बेंगलुरु का सिल्क बोर्ड फ्लाईओवर
फोटो - अजय मोहन
कावेरी वाटर को बचाने का नया प्लान, बेंगलुरु में अपार्टमेंट में रहने वाले वाले लोगों की भूमिका होगी अहम
बढ़ते तापमान के साथ कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु बीते कई वर्षों से भारी जल संकट से जूझ रही है। शहर के लगभग सभी अपार्टमेंट में जल आपूर्ति के लिए टैंकरों से पानी पहुंचाया जाता है, वहीं एकल घरों में पाइप लाइन के माध्यम से पीने का पानी पहुंचाया जाता है। क्या आप जानते हैं शहर की करीब 60 प्रतिशत आबादी के लिए पीने का पानी कावेरी नदी से आता है। निर्भरता इतनी अधिक है कि एक दिन भी वाटर सप्लाई रुकने पर हाहाकार मच जाता है। ऐसे में नगर निकाय ने एक नई योजना बनायी है, जिससे कावेरी वाटर पर निर्भरता को कम किया जा सकेगा।
दरअसल बेंगलुरु वाटर सप्लाई एंड सीवेज बोर्ड (BWSSB) ने एक प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत शहर की इमारतों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएंगे। ये सिस्टम आम लोगों के घरों में लगाए जाएंगे, वो अपार्टमेंट भी हो सकते हैं और एकल घर भी।
BWSSB ने यह प्रस्ताव तब तैयार किया जब भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ओर से चेतावनी जारी की गई कि आने वाले मॉनसून में कम बारिश होने की आशंका है। बढ़ते तापमान के साथ देश के लगभग हर शहर में भूजल स्तर नीचे जा रहा है, यही हाल बेंगलुरु का भी है। ऐसे में रेन वाटर हार्वेस्टिंग एक अच्छा विकल्प बन कर सामने आया है। इससे न केवल भूजल पर निर्भरता कम होगी बल्कि सतही पानी यानि कि बेंगलुरु में आने वाले कावेरी वाटर पर भी दबाव कम होगा। इसमें कोई शक नहीं है कि इस योजना के सफल होने पर बैंगलोर के जल संकट को कम किया जा सकता है।
वर्षा जल संचयन से जुड़ी BWSSB की योजना क्या है?
वर्तमान में जिन अपार्टमेंट में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगा है, उनके मासिक बिल में पेनाल्टी आती है। जिसका भुगतान उपभोक्ताओं को हर महीने करना पड़ता है। BWSSB की नई स्कीम के तहत शहर की रिहाईशी इमारतों में आधुनिक तकनीक वाले वर्षा जल संचयन सिस्टम लगाये जाएंगे। इसमें आने वाली लागत को आने वाले महीनों में पानी के बिल में मासिक धनराशि के रूप में रखा जाएगा। अब जिन अपार्टमेंट में यह सिस्टम लग जाएगा उन्हें पेनाल्टी की जगह इस खर्च को देना होगा, वो भी तब तक जब तक लागत वसूल नहीं हो जाती।
BWSSB के अनुसार हर महीने बेंगलुरु के करीब 49,400 घरों से करीब 3 करोड़ रुपए रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली नहीं होने पर लगायी जाने वाली पेनाल्टी के रूप में वसूल की जाती है।
मैसूर के पास कावेरी नदी
फोटो - अजय मोहन
स्थानीय अखबार डेक्कन हेरल्ड में प्रकाशित खबर के अनुसार BWSSB ने इस योजना को ट्रायल के रूप में शहर की 70 अलग-अलग जगहों पर शुरू भी कर दिया है। BWSSB के चेयरमैन डॉ. रामप्रसात मनोहर वी ने अखबार से बातचीत में कहा, “हमारा अगला लक्ष्य शहर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग के इस अभियान को आगे बढ़ाना है। इस योजना के तहत लगाये जाने वाले सिस्टम स्वयं BWSSB ने तैयार किए हैं। थर्ड जैनरेशन वाला यह सिस्टम इच्छुक उपभोक्ताओं की बिल्डिंग में लगाए जाएंगे।”
डॉ. रामप्रसात ने आगे कहा कि इससे न केवल पानी संग्रहीत किया जा सकेगा बल्कि कावेरी वाटर पर निर्भरता कम होगी। उन्होंने कहा कि इससे आगे चलकर पानी का बिल भी कम हो जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 70 जगहों पर लागू किया गया है, पूरे शहर में योजनाबद्ध तरीके से इसे कैसे आगे बढ़ाया जाए, इस पर अगली बोर्ड मीटिंग में फैसला लिया जाएगा।
बेंगलुरु में औसतन कितनी बारिश होती है?
BWSSB के रिकॉर्ड के अनुसार बेंगलुरु में औसत बारिश 750 मिली मीटर प्रति वर्ष होती है, जिसमें केवल ग्रेटर बैंगलोर (क्षेत्रफल 1250 वर्ग किलाेमीटर) को 33 TMC (Thousand Million Cubic feet) यानि 3300 करोड़ घन फीट पानी मिलता है।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग से कावेरी वाटर पर निर्भरता कैसे कम होगी?
अरकावती स्कीम के तहत बेंगलुरु के करीब 16 लाख लोगों के लिए पीने का पानी शहर से 86 किलोमीटर दूर स्थित कावेरी नदी से पाइप के जरिए लाया जाता है। चूंकि शहर में पया जाने वाला भूजल खारा होता है, इसलिए लोग पीने के लिए कावेरी वाटर पर अधिक निर्भर हैं। जाहिर है रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने से वर्षा जल जोकि मीठा पानी होता है, उसको संचित किया जा सकेगा और उसका इस्तेमाल तमाम उन कार्यों में किया जा सकेगा जिसमें अभी कावेरी वाटर का इस्तेमाल होता है।
प्रति दिन कितना कावेरी वाटर बैंगलोर को सप्लाई किया जाता है?
1450 MLD - यानि 1450 मिलियन लीटर प्रति दिन पानी कावेरी नदी से बैंगलुरु सप्लाई किया जाता है। यह पानी बेंगलुरु शहर और आस-पास के 100 गॉंवों में सप्लाई किया जाता है। BWSSB के अनुसार करीब 10.15 लाख घरों में पानी का कनेक्शन है। और 2026 अप्रैल तक के डाटा के अनुसार घर-घर पानी पहुंचाने के लिए BWSSB द्वारा अब तक 8746 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है।
बेंगलुरु में प्रति व्यक्ति पानी का खर्च कितना है?
बेंगलुरु में लोगों तक दो तरह से पानी पहुंचता है - ग्राउंड वाटर यानि भूजल और दूसरा नल द्वारा कावेरी वाटर। ग्राउंड वाटर का अनुमानित आंकड़ा 100 से 150 लीटर प्रति व्यक्ति प्रति दिन है। लेकिन केवल कावेरी वाटर की बात करें तो BWSSB के अधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार 108 लीटर प्रति व्यक्ति प्रति दिन है।
बेंगलुरु में प्रति माह कितना पानी सप्लाई किया जाता है?
भूजल का कोई अधिकारिक आंकड़ा नहीं है, लेकिन BWSSB के अधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार 42,200 ML यानि 4.22 करोड़ लीटर प्रति माह पानी बेंगलुरु में सप्लाई किया जाता है। इसके लिए 57 ग्राउंड लेवल रिज़वॉयर हैं जिनमें करीब 8.85 करोड़ पानी आता है। 36 ओवर हेड टंकियां हैं जिनकी क्षमता करीब 3.3 करोड़ लीटर है। शहर में कुल 62 पंपिंग स्टेशन हैं। और जिन क्षेत्रों में पाइप से पानी नहीं पहुंच पाता है, वहां टैंकरों से पानी पहुंचाया जाता है और इस कार्य के लिए विभाग के पास 68 टैंकर हैं।
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