नई दिल्‍ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (IIC) में वाटर ट्रांसवर्सैलिटी ग्लोबल अवार्ड्स 2026 के पुरस्‍कार वितरण समारोह का दीप जलाकर उद्घाटन करते लोकसभा अध्‍यक्ष ओम बिड़ला। 

 

स्रोत: इंस्‍टाग्राम (लोकसभाध्‍यक्ष)

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पानी के लिए बेहतरीन काम करने वालों को नई दिल्‍ली में मिला ‘वाटर ट्रांसवर्सैलिटी ग्लोबल अवार्ड्स 2026'

SRHU, IOTA Water, AIESL, DS ग्रुप, अर्पित कुमार और डॉ. अरविंद को मिला पुरस्‍कार। लोकसभा अध्‍यक्ष ओम बिड़ला ने जल संरक्षण के लिए ‘रिड्यूस, रीयूज, रीचार्ज और रीसाइकल’ के मंत्र को अपनाने पर जोर दिया।

Author : कौस्‍तुभ उपाध्‍याय

देश की राजधानी नई दिल्‍ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (IIC) में आयोजित वाटर ट्रांसवर्सैलिटी ग्लोबल अवार्ड्स एंड कॉन्क्लेव में पानी के मुद्दों पर काम करने वाले लोगों और संस्‍थानों को वाटर ट्रांसवर्सैलिटी ग्लोबल अवार्ड्स 2026 से सम्‍मानित किया गया। पुरस्‍कार के विजेताओं में स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (SRHU), डीएस ग्रुप,  इओटा वॉटर (IOTA Water), अर्पित कुमार (MAHE छात्र) और डॉ. अरविंद कुमार (अध्यक्ष, IWF) आदि  शामिल रहे, जिन्‍हें विभिन्‍न क्षेत्रों में जल संरक्षण संबंधी योगदान के लिए लोकसभा अध्‍यक्ष ओम बिड़ला के हाथों पुरस्‍कृत किया गया। 

पुरस्‍कार वितरण से पहले समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जल संरक्षण के लिए ‘रिड्यूस, रीयूज, रीचार्ज और रीसाइकल’ के मंत्र को अपनाने पर जोर दिया। मानवता के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए जल संरक्षण आवश्यक है और जन प्रतिनिधियों सहित सभी हितधारकों को इस दिशा में मिलकर काम करना चाहिए। उन्‍होंने सतत विकास और वैश्विक सहयोग के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि विकास और पर्यावरण को परस्‍पर विरोधी शक्तियों के रूप में नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्‍होंने जल संबंधी चुनौतियों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए इंडिया वाटर फाउंडेशन और अंतरराष्ट्रीय जल मंच जैसी संस्‍थाओं की सराहना की।

लोकसभा अध्यक्ष ने ‘कैच द रेन’ और ‘जल जीवन मिशन’ जैसी सरकारी पहलों का जिक्र करते हुए इन अभियानों को सफल बनाने में जन भागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका बताई। पानी के साथ ही उन्होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा और हरियाली को बढ़ावा देने के लिए की जाने वाली हरित पहलों को भी पर्यावरण की सुरक्षा के लिए महतवपूर्ण बताया। श्री बिरला ने कहा कि यह पहलें  भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं को मजबूत और देश को सतत विकास की ओर बढ़ने में मदद कर रही कर रही हैं। सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन के क्षेत्र में भारत की प्रगति उल्लेखनीय है। केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता की। कार्यक्रम की इस वर्ष की थीम "ESG Transversality for a Sustainable Water-Energy-Health & Environment Nexus" यानी एक टिकाऊ जल-ऊर्जा-स्वास्थ्य और पर्यावरण संबंध के लिए ESG ट्रांसवर्सैलिटी रखी गई थी।

समारोह में विजेताओं को पुरस्‍कार वितरित करते लोकसभा अध्‍यक्ष ओम बिड़ला। 

नई दिल्ली में 6-7 मार्च 2026 को आयोजित इस समारोह में पुरस्‍कार प्राप्‍त करने वाले विजेताओं का विवरण इस प्रकार है:

  • स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (SRHU): इन्हें 'इंटरनेशनल वॉटर ट्रांसवर्सैलिटी ग्लोबल अवार्ड' से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उत्तराखंड के 600 गांवों में जल संरक्षण के लिए मिला।

  • डीएस ग्रुप (Dharampal Satyapal Limited): इन्हें 'सर्वश्रेष्ठ पर्यावरण स्थिरता' (Best Environment Sustainability in Water Conservation) श्रेणी में पुरस्कार मिला।

  • अर्पित कुमार (MAHE छात्र): इन्हें आर्सेनिक हटाने की नई तकनीक विकसित करने के लिए 'इनोवेशन इन वॉटर टेक्नोलॉजी' श्रेणी में सम्मानित किया गया।

  • इओटा वॉटर (IOTA Water) निको नैनोबबल इंडिया कंपनी की पहल : इसे जल प्रौद्योगिकी में नवाचार (Innovation in Water Technology) के लिए पुरस्कार दिया गया।

  • डॉ. अरविंद कुमार (अध्यक्ष, IWF): इन्हें 'मोस्ट इम्पैक्टफुल वॉटर मैनेजमेंट लीडर' के रूप में व्यक्तिगत सम्मान मिला।

  • AI इंजीनियरिंग सर्विसेज़ लिमिटेड (AIESL) को डीकार्बोनाइज़ेशन को-बेनिफिट्स अवार्ड दिया गया। AIESL भारत की सबसे बड़ी सरकारी MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) ऑर्गनाइज़ेशन है, जो कमर्शियल और थर्ड-पार्टी एयरलाइंस को एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस में स्पेशलाइज़ करती है।

कार्यक्रम का उद्घाटन सत्र 6 मार्च को हुआ, जिसकी अध्यक्षता भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने की। इस सत्र में विश्व जल परिषद के अध्यक्ष श्री लोइक फॉचॉन, भारत सरकार के नीति आयोग के श्री युगल जोशी, भारतीय जल परिषद प्राधिकरण (आईडब्ल्यूआरए) की उप कार्यकारी सचिव सुश्री उलरीके केल्म और भारतीय जल फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार सहित कई प्रतिष्ठित वैश्विक और राष्ट्रीय नेता भी शामिल हुए, जिन्‍होंने एकीकृत जल प्रबंधन, स्थिरता और ग्रह के कल्याण पर अपने विचार साझा किए।

कार्यक्रम के दौरान इंडिया वाटर फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार की पुस्तक 'Friday Epiphanies' और इंडिया पोस्ट द्वारा एक विशेष कवर (Commemorative Special Cover) भी जारी किया गया। साथ ही "सतत जल-ऊर्जा-स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के बीच संबंध के लिए ईएसजी की व्यापकता को समझना" विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भी आयोजित किया गया। दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में लगभग 30 देशों के अंतरराष्ट्रीय संगठनों, सरकारी संस्थानों, अकादमिक विशेषज्ञों और उद्योग जगत के नेताओं के साथ उच्च स्तरीय पूर्ण सत्र, नेतृत्व संवाद, तकनीकी प्रस्तुतियों और नीतिगत चर्चाओं में भाग लिया। इसमें जल-ऊर्जा-पर्यावरण-स्वास्थ्य के बीच अंतर्सं(बंध, ईएसजी की व्यापकता, जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता, जल चक्रीयता और वैश्विक स्वास्थ्य कूटनीति के लिए सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा की गई।

वाटर ट्रांसवर्सैलिटी ग्लोबल अवार्ड्स का उद्देश्य उन संस्थानों, नेताओं और संगठनों को सम्मानित करना है जो जल क्षेत्र में परिवर्तनकारी समाधानों का नेतृत्व कर रहे हैं और जल, ऊर्जा, पर्यावरण और स्वास्थ्य प्रणालियों में एकीकृत विकास को बढ़ावा दे रहे हैं। यह सम्मेलन भारत और विश्वभर के प्रख्यात नेताओं और विशेषज्ञों को एक साथ लाने के लिए बुलाया गया, ताकि सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के अनुरूप अंतर-क्षेत्रीय सहयोग, नवाचार और नीति एकीकरण के माध्यम से वैश्विक जल चुनौतियों के समाधान पर विचार-विमर्श किया जा सके।

इंडिया वाटर फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम में शामिल होने वाले साझेदारों में ग्लोबल वाटर पार्टनरशिप, वर्ल्ड वाटर काउंसिल, इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN), यूनाइटेड नेशंस ऑफिस फॉर प्रोजेक्ट सर्विसेज (UNOPS), इंटरनेशनल कमीशन ऑन इरिगेशन एंड ड्रेनेज (ICID), इंस्टीट्यूट फॉर स्टडीज इन इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट (ISID), वेटलैंड्स इंटरनेशनल, ग्लोबल अलायंस फॉर ए सस्टेनेबल प्लैनेट (GASP), BBC मीडिया एक्शन, ICARS-IIT रुड़की, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, HPCL, BPCL, GAIL इंडिया, अनोंदिता मेडिकेयर, सुलभ इंटरनेशनल और एसएम सहगल फाउंडेशन शामिल रहे।

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