पहली बार जल रासायनिक आंकड़ों को भीतरी चट्टानों की संरचना से संबंधित आंकड़ों के साथ जोड़कर पता लगाया गया है कि लगातार दोहन से भूजल का स्तर गिरने से उथले एक्विफ़रों की खाली जगह में हवा भरने से ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ जाती है। इस प्रकार बने ऑक्सिक भूजल के कारण नाइट्रेट या नाइट्राइट का गैसीय नाइट्रोजन में परिवर्तन सीमित हो जाता है। इससे उथले भूजल में सिलेनियम और यूरेनियम जैसे तत्वों की गतिशीलता बढ़ जाती है।
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