सतत पोषणीय विकास - (पुं.) (तत्.) - 1. संसाधनों का उपयोग करना और भविष्य के लिए उनके संरक्षण में संतुलन बनाए रखना। 2. ऐसे संसाधनों का विकास जो भावी पीढ़ी के लिए भी निरंतर उपादेय बने रहें। 3. निरंतर उपादेय तत् वों/संसाधनों का विकास।
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