पुस्तकें

माँ ते पूत पिता ते घोड़ा

Author : घाघ और भड्डरी


माँ ते पूत पिता ते घोड़ा।
बहुत न होय तो थोड़म थोड़ा।


भावार्थ- माँ का गुण पुत्र में और पिता का गुण घोड़े में अधिक नहीं तो थोड़ा जरूर होता है।

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