कोरोना से हुए रिवर्स पलायन से निपटने के लिए वेबिनार
पीआरआईए इंटरनेशनल अकादमी दो वेबिनार कराने जा रही है। पहला वेबिनार 11 अप्रैल को सुबह 11 बजे से 12.45 बजे तक होगा, जबकि दूसरा वेबिनार 14 अप्रैल को होगा। पहले वेबिनार का विषय ‘जेंडर इंपेक्ट ऑफ कोविड 19: रोकथाम और न्यूनीकरण’’ है। जिसमें निम्नलिखित बिंदुओं को शामिल किया गया है।
- महिलाओं और लड़कियों को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और मौजूदा परिदृश्य में - उनके प्रवास के दौरान, उनके घर में, अलगाव (आइसोलेशन) वार्डों और संगरोध (क्वारंटीन) में उनकी सुरक्षा के लिए क्या खतरे हैं?
- महिलाओं और लड़कियों के लिए आवश्यक सेवाओं, स्वास्थ्य, सरकार प्रायोजित राहत और वृद्धावस्था, विधवा पेंशन, इत्यादि जैसे अधिकारों के उपयोग पर रोक के प्रभाव क्या हैं?
- यह सुनिश्चित करने के लिए कि महिलाओं और लड़कियों को तालाबंदी और उसके बाद की अवधि में हिंसा और उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़ता है, इसके लिए क्या ठोस कदम और दिशानिर्देशों का अभ्यास किया जा सकता है?
- महामारी से निपटने के लिए अपने समुदायों में स्थितियों का जवाब देने में महिलाओं के अधिक सक्रिय नेतृत्व का क्या समर्थन करेगा ?
14 अप्रैल 2020 (मंगलवार) प्रातः 11 बजे से 12.45 बजे ‘‘कोविड 19 - रिवर्स माइग्रेशन (गांवों की ओर पलायन) से निपटने के लिए पंचायती राज संस्थाओं की तैयारी और जवाबदेही’’ पर एक वेबिनार का आयोजन निम्नलिखित प्रश्नों पर चर्चा के लिए किया जा रहा है:-
- रिवर्स माइग्रेशन से उत्पन्न होने वाली नाजुक स्थिति को दूर करने के लिए पंचायतें क्या तत्काल प्रतिक्रियाएं कर रही हैं ?
- मध्यम अवधि में महामारी और उसके प्रभावों से निपटने के लिए पंचायती राज संस्थाएं क्या भूमिका निभा सकती हैं ?
- प्रभावी ढंग और संवेदलनशीलता से ऐसी भूमिका निभाने के लिए पंचायती राज संस्थाओं का समर्थन कैसे किया जा सकता है ?
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