जोधपुर से सात कि.मी. दूरी पर बालसमंद नामक नयनाभिराम झील है। बालसमंद झील के किनारे वनस्पति-उद्यान तथा पुरातत्व संग्रहालय भी दर्शनीय है। इस कृत्रिम झील का निर्माण 1159 में बालकराव परिहार द्वारा करवाया गया था। वन्य पशुओं में हिरण, बारहसिंघों के झुंड घूमते रहते हैं। इस झील के लिए एक मार्ग झालमद व भूरा गांव होकर भी जाता है।
इस सुंदर झील का निर्माण ईसवीं सन् 1159 में हुआ था। तीन तरफ पहाडी़यों से घिरी यह झील उम्मेद भवन की खूबसूरती में चार चांद लगाती है । झील के बीच बने भव्य महल का भीतरी भाग यूरोपियन स्टाइल का है मगर बाहरी दीवारें परंपरागत नक्काशीदार हैं । यहां खूबसूरत बगीचे भी हैं। भ्रमण करने के लिए यह एक रमणीय स्थल है।
1 - प्रकाशन विभाग की पुस्तक - हमारी झीलें और नदियां - लेखक - राजेन्द्र मिलन - पृष्ठ - 43
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