ग्रीन हाउस प्रभाव - (पुं.) (तत्.) - (अं.+ बढ़ते औद्योगिकीकरण और वनों की निरंतर कटाई के कारण वायुमंडल में कार्बन-डाईऑक्साइड और कुछ अन्य गैसों के अधिकाधिक उत्सर्जन होते रहने की वजह से इसकी बढ़ी मात्रा पृथ्वी पर सौर-ऊर्जा के आने में बाधा डालती है और पृथ्वी की भीतरी ऊष्मा सतह से बाहर अंतरिक्ष में उस अनुपात में आ नहीं पाती जिससे वायुमंडल का ताप-संतुलन बना रहे। फलस्वरूप वायुमंडल का औसत ताप धीरे-धीरे बढ़ जाता है जो प्राकृतिक पर्यावरण के लिए कई प्रकार से हानिकारक है। इसी प्रभाव को ‘ग्रीन हाउस प्रभाव’ कहते हैं। green house effect
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