जिस तरह से लुठियाग गाँव के ग्रामीणों ने 40 मीटर लम्बी और 18 मीटर चौड़ी झील का निर्माण किया इसी तरह ही लोग चाल-खाल का निर्माण करते थे। इस निर्माण में कहीं पर भी सीमेंट का इस्तेमाल नहीं है। इस चाल को जमीन के अन्दर खोदा गया है। बस इसी में बरसात का पानी एकत्रित होता है, जो निचले स्थानों के प्राकृतिक जलस्रोतों को तरोताजा रखने का यह अद्भुत तरीका लोक ज्ञान मेें ही मिलता है। जिसे लुठियाग गाँव के लोगों ने इतनी बड़ी चाल का निर्माण करके बता दिया कि जल संरक्षण में लोक ज्ञान ही महत्त्वपूर्ण है।
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