पर्यावरण

चंडीगढ़ की लाइफलाइन कही जाने वाली सुखना लेक अब रामसर साइट बन गई है।
नदियों में घटती ऑक्सीजन: मछलियों और दूसरे जलीय जीवों के लिए कितना बड़ा खतरा?
पर्यावरण संरक्षण का उद्देश्य, सरोकार और उम्मीदें, pc-indian wire
नंदी हिल्स, बेंगलुरु | फ़ोटो - अजय मोहन 
अमरकंटक में 1.56 लाख साल के पेड़ों की कटाई, जंगल के साथ पानी और मिट्टी का क्या होगा?
फोटो: टी. आर. शंकर रमन / विकिमीडिया कॉमन्स
बांस पर्यावरण के लिए महत्‍वपूर्ण और एक बहु उपयोगी पौधा है इसके बावजूद दुनिया में बांस के जंगल घटते जा रहे हैं। 
इको-रिस्टोरेशन का मतलब केवल पेड़ लगाना नहीं, बल्कि पूरे पारिस्थितिक तंत्र को फिर से कार्यशील बनाना है। 
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