जल संरक्षण

सुव्यवस्थित समोच्च खेतीं
रूफटॉप रेनवॉटर हार्वेस्टिंग (वर्षाजल संचयन) कोई नई तकनीक नहीं है। भारत के कई हिस्सों में लोग सदियों से छतों का पानी टंकियों, कुंडों और भूमिगत जलाशयों में जमा करते रहे हैं।
कुईं
बारिश का स्‍तर मापने का सर्वाधिक प्रचलित उपकरण यह बेलनाकार वर्षामापी है, जबकि भूजल रिचार्ज स्‍ट्रक्‍चर के ज़रिये ज़मीन के भीतर जाने वाले वर्षा जल को मापने के लिए फ्लो मीटर का इस्‍तेमाल किया जाता है।
ढलानों पर कंटूर ट्रेंच बनाने से बारिश का पानी बह कर बर्बाद होने के बजाय उसमें जमा होकर भूजल को रिचार्ज करता है।
विश्व जल दिवस की शुरुआत किसी एक देश या संस्था की पहल नहीं, बल्कि उस दौर की बढ़ती वैश्विक चिंताओं का नतीजा है।
प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण
बालिकुमा गॉंव का प्राचीन कुआं  
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