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भूमध्यसागरीय प्रदेश (Mediterranean Region) क्या है? अर्थ, विशेषताएँ और महत्व।

Author : इंडिया वाटर पोर्टल

भूमध्यसागरीय प्रदेश विश्व का एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक प्रदेश है, जो मुख्यतः भूमध्य सागर के आसपास के क्षेत्रों में पाया जाता है। यह प्रदेश अपनी विशिष्ट जलवायु, सदाबहार झाड़ियों, जैतून और अंगूर की खेती तथा समृद्ध जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है।

सरल शब्दों में, वह क्षेत्र जहाँ गर्म एवं शुष्क ग्रीष्म ऋतु तथा हल्की एवं वर्षायुक्त शीत ऋतु पाई जाती है, भूमध्यसागरीय प्रदेश कहलाता है।

भूमध्यसागरीय प्रदेश की परिभाषा

भूगोल में भूमध्यसागरीय प्रदेश उस प्राकृतिक क्षेत्र को कहा जाता है जहाँ भूमध्यसागरीय जलवायु पाई जाती है, जिसमें गर्मियों में शुष्कता तथा सर्दियों में पर्याप्त वर्षा होती है।

यद्यपि इसका प्रमुख क्षेत्र भूमध्य सागर के आसपास स्थित है, लेकिन इसी प्रकार की जलवायु विश्व के कुछ अन्य भागों में भी पाई जाती है।

प्रमुख क्षेत्र

  • दक्षिणी यूरोप (स्पेन, इटली, ग्रीस)

  • उत्तरी अफ्रीका (मोरक्को, अल्जीरिया, ट्यूनीशिया)

  • पश्चिमी एशिया (तुर्की, सीरिया, लेबनान)

  • कैलिफोर्निया (अमेरिका)

  • मध्य चिली

  • दक्षिण अफ्रीका का केप क्षेत्र

  • दक्षिण-पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया

भूमध्यसागरीय प्रदेश की जलवायु

इस प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इसकी विशिष्ट जलवायु है।

ग्रीष्म ऋतु

  • गर्म और शुष्क

  • तापमान सामान्यतः 25°C से 35°C

  • वर्षा अत्यंत कम

शीत ऋतु

  • हल्की और आर्द्र

  • पश्चिमी पवनों के प्रभाव से वर्षा

  • तापमान सामान्यतः 8°C से 15°C

वार्षिक वर्षा

  • लगभग 300 से 900 मिमी

भूमध्यसागरीय प्रदेश की प्राकृतिक वनस्पति

भूमध्यसागरीय प्रदेश में सूखा-सहिष्णु वनस्पति विकसित होती है।जो निम्न प्रकार है -

प्रमुख वनस्पतियाँ

  • जैतून (Olive)

  • कॉर्क ओक (Cork Oak)

  • पाइन वृक्ष

  • सायप्रस

  • सदाबहार झाड़ियाँ

  • सुगंधित पौधे (लैवेंडर, रोजमेरी आदि)

इन पौधों की पत्तियाँ छोटी और मोटी होती हैं, जिससे जल की हानि कम होती है।

भूमध्यसागरीय प्रदेश की कृषि

भूमध्यसागरीय प्रदेश विश्व की सबसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक कृषि क्षेत्रों में से एक है। इसकी प्रमुख फसल जैतून, अंगूर, संतरा, नींबू, अंजीर,  बादाम और गेहूँ है।  विशेष कृषि बागवानी, फल उत्पादन, वाइन उद्योग के लिए अंगूर की खेती है ।

भूमध्यसागरीय प्रदेश का आर्थिक महत्व

  • कृषि उत्पादन - विश्व के अधिकांश जैतून और जैतून तेल का उत्पादन इसी क्षेत्र में होता है।

  • पर्यटन - सुहावनी जलवायु और समुद्री तटों के कारण यह विश्व का प्रमुख पर्यटन क्षेत्र है।

  • खाद्य उद्योग - अंगूर, जैतून, खट्टे फल और अन्य कृषि उत्पादों पर आधारित उद्योग विकसित हुए हैं।

  • व्यापार - फल, जैतून तेल और वाइन का व्यापक अंतरराष्ट्रीय व्यापार होता है।

भूमध्यसागरीय प्रदेश की प्रमुख विशेषताएँ

  • गर्म एवं शुष्क ग्रीष्म ऋतु

  • वर्षायुक्त एवं हल्की शीत ऋतु

  • सदाबहार झाड़ीदार वनस्पति

  • जैतून और अंगूर की प्रमुख खेती

  • उच्च पर्यटन क्षमता

  • विकसित कृषि आधारित अर्थव्यवस्था

भूमध्यसागरीय प्रदेश की पर्यावरणीय चुनौतियाँ

  • जलवायु परिवर्तन

  • वनाग्नि (Forest Fire)

  • जल संसाधनों पर बढ़ता दबाव

  • भूमि क्षरण

  • शहरीकरण

हाल के वर्षों में बढ़ते तापमान और कम वर्षा के कारण कई भूमध्यसागरीय क्षेत्रों में सूखे की घटनाएँ बढ़ी हैं।

भूमध्यसागरीय प्रदेश का महत्व

  • विश्व खाद्य उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान

  • जैव विविधता का संरक्षण

  • पर्यटन उद्योग का प्रमुख केंद्र

  • फल एवं तेल उत्पादन का वैश्विक आधार

  • विशिष्ट पारिस्थितिक तंत्र का विकास

भूमध्यसागरीय प्रदेश विश्व का एक विशिष्ट प्राकृतिक प्रदेश है, जो अपनी अनोखी जलवायु, सदाबहार वनस्पति, जैतून और अंगूर की खेती तथा विकसित पर्यटन उद्योग के लिए प्रसिद्ध है। यह क्षेत्र कृषि, अर्थव्यवस्था और जैव विविधता की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। बदलती जलवायु के प्रभावों के बीच इस प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और सतत प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है।

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