पर्यावरण

बाराबंकी की कमरावां झील विदेशी प्रवासी पक्षियों का एक बड़ा आश्रय स्‍थल बनकर उभरी है, पर वेटलैंड्स पर अतिक्रमण व पर्यटन को बढ़ावा देने के नाम पर हो रहे निर्माणों के चलते यह प्राकृतिक स्‍थल खतरे में पड़ते जा रहे हैं।
Gandhi Setu Patna
उद्योगों के संचालन और बिजली उत्‍पादन जैसी गतिविधियों से भारी मात्रा में ग्रीन हाउस गैसों का उत्‍सर्जन ग्‍लोबल वॉर्मिंग की प्रमुख वजह है। इसे कार्बन कैप्‍चर के ज़रिये ही नियंत्रित किया जा सकता है। 
केरल के मडबैंक प्रकृति की अनूठी धरोहर हैं, जिनका अपना ही एक पारस्थितिक तंत्र होता है।
वुलर झील
ट्रकों का धुआं कार्बन डाईऑसाइड (CO₂) जैसी ग्रीन हाउस गैस के उत्‍सर्जन तक सीमित नहीं है, बल्कि नाइट्रस ऑक्‍साइड (NOx) और सल्‍फर डाईऑसाइड (SOx) जैसी ज़हरीली गैसें हवा की गुणवत्‍ता को गंभीर रूप से प्रभावित कर ही हैं।
उत्‍तर प्रदेश के एटा जिले के जलेसर के पास स्थित पटना पक्षी विहार को हाल ही में  रामसर साइट घोषित कर दिया गया है।
वलयाकार सूर्यग्रहण
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