नीतियां और कानून

भोपाल-अयोध्‍या बायपास पर पेड़ों का हाल
उत्‍तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के बड़ा तालाब और सिंघानिया तालाब को अब संरक्षित वेटलैंड का दर्ज़ा प्राप्‍त हो गया है।
शहरी इलाकों में सहायक नदियां और नाले अकसर अतिक्रमण का शिकार हो जाते हैं। इससे न केवल जल निकासी प्रभावित होती है, बल्कि भूजल के रिचार्ज में भी बाधा उत्‍पन्‍न होती है।  
ऊपरी हिमालय में हाइड्रो प्रोजेक्ट्स को लेकर बदलता सरकारी रुख एक बड़े नीति बदलाव का संकेत दे रहा है।
केंद्रीय जल आयोग देश की नदियों और बांधों के जलाशयों के जलस्‍तर पर नज़र रखने के साथ ही बाढ़ और सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं की पूर्व सूचनाएं भी जारी करता है। 
अपने विशाल जल भंडार के कारण भाखड़ा नांगल बांध उत्‍तर भारत के लिए बिजली उत्‍पादन, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण की दृष्टि से काफी महत्‍वपूर्ण है। 
बुंदेलखंड की जल समस्या के समाधान के तौर पर पेश की गई केन-बेतवा लिंक परियोजना अब ज़मीनी विरोध, पर्यावरणीय जोखिम और पुनर्वास के सवालों में घिर गई है। चित्र: indiatv.com
झारखंड की जल सहियाओं के उदाहरण से समझा जा सकता है कि  इंफ्रास्ट्रक्चर के बावजूद सेवाएं अस्थिर हैं।
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