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सांगानेर इलाक़े में हो रहे कंक्रीट निर्माणों और कपड़ा उद्योगों के बीच सिमटती जा रही है जयपुर की चंदलाई झील
जलवायु परिवर्तन के चलते बढ़ते तापमान के कारण साल दर साल सिमटता जा रहा है। थाजीवास ग्‍लेशियर का दायरा।
Prof Madhav Gadgil
जलापूर्ति की पाइप लाइनों में जगह-जगह लीकेज के कारण लाखों लीटर पेयजल रोज़ बर्बाद हो जाता है।
जलापूर्ति से पूर्व इस तरह की जाती है वाटर ट्रीटमेंट प्‍लांट में पानी के नमूनों की जांच ।
सरकारी आंकड़े बताते हैं कि शहरी इलाक़ों में पुरानी पाइपलाइनें, उच्च जनसंख्या घनत्व और अपर्याप्त नेटवर्किंग दूषित पानी के सेवन की समस्या को बढ़ाती हैं।
समस्या सिर्फ कचरे तक सीमित नहीं है, इसका असर पानी, स्वास्थ्य और शहर के प्रशासन पर भी पड़ता है।
पेयजल की पाइप लाइन में सीवर लाइन का गंदा पानी मिल जाने पर नलों से मिलने वाला पानी गंभीर बीमारियों की वजह बन जाता है, जैसा कि इंदौर में देखने को मिला है।
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