉल में स्थानांतरित कर दिया गया है। स्‍कूल प्रबंधन ने सभी अभिभावकों को सलाह जारी की है कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजने से पहले एहतियाती उपाय करें। इसके साथ ही स्‍कूल प्रबंधन मौसम की स्थिति बिगड़ने की स्थिति में 14 मई से कक्षा 1 से 8 तक के लिए स्कूल बंद करने की योजना बना रहा है।

ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित टैगोर इंटरनेशनल स्कूल में सभी बाहरी गतिविधियों को निलंबित कर दिया गया है, जिससे छात्र अब कैरम और शतरंज जैसे इनडोर खेल खेल रहे हैं। इससे दोपहर में गर्मी के संपर्क में आने का खतरा कम हो जाता है। छात्रों को दोपहर के व्यस्त समय के दौरान घर के अंदर रहने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है। साथ ही छात्रों को छुट्टी के समय टोपी पहनने या छाते का इस्तेमाल करने की भी सलाह दी गई है।

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