पौधों तथा प्राणियों द्वारा होने वाला भूक्षरण या अपक्षय। पौधों द्वारा यांत्रिक तथा रासायनिक दोनों रूपों में अपक्षय होता है। यांत्रिक अपक्षय भूमि में पौधों की जड़ों के प्रवेश तथा उनके फैलने से शैलों में उत्पन्न तनाव के कारण शैल विघटन के रूप में होता है। पौधों से उत्पन्न जैव एसिड तथा ह्यूमी एसिड द्वारा रासायनिक अपक्षय होता है। पृथ्वी की ऊपरी सतह में मिट्टी में रहने वाले अनेक जीव-जंतु शैलों को कमजोर करने, उनके विघटन तथा टूटने में सहायक होते हैं। इसी प्रकार भूतल पर रहने वाले पशु एवं जीव-जंतु मिट्टी को खोदकर उसे ढीली और कमजोर बना देते हैं जिससे शैलों का विघटन सुगम हो जाता है। स्वयं मनुष्य भी इस अपक्षय का एक सशक्त कारक है।
लेटेस्ट अपडेट्स के लिए हमारे व्हाट्सऐप चैनल को फॉलो करें