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मृतजीवी या पूर्तिजीवी (Saprophyte) ऐसे जीव होते है जो मृत, सड़े-गले और विघटित जैविक पदार्थों से अपना भोजन प्राप्त करते है। सरल भाषा में, ये जीव प्रकृति में मौजूद मृत पौधों, जानवरों और जैविक अवशेषों को तोड़कर उनसे पोषण लेते है।
प्रकृति में फफूंद और कुछ बैक्टीरिया मृतजीवी जीवन पद्धति अपनाते हैं। ये पर्यावरण को साफ रखने और पोषक तत्वों के पुनर्चक्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है।
वे जीव जो मृत एवं सड़े-गले कार्बनिक पदार्थों से पोषण प्राप्त करते हैं, मृतजीवी या पूर्तिजीवी कहलाते है। इस प्रक्रिया को मृतजीवी पोषण (Saprophytic Nutrition) कहा जाता है।
मशरूम, फफूंद, यीस्ट, कुछ प्रकार के बैक्टीरिया है। ये जीव जंगलों, गीली मिट्टी, सड़े हुए पेड़ों और जैविक कचरे में पाए जाते हैं।
मृतजीवी जीव पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
जैव अपघटन - ये मृत पदार्थों को विघटित करके उन्हें सरल तत्वों में बदलते हैं।
मिट्टी की उर्वरता बढ़ाना - मृतजीवी जीव पोषक तत्वों को मिट्टी में वापस मिलाते है, जिससे भूमि उपजाऊ बनती है।
पर्यावरण की सफाई - यदि मृतजीवी जीव न हों, तो पृथ्वी पर मृत जैविक पदार्थों का ढेर लग जाएगा।
पोषक चक्र - कार्बन, नाइट्रोजन और अन्य तत्वों के प्राकृतिक चक्र को बनाए रखने में मदद करते हैं।
मृतजीवी जीव जलवायु और पर्यावरण संतुलन में भी योगदान देते है।
जैविक पदार्थों के विघटन से मिट्टी की गुणवत्ता सुधरती है।
कार्बन चक्र को संतुलित रखने में सहायता मिलती है।
जंगलों और कृषि भूमि में जैव विविधता बनाए रखने में मदद मिलती है।
कम्पोस्ट खाद बनाने में इनका उपयोग होता है, जिससे रासायनिक खाद पर निर्भरता कम होती है।
भारत में कृषि और वनों में मृतजीवी जीवों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। जैविक खेती में कम्पोस्ट और वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने के लिए फफूंद और बैक्टीरिया का उपयोग किया जाता है। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्राकृतिक अपघटन तकनीकों पर काम किया जा रहा है।
कम्पोस्ट खाद बनाने में
जैविक खेती में
कचरा प्रबंधन में
पर्यावरण संरक्षण परियोजनाओं में
मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में
मृतजीवी या पूर्तिजीवी जीव प्रकृति के सफाई कर्मी माने जाते है। ये मृत पदार्थों को विघटित करके पर्यावरण को स्वच्छ रखते है और मिट्टी को पोषक तत्व प्रदान करते हैं। पर्यावरण संतुलन, जैव विविधता और टिकाऊ कृषि के लिए मृतजीवी जीवों का महत्व अत्यंत अधिक है।
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