वुलर झील
फोटो - इमरान रसूल डार
हर वर्ष 2 फरवरी को विश्व आर्द्रभूमि दिवस (World Wetlands Day) मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित यह विशेष दिवस हमें उन पारिस्थितिक तंत्रों के बारे में जागरूक करता है, जो जल-सुरक्षा, जैव विविधता और आजीविका के लिए बेहद अहम हैं। अक्सर आर्द्रभूमियां नीति और विकास योजनाओं में हाशिये पर रह जाते हैं। आर्द्रभूमियां—जैसे झीलें, दलदल, नदी-तटीय क्षेत्र और तटीय लैगून जो प्राकृतिक रूप से बाढ़ नियंत्रण, भूजल पुनर्भरण और जल गुणवत्ता सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
इसी वैश्विक महत्व को रेखांकित करने के लिए रामसर कन्वेंशन के तहत दुनिया भर की प्रमुख आर्द्रभूमियों को “अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि” के रूप में मान्यता दी जाती है। जिन्हें रामसर स्थल कहा जाता है। जैवविविधता को संरक्षित रखने की दिशा में भारत ने भी बीते एक दशक में बहुत तेजी से कदम बढ़ाए हैं। सरकार, स्थानीय लोगों और तमाम पर्यावरणीय संस्थाओं व संगठनों के प्रयासों का ही नतीजा है कि आज देश में 96 रामसर स्थल अधिसूचित हैं। भारत की रामसर सूची में अंतिम अपडेट दिसंबर 2025 में हुआ जब छत्तीसगढ़ के कोपरा जलाशय को सूची में शामिल किया गया।
पिचावरम मैंग्रोव, तमिल नाडु
भारत की भौगोलिक और जलवायु विविधता देश की आर्द्रभूमियों में भी साफ दिखाई देती है। हिमालय के ऊंचे पर्वतों के बीच झीलें हों या तटीय मैंग्रोव। देश की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील वुलर झील हो या खारे–मीठे पानी की (Brackish Water Lagoon) चिलिका झील हो। या फिर सुंदरबन जैसा विशाल डेल्टा क्षेत्र हो। शहरी झीलों से लेकर विशाल नदी डेल्टा तक रामसर स्थलों की सूची भारत की जल-परिस्थितिकी का एक व्यापक चित्र प्रस्तुत करती है। ये स्थल न केवल जैव विविधता के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि लाखों लोगों की आजीविका, मत्स्य पालन, कृषि और पर्यटन से भी सीधे जुड़े हुए हैं।
हालाँकि, आर्द्रभूमियों पर बढ़ता शहरीकरण, प्रदूषण, जल प्रवाह में बदलाव और भूमि उपयोग परिवर्तन का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में रामसर मान्यता केवल अंतरराष्ट्रीय दर्जा भर नहीं है, बल्कि बेहतर प्रबंधन, निगरानी और नीति-समन्वय की आवश्यकता की भी याद दिलाती है। और तो और ये वो स्थल हैं जो न केवल प्रकृति के साथ हमारे रिश्ते को मजबूत करते हैं, बल्कि विदेशी पक्षियों की भी पहली पसंद हैं।
जनवरी 2026 तक भारत में कुल 96 रामसर स्थल हैं। इनमें सबसे ज्यादा 20 रामसर स्थल तमिलनाडु में हैं। दूसरे स्थान पर 10 रामसर आर्द्रभूमियों के साथ उत्तर प्रदेश है और तीसरे नंबर छह-छह रामसर सथलों के साथ बिहार, ओडिशा और पंजाब हैं। नीचे पूरी सूची प्रस्तुत की गई है, जिसमें प्रत्येक स्थल का नाम, संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश और अधिसूचना की तिथि शामिल है।
| क्र. सं. | राज्य/यूटी | आर्द्रभूमि | नामांकन तिथि/वर्ष | क्षेत्रफल (हेक्टेयर) | घोषणा की तिथि/वर्ष |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | आंध्र प्रदेश | कोल्लेरू झील | 19.08.2002 | 90,100 | 20.12.2002 |
| 2 | असम | दीपोर बील | 19.08.2002 | 4,000 | 20.12.2002 |
| 3 | बिहार | कबरताल आर्द्रभूमि | 21.07.2020 | 2,620 | 16.10.2020 |
| 4 | बिहार | नागी पक्षी अभयारण्य | 11.10.2023 | 206 | 5.06.2024 |
| 5 | बिहार | नक्ती पक्षी अभयारण्य | 11.10.2023 | 333 | 5.06.2024 |
| 6 | बिहार | गोकुल जलशय | 13.05.2025 | 448 | 26.09.2025 |
| 7 | बिहार | उदयपुर झील | 13.05.2025 | 319 | 26.09.2025 |
| 8 | बिहार | गोगबिल झील | 13.05.2025 | 87 | 30.10.2025 |
| 9 | छत्तीसगढ़ | कोपरा जलाशय | 8.08.2025 | 210 | 12.12.2025 |
| 10 | गुजरात | नलसरोवर | 24.09.2012 | 12,000 | 28.08 2012 |
| 11 | गुजरात | वधवाना आर्द्रभूमि | 5.04.2021 | 630 | 13.09.2021 |
| 12 | गुजरात | थोल झील वन्यजीव अभयारण्य | 5.04.2021 | 699 | 13.09.2021 |
| 13 | गुजरात | खिजड़िया वन्यजीव अभयारण्य | 13.04.2021 | 512 | 1.02.2022 |
| 14 | गोवा | नंदा झील | 8.06.2022 | 42 | 3.08.2022 |
| 15 | हरियाणा | सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान | 25.05.2021 | 143 | 13.09.2021 |
| 16 | हरियाणा | भिंडावास वन्यजीव अभ्यारण्य | 25.05.2021 | 412 | 13.09.2021 |
| 17 | हिमाचल प्रदेश | पोंग बांध झील | 19.08.2002 | 15,662 | 20.12.2002 |
| 18 | हिमाचल प्रदेश | चंदरताल आर्द्रभूमि | 8.11.2005 | 49 | 20.01.2006 |
| 19 | हिमाचल प्रदेश | रेणुका आर्द्रभूमि | 8.11.2005 | 20 | 20.01.2006 |
| 20 | जम्मू एवं कश्मीर | वुलर झील | 23.03.1990 | 18,900 | 1990 |
| 21 | जम्मू एवं कश्मीर | सुरिंसर-मानसर झीलें | 8.11.2005 | 350 | 20.01.2006 |
| 22 | जम्मू एवं कश्मीर | होकेरा आर्द्रभूमि | 8.11.2005 | 1,375 | 20.01.2006 |
| 23 | जम्मू एवं कश्मीर | हाइगम आर्द्रभूमि संरक्षण रिजर्व | 8.06.2022 | 802 | 13.08.2022 |
| 24 | जम्मू एवं कश्मीर | शैलबुघ आर्द्रभूमि संरक्षण रिजर्व | 8.06.2022 | 1,675 | 13.08.2022 |
| 25 | झारखंड | उधवा झील पक्षी अभयारण्य | 8.01.2024 | 936 | 30.01.2025 |
| 26 | कर्नाटक | रंगनाथिट्टू पक्षी अभयारण्य | 15.02.2022 | 518 | 3.08.2022 |
| 27 | कर्नाटक | अंकसमुद्र पक्षी संरक्षण रिजर्व | 10.03.2023 | 99 | 31.01.2024 |
| 28 | कर्नाटक | अघनाशिनी मुहाना | 14.02.2023 | 4,801 | 31.01.2024 |
| 29 | कर्नाटक | मगाडी केरे संरक्षण अभ्यारण्य | 14.02.2023 | 54 | 31.01.2024 |
| 30 | केरल | अस्थामुडी आर्द्रभूमि | 19.08.2002 | 6,140 | 20.12.2002 |
| 31 | केरल | सस्थमकोट्टा झील | 19.08.2002 | 373 | 20.12.2002 |
| 32 | केरल | वेम्बनाडकोल आर्द्रभूमि | 19.08.2002 | 151,250 | 20.12.2002 |
| 33 | लद्दाख | त्सो कार आर्द्रभूमि परिसर | 17.11.2020 | 9,577 | 23.12.2020 |
| 34 | लद्दाख | त्सो मोरीरी झील | 19.08.2002 | 12,000 | 20.12.2002 |
| 35 | मध्य प्रदेश | भोज आर्द्रभूमि | 19.08.2002 | 3,201 | 20.12.2002 |
| 36 | मध्य प्रदेश | सिरपुर आर्द्रभूमि | 7.01.2022 | 161 | 3.08.2022 |
| 37 | मध्य प्रदेश | साख्य सागर | 7.01.2022 | 248 | 26.07.2022 |
| 38 | मध्य प्रदेश | यशवंत सागर | 7.01.2022 | 823 | 13.08.2022 |
| 39 | मध्य प्रदेश | तावा जलाशय | 8.01.2024 | 20,050 | 14.08.2024 |
| 40 | महाराष्ट्र | नांदूर मधमेश्वर | 21.06.2019 | 1,437 | 27.01.2020 |
| 41 | महाराष्ट्र | लोनार झील | 22.07.2020 | 427 | 12.11.2020 |
| 42 | महाराष्ट्र | ठाणे क्रीक | 13.04.2022 | 6,521 | 13.08.2022 |
| 43 | मणिपुर | लोकटक झील | 23.03.1990 | 26,600 | 1990 |
| 44 | मिज़ोरम | पाला आर्द्रभूमि | 31.08.2021 | 1,850 | 26.07.2022 |
| 45 | ओडिशा | चिल्का झील | 1.10.1981 | 116,500 | 1982 |
| 46 | ओडिशा | भितरकनिका मैंग्रोव | 19.08.2002 | 65,000 | 20.12.2002 |
| 47 | ओडिशा | सतकोसिया घाटी | 12.10.2021 | 98,197 | 3.08.2022 |
| 48 | ओडिशा | ताम्पारा झील | 12.10.2021 | 300 | 13.08.2022 |
| 49 | ओडिशा | हीराकुंड जलाशय | 12.10.2021 | 65,400 | 13.08.2022 |
| 50 | ओडिशा | अंसुपा झील | 12.10.2021 | 231 | 13.08.2022 |
| 51 | पंजाब | हरिके झील | 23.03.1990 | 4,100 | 1990 |
| 52 | पंजाब | कंजली झील | 22.01.2002 | 183 | 25.01.2002 |
| 53 | पंजाब | रोपड़ झील | 22.01.2002 | 1,365 | 25.01.2002 |
| 54 | पंजाब | ब्यास संरक्षण आरक्षित | 26.09.2019 | 6,429 | 27.01.2020 |
| 55 | पंजाब | केशोपुर - मियानी सामुदायिक रिजर्व | 26.09.2019 | 344 | 27.01.2020 |
| 56 | पंजाब | नांगल वन्यजीव अभयारण्य | 26.09.2019 | 116 | 27.01.2020 |
| 57 | राजस्थान | केवलादेव घाना राष्ट्रीय उद्यान | 1.10.1981 | 2,873 | 1982 |
| 58 | राजस्थान | सांभर झील | 23.03.1990 | 24,000 | 1990 |
| 59 | राजस्थान | मेनार आर्द्रभूमि परिसर | 19.02.2025 | 463 | 4.06.2025 |
| 60 | राजस्थान | खिचन आर्द्रभूमि | 19.02.2025 | 54 | 4.06.2025 |
| 61 | राजस्थान | सिलिसेढ़ झील | 7.07.2025 | 316 | 12.12.2025 |
| 62 | सिक्किम | खाचोएडपालरी आर्द्रभूमि | 15.07.2024 | 172 | 30.01.2025 |
| 63 | तमिलनाडु | प्वाइंट कैलिमेरे वन्यजीव एवं पक्षी अभयारण्य | 19.08.2002 | 38,500 | 20.12.2002 |
| 64 | तमिलनाडु | कून्तंकुलम पक्षी अभयारण्य | 8.11.2021 | 72 | 3.08.2022 |
| 65 | तमिलनाडु | चित्रांगुडी पक्षी अभयारण्य | 8.11.2021 | 260 | 13.08.2022 |
| 66 | तमिलनाडु | करिकिली पक्षी अभयारण्य | 8.04.2022 | 58 | 26.07.2022 |
| 67 | तमिलनाडु | पिचावरम मैंग्रोव | 8.04.2022 | 1,479 | 26.07.2022 |
| 68 | तमिलनाडु | पल्लीकरनई मार्श रिजर्व वन | 8.04.2022 | 1,248 | 26.07.2022 |
| 69 | तमिलनाडु | मन्नार की खाड़ी समुद्री जीवमंडल अभ्यारण्य | 8.04.2022 | 52,672 | 3.08.2022 |
| 70 | तमिलनाडु | वेम्बन्नूर आर्द्रभूमि परिसर | 8.04.2022 | 20 | 3.08.2022 |
| 71 | तमिलनाडु | वेलोड पक्षी अभयारण्य | 8.04.2022 | 77 | 3.08.2022 |
| 72 | तमिलनाडु | उदयमार्थंडपुरम पक्षी अभयारण्य | 8.04.2022 | 44 | 3.08.2022 |
| 73 | तमिलनाडु | वेदान्थंगल पक्षी अभयारण्य | 8.04.2022 | 40 | 3.08.2022 |
| 74 | तमिलनाडु | सुचिंद्रम थेरूर आर्द्रभूमि परिसर | 8.04.2022 | 94 | 13.08.2022 |
| 75 | तमिलनाडु | वडुवुर पक्षी अभयारण्य | 8.04.2022 | 113 | 13.08.2022 |
| 76 | तमिलनाडु | कंजीरंकुलम पक्षी अभयारण्य | 8.04.2022 | 97 | 13.08.2022 |
| 77 | तमिलनाडु | कारावेट्टी पक्षी अभयारण्य | 24.05.2023 | 454 | 31.01.2024 |
| 78 | तमिलनाडु | लॉन्गवुड शोला आरक्षित वन | 24.05.2023 | 116 | 31.01.2024 |
| 79 | तमिलनाडु | काझुवेली पक्षी अभयारण्य | 16.01.2024 | 5,152 | 14.08.2024 |
| 80 | तमिलनाडु | नंजरायन पक्षी अभयारण्य | 16.01.2024 | 126 | 14.08.2024 |
| 81 | तमिलनाडु | सक्कराकोट्टई पक्षी अभयारण्य | 15.07.2024 | 230 | 30.01.2025 |
| 82 | तमिलनाडु | थेरथांगल पक्षी अभयारण्य | 15.07.2024 | 29 | 30.01.2025 |
| 83 | त्रिपुरा | रुद्रसागर झील | 8.11.2005 | 240 | 20.01.2006 |
| 84 | उत्तर प्रदेश | ऊपरी गंगा नदी | 8.11.2005 | 26,590 | 20.01.2006 |
| 85 | उत्तर प्रदेश | नवाबगंज पक्षी अभयारण्य | 19.09.2019 | 225 | 27.01.2020 |
| 86 | उत्तर प्रदेश | पार्वती अर्गा पक्षी अभयारण्य | 2.12.2019 | 722 | 27.01.2020 |
| 87 | उत्तर प्रदेश | समन पक्षी अभयारण्य | 2.12.2019 | 526 | 27.01.2020 |
| 88 | उत्तर प्रदेश | समसपुर पक्षी अभयारण्य | 3.10.2019 | 799 | 27.01.2020 |
| 89 | उत्तर प्रदेश | सैंडी पक्षी अभयारण्य | 26.09.2019 | 309 | 27.01.2020 |
| 90 | उत्तर प्रदेश | सरसई नवारझील | 19.09.2019 | 161 | 27.01.2020 |
| 91 | उत्तर प्रदेश | सुर सरोवर | 21.08.2020 | 431 | 12.11.2020 |
| 92 | उत्तर प्रदेश | हैदरपुर आर्द्रभूमि | 13.04.2021 | 6,908 | 8.12.2021 |
| 93 | उत्तर प्रदेश | बखीरा वन्यजीव अभयारण्य | 29.06.2021 | 2,894 | 1.02.2022 |
| 94 | उत्तराखंड | आसन संरक्षण आरक्षित क्षेत्र | 21.07.2020 | 444 | 16.10.2020 |
| 95 | पश्चिम बंगाल | पूर्वी कोलकाता आर्द्रभूमि | 19.08.2002 | 12,500 | 20.12.2002 |
| 96 | पश्चिम बंगाल | सुंदरबन आर्द्रभूमि | 30.01.2019 | 423,000 | 1.02.2019 |
विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर यह संकलन यह समझने का अवसर भी देता है कि भारत में आर्द्रभूमि संरक्षण किस दिशा में बढ़ रहा है और किन क्षेत्रों में अभी भी मजबूत नीतिगत और संस्थागत प्रयासों की जरूरत है।
भारत में रामसर स्थलों पर विशेष लेख
● भारत भूमि के आभूषण : रामसर स्थल (भाग 1) - नामांकन का उद्देश्य
● भारत भूमि के आभूषण : रामसर स्थल (भाग 2) - पारिस्थितिक संरक्षण की आवश्यकता
● भारत भूमि के आभूषण : रामसर स्थल (भाग 3) - संरक्षण से समृद्धि
भारत के रामसर स्थल देश की जल-सुरक्षा और पारिस्थितिक संतुलन की रीढ़ हैं। इन स्थलों की सूची केवल नामों का संकलन नहीं, बल्कि यह उस प्राकृतिक पूंजी का संकेत है, जिस पर भविष्य की जल-योजनाएं और जलवायु अनुकूलन रणनीतियाँ निर्भर करती हैं। विश्व आर्द्रभूमि दिवस के संदर्भ में यह ज़रूरी है कि रामसर मान्यता को ज़मीनी संरक्षण, सामुदायिक भागीदारी और दीर्घकालिक जल प्रबंधन से जोड़ा जाए।