कव्वाणी कावेरी नदी की एक प्रमुख सहायक नदी है। इसे कपिनि या कपिला भी कहते हैं। इसका उद्गम स्थान पश्चिमी घाट पर्वत पर उत्तरी विनाद में है। मैसूर जिले के दक्षिण-पश्चिम कोण पर यह कर्नाटक प्रांत में प्रवेश करती है। यह नदी हेगददेवंकोट ताल्लुक से होकर पूर्वोत्तर दिशा में टेढ़ी-मेंढ़ी चाल से बहती हुई बेलातुर के निकट पूर्व की ओर मुड़ जाती है। नुगु तथा गुँदल नामक इसकी दो सहायक नदियाँ दक्षिण से आकर मिलती हैं। तिरुमकुदल नर्सिपुर में कव्वाणी कावेरी नदी में मिल जाती है। यह संगम स्थान बड़ा ही पवित्र माना जाता है।
कव्वाणी, जिसकी लंबाई लगभग 240 किलोमीटर है, निरंतर बहती रहनेवाली नदी है। इस नदी से लगभग 51 किलोमीटर लंबी रामपुर नहर निकाली गई है जिससे लगभग 1,400 एकड़ भूमि सींची जाती हैं।
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