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पानी और हम: बेंगलुरु में एक अनोखी प्रदर्शनी और स्टोरी टेलिंग सत्र, 29 मार्च को

Author : कौस्‍तुभ उपाध्‍याय

अक्सर हम पानी की बात तभी करते हैं जब वह हमारे लिए मुसीबत बन जाता है। यानि जब कभी बाढ़ आती है या सूखे के दौरान बूंद-बूंद के लिए हम कतारों में खड़े होते हैं। लेकिन क्या पानी का अस्तित्व सिर्फ इन दो चरम सीमाओं के बीच ही है? हकीकत में, पानी का असली चेहरा उन रोजमर्रा की जिंदगियों में छिपा है, जिसे हम अक्सर अनदेखा कर देते हैं। पानी को लेकर जिंदगियों को छूने वाली कहानियां हम आपके लिए लेकर आये हैं। 

इंडिया वाटर पोर्टल की ओर से बेंगलुरु में “पानी और हम” विषयक प्रदर्शनी और स्टोरी टेलिंग सेशन का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर हम आपको उन कहानियों के करीब ले कर जाएंगे, जहाँ पानी खामोशी से जिंदगियां, आजीविका और हमारे भूगोल को नया आकार दे रहा है। और हां, ये वो कहानियां हैं जो मुख्‍यधारा के मीडिया में नहीं पहुंच पाती हैं। 

पानी से जुड़ी इन्‍हीं अनकही कहानियों और खबरों व चर्चाओं में पीछे छूट गए मुद्दों को ‘इंडिया वाटर पोर्टल’ प्रमुखता से पेश करता रहा है। इसी क्रम में पिछले एक साल में हमने अपनी 'रीजनल स्टोरीटेलिंग फ़ेलोशिप' के ज़रिए देश के अलग-अलग हिस्सों में चुनिंदा पत्रकारों, शोधकर्ताओं और पानी से जुड़े मुद्दों पर काम करने व लिखने-बोलने वाले स्‍टोरी टेलर्स की मदद से 'पानी की चरम स्थितियों के बीच की वास्तविकताओं' को करीब से देखा-परखा और लोगों तक पहुंचाया है। 

हमारे फैलोज़ ने पानी से जुड़ी इन कहानियों न सिर्फ़ लोगों तक पहुंचाया है, बल्कि ज़मीनी स्‍तर पर जाकर उसे देखा-महसूस किया और उसे जिया है। इसलिए पानी से जुड़ी उनकी ये कहानियां तथ्‍यों, तर्कों आंकड़ों से ऊपर उठ कर संवेदनाओं को भी छूती हैं और एक ज़रूरी समझ पैदा करती हैं पानी से जुड़ी अनजानी-अनदेखी  बातों और बारीकियों के बारे में। 

इनमें से कुछ चुनिंदा और बेहतरीन कहानियों को हम  29 मार्च को बेंगलुरु में आपके लिए पेश करने जा रहे हैं अपने एक खास आयोजन 'पानी और हम: दो चरम स्थितियों के बीच की कहानियां' (Water and Us: Stories Between Extremes) के रूप में। इस मौके पर पानी के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने वाली हरिणी नागेंद्र, निदेशक, स्कूल ऑफ़ क्लाइमेट चेंज एंड सस्टेनेबिलिटी, अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी, विशेष व्याख्‍यान देंगी। 

इसमें पानी से जुड़ी कहानियों के साथ ही जल संबंधी मुद्दों पर चर्चाएं, विमर्श के अलावा एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा, जो पानी से जुड़े विभिन्‍न पहलुओं को समझने में आपकी मदद करेगी। 

हमारे इस आयोजन में शामिल होकर पानी और उससे जुड़े मुद्दों को देखने-समझने का आपका नज़रिया ही बदल सकता है। सबसे अच्‍छी बात यह है कि हमारा यह कार्यक्रम बिल्‍कुल मुफ़्त और  सभी के लिए खुला है। यानी इसमें शामिल होने के लिए आपको कोई शुल्‍क नहीं देना। न ही किसी विशेष पात्रता का कोई बंधन है। तो फिर सोचना क्‍या ! हमारी इस पहल में शामिल होकर पानी को एक नए नज़रिये से देखने-समझने और पानी से जुड़ी ज़मीनी हकीक़तों से रूबरू होने की ओर कदम बढ़ाएं। 

कार्यक्रम की रूपरेखा इस प्रकार है:

तारीख : 29 मार्च 2026

समय : सुबह 11:30 बजे - शाम 6:30 बजे 

स्‍थान : बैंगलोर इंटरनेशनल सेंटर, डोमलुर इंदिरानगर, बेंगलुरु 

कहानियों की प्रदर्शनी सुबह 11:30 बजे से 

मुख्‍य भाषण एवं स्टोरी टेलिंग सत्र: शाम 4:00 बजे से

मुख्य भाषण (Keynote Address) - हरिणी नागेंद्र, निदेशक, स्कूल ऑफ़ क्लाइमेट चेंज एंड सस्टेनेबिलिटी, अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी

सहयोग : अर्घ्यम और टाटा ट्रस्ट्स

RSVP link : https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSebfoYL0006PXvLlV_C6z0f4QEDSWCiqEX2u5hi21_fB9QGzw/viewform

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