संघर्ष और विवाद

तमिलनाडु में जलाशयों और टैंकों पर फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) भी ऊर्जा उत्पादन के लिए जल-निकायों का उपयोग करने पर ज़ोर देता है।
अप्रैल-मई में इस प्रकार हुआ था केन-बेतवा परियोजना के खिलाफ आंदोलन 
खेजड़ी के पेड़ की जड़ें रेगिस्‍तान की रेतीली ज़मीन को कस कर पकड़ कर रखती हैं, जिससे मरुस्‍थलीकरण को रोकने में मदद मिलती है।
वधावन पोर्ट कॉरिडोर के लिए बड़े पैमाने पर वन भूमि डायवर्जन और मैंग्रोव कटाई के बीच सवाल उठ रहा है कि क्या compensatory afforestation वास्तव में तटीय जल प्रणालियों और भूजल संतुलन की भरपाई कर सकती है।
खरक बांध परियोजना साइट
कुकरैल नदी के किनारे सुरक्षित वन क्षेत्र पेड़ों की कटाई और बढ़ते अतिक्रमण व शहरीकरण के कारण खतरे में है। 
अंतरिक्ष से कुछ ऐसा दिखता है हॉर्मुज़ जलडमरू मध्‍य, उपग्रह से लिया गया ओमान की खाड़ी में स्थित हॉर्मुज़ का चित्र। 
राठीखेड़ा और टिब्बी जैसे आसपास के क़स्बों में रहने वाले लोगों ने फैक्ट्री प्रस्ताव के सामने आते ही इसका विरोध शुरू कर दिया था।
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