माँ ते पूत पिता ते घोड़ा। बहुत न होय तो थोड़म थोड़ा।भावार्थ- माँ का गुण पुत्र में और पिता का गुण घोड़े में अधिक नहीं तो थोड़ा जरूर होता है।.लेटेस्ट अपडेट्स के लिए हमारे व्हाट्सऐप चैनल को फॉलो करें