जलचक्र (The Water Cycle)

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धरती पर कितना पानी उपलब्ध है?

o पृथ्वी पर पानी अधिकतर तरल अवस्था में उपलब्ध होता है, क्योंकि हमारी धरती (सौर व्यवस्था) “सोलर सिस्टम” की सीध में स्थित है, अतः यहाँ तापमान न तो इतना अधिक होता है कि पानी उबलने लगे न ही तापमान इतना कम होता है कि वह बर्फ़ में बदल जाये।

o जब पानी जमता है तब वह विस्तारित होता है यानी फैलता है, जबकि ठोस बर्फ़ तरल पानी में तैरती है।

मुक्त पानी की गतिविधि

• बारिश, ओस, बर्फ़ आदि के रूप में धरती पर वापस आता है

• धरती पर बहते हुए अन्त में पुनः समुद्र में मिलता है

• कभीकभार यह पानी बहते हुए मृत सागर अथवा ग्रेट साल्ट लेक जैसी एक “बेसिन” में एकत्रित हो जाता है।

• जबकि “ड्रेनेज बेसिन” उस क्षेत्र को कहा जाता है जहाँ बारिश के पानी को नहरों, झीलों, नदियों व बाँधों आदि के रूप में सहेजा जाता है।

जल-चक्र

• पुनः यही पानी धरती पर वर्षाजल के रूप में गिरता है।

• बहते हुए यह पानी समुद्र में जा मिलता है।

पानी के विभिन्न उपयोग

• कपड़े धोने के लिये

• खाना बनाने, पीने के लिये

• साफ़-सफ़ाई करने के लिये

• तैरने व अन्य आनन्द लेने के लिये

मुक्त पानी कहां मिलता है

• शुद्ध पानी के अधिकतर स्रोत पृथ्वी के उत्तरी गरम इलाके में मौजूद हैं।

• इस धरती के शुद्ध जल में से 20% मुक्त जल कनाडा में है,

• 20% जल रूस की बैकाल झील में है,

• बाकी का शुद्ध जल विभिन्न नदियों, झीलों, तालाबों, आदि में उपलब्ध है।

• भूमध्यरेखा के 20 डिग्री उत्तर और दक्षिण में ऊष्णकटिबंधीय वर्षा वन (रेन फ़ॉरेस्ट) फ़लते-फ़ूलते हैं।

• जबकि भूमध्यरेखा के 20 से 35 डिग्री उत्तर-दक्षिण में विभिन्न रेगिस्तान हैं।

• जबकि इस डिग्री से उत्तर-दक्षिण में बढ़ने पर रेगिस्तान में भी प्रचुर मात्रा में नमी मिलती है।

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