वुलर झील

 

फोटो - इमरान रसूल डार 

पर्यावरण

भारत में रामसर स्थलों की पूरी सूची (2026) - आर्द्रभूमियों की भौगोलिक विविधता

प्रस्तुत है भारत के 96 रामसर स्थलों की पूरी सूची। इस लेख में प्रत्येक स्थल का नाम, संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश और अधिसूचना की तिथि शामिल है। विश्व आर्द्रभूमि दिवस के संदर्भ में प्रकाशित यह संकलन भारत की आर्द्रभूमियों की भौगोलिक विविधता और उनके जल-सुरक्षा, जैव विविधता तथा आजीविका से जुड़े महत्व को बताता करता है।

Author : अजय मोहन

हर वर्ष 2 फरवरी को विश्व आर्द्रभूमि दिवस (World Wetlands Day) मनाया जाता है। संयुक्त राष्‍ट्र द्वारा घोषित यह विशेष दिवस हमें उन पारिस्थितिक तंत्रों के बारे में जागरूक करता है, जो जल-सुरक्षा, जैव विविधता और आजीविका के लिए बेहद अहम हैं। अक्सर आर्द्रभूमियां नीति और विकास योजनाओं में हाशिये पर रह जाते हैं। आर्द्रभूमियां—जैसे झीलें, दलदल, नदी-तटीय क्षेत्र और तटीय लैगून जो प्राकृतिक रूप से बाढ़ नियंत्रण, भूजल पुनर्भरण और जल गुणवत्ता सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

इसी वैश्विक महत्व को रेखांकित करने के लिए रामसर कन्वेंशन के तहत दुनिया भर की प्रमुख आर्द्रभूमियों को “अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि” के रूप में मान्यता दी जाती है। जिन्हें रामसर स्थल कहा जाता है। जैवविविधता को संरक्षित रखने की दिशा में भारत ने भी बीते एक दशक में बहुत तेजी से कदम बढ़ाए हैं। सरकार, स्थानीय लोगों और तमाम पर्यावरणीय संस्थाओं व संगठनों के प्रयासों का ही नतीजा है कि आज देश में 96 रामसर स्थल अधिसूचित हैं। भारत की रामसर सूची में अंतिम अपडेट दिसंबर 2025 में हुआ जब छत्तीसगढ़ के कोपरा जलाशय को सूची में शामिल किया गया।

पिचावरम मैंग्रोव, तमिल नाडु 

आर्द्रभूमियों में दिखाई देती है भारत की जैव विविधता

भारत की भौगोलिक और जलवायु विविधता देश की आर्द्रभूमियों में भी साफ दिखाई देती है। हिमालय के ऊंचे पर्वतों के बीच झीलें हों या तटीय मैंग्रोव। देश की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील वुलर झील हो या खारे–मीठे पानी की (Brackish Water Lagoon) चिलिका झील हो। या फिर सुंदरबन जैसा विशाल डेल्टा क्षेत्र हो। शहरी झीलों से लेकर विशाल नदी डेल्टा तक रामसर स्थलों की सूची भारत की जल-परिस्थितिकी का एक व्यापक चित्र प्रस्तुत करती है। ये स्थल न केवल जैव विविधता के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि लाखों लोगों की आजीविका, मत्स्य पालन, कृषि और पर्यटन से भी सीधे जुड़े हुए हैं।

हालाँकि, आर्द्रभूमियों पर बढ़ता शहरीकरण, प्रदूषण, जल प्रवाह में बदलाव और भूमि उपयोग परिवर्तन का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में रामसर मान्यता केवल अंतरराष्ट्रीय दर्जा भर नहीं है, बल्कि बेहतर प्रबंधन, निगरानी और नीति-समन्वय की आवश्यकता की भी याद दिलाती है। और तो और ये वो स्थल हैं जो न केवल प्रकृति के साथ हमारे रिश्‍ते को मजबूत करते हैं, बल्कि विदेशी पक्षियों की भी पहली पसंद हैं।

भारत में राज्यवार रामसर स्थलों की सूची (List of Ramsar Sites in India)

जनवरी 2026 तक भारत में कुल 96 रामसर स्थल हैं। इनमें सबसे ज्यादा 20 रामसर स्थल तमिलनाडु में हैं। दूसरे स्थान पर 10 रामसर आर्द्रभूमियों के साथ उत्तर प्रदेश है और तीसरे नंबर छह-छह रामसर सथलों के साथ बिहार, ओडिशा और पंजाब हैं। नीचे पूरी सूची प्रस्तुत की गई है, जिसमें प्रत्येक स्थल का नाम, संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश और अधिसूचना की तिथि शामिल है।

क्र. सं.राज्य/यूटीआर्द्रभूमिनामांकन तिथि/वर्षक्षेत्रफल (हेक्टेयर)घोषणा की तिथि/वर्ष
1आंध्र प्रदेश कोल्लेरू झील19.08.200290,10020.12.2002
2असम दीपोर बील19.08.20024,00020.12.2002
3बिहारकबरताल आर्द्रभूमि21.07.20202,62016.10.2020
4बिहारनागी पक्षी अभयारण्य11.10.20232065.06.2024
5बिहारनक्ती पक्षी अभयारण्य11.10.20233335.06.2024
6बिहारगोकुल जलशय13.05.202544826.09.2025
7बिहारउदयपुर झील13.05.202531926.09.2025
8बिहारगोगबिल झील13.05.20258730.10.2025
9छत्तीसगढ़कोपरा जलाशय8.08.202521012.12.2025
10गुजरात नलसरोवर24.09.201212,00028.08 2012
11गुजरात वधवाना आर्द्रभूमि5.04.202163013.09.2021
12गुजरात थोल झील वन्यजीव अभयारण्य5.04.202169913.09.2021
13गुजरात खिजड़िया वन्यजीव अभयारण्य13.04.20215121.02.2022
14गोवा नंदा झील8.06.2022423.08.2022
15हरियाणासुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान25.05.202114313.09.2021
16हरियाणाभिंडावास वन्यजीव अभ्यारण्य25.05.202141213.09.2021
17हिमाचल प्रदेश पोंग बांध झील19.08.200215,66220.12.2002
18हिमाचल प्रदेश चंदरताल आर्द्रभूमि8.11.20054920.01.2006
19हिमाचल प्रदेश रेणुका आर्द्रभूमि8.11.20052020.01.2006
20जम्मू एवं कश्‍मीर वुलर झील23.03.199018,9001990
21जम्मू एवं कश्‍मीर सुरिंसर-मानसर झीलें8.11.200535020.01.2006
22जम्मू एवं कश्‍मीर होकेरा आर्द्रभूमि8.11.20051,37520.01.2006
23जम्मू एवं कश्‍मीर हाइगम आर्द्रभूमि संरक्षण रिजर्व8.06.202280213.08.2022
24जम्मू एवं कश्‍मीर शैलबुघ आर्द्रभूमि संरक्षण रिजर्व8.06.20221,67513.08.2022
25झारखंड उधवा झील पक्षी अभयारण्य8.01.202493630.01.2025
26कर्नाटक रंगनाथिट्टू पक्षी अभयारण्य15.02.20225183.08.2022
27कर्नाटक अंकसमुद्र पक्षी संरक्षण रिजर्व10.03.20239931.01.2024
28कर्नाटक अघनाशिनी मुहाना14.02.20234,80131.01.2024
29कर्नाटक मगाडी केरे संरक्षण अभ्यारण्य14.02.20235431.01.2024
30केरल अस्थामुडी आर्द्रभूमि19.08.20026,14020.12.2002
31केरल सस्थमकोट्टा झील19.08.200237320.12.2002
32केरल वेम्बनाडकोल आर्द्रभूमि19.08.2002151,25020.12.2002
33लद्दाख त्सो कार आर्द्रभूमि परिसर17.11.20209,57723.12.2020
34लद्दाख त्सो मोरीरी झील19.08.200212,00020.12.2002
35मध्‍य प्रदेश भोज आर्द्रभूमि19.08.20023,20120.12.2002
36मध्‍य प्रदेश सिरपुर आर्द्रभूमि7.01.20221613.08.2022
37मध्‍य प्रदेश साख्य सागर7.01.202224826.07.2022
38मध्‍य प्रदेश यशवंत सागर7.01.202282313.08.2022
39मध्‍य प्रदेश तावा जलाशय8.01.202420,05014.08.2024
40महाराष्‍ट्र नांदूर मधमेश्वर21.06.20191,43727.01.2020
41महाराष्‍ट्र लोनार झील22.07.202042712.11.2020
42महाराष्‍ट्र ठाणे क्रीक13.04.20226,52113.08.2022
43मणिपुर लोकटक झील23.03.199026,6001990
44मिज़ोरमपाला आर्द्रभूमि31.08.20211,85026.07.2022
45ओडिशाचिल्का झील1.10.1981116,5001982
46ओडिशाभितरकनिका मैंग्रोव19.08.200265,00020.12.2002
47ओडिशासतकोसिया घाटी12.10.202198,1973.08.2022
48ओडिशाताम्पारा झील12.10.202130013.08.2022
49ओडिशाहीराकुंड जलाशय12.10.202165,40013.08.2022
50ओडिशाअंसुपा झील12.10.202123113.08.2022
51पंजाब हरिके झील23.03.19904,1001990
52पंजाब कंजली झील22.01.200218325.01.2002
53पंजाब रोपड़ झील22.01.20021,36525.01.2002
54पंजाब ब्यास संरक्षण आरक्षित26.09.20196,42927.01.2020
55पंजाब केशोपुर - मियानी सामुदायिक रिजर्व26.09.201934427.01.2020
56पंजाब नांगल वन्यजीव अभयारण्य26.09.201911627.01.2020
57राजस्थानकेवलादेव घाना राष्ट्रीय उद्यान1.10.19812,8731982
58राजस्थानसांभर झील23.03.199024,0001990
59राजस्थानमेनार आर्द्रभूमि परिसर19.02.20254634.06.2025
60राजस्थानखिचन आर्द्रभूमि19.02.2025544.06.2025
61राजस्थानसिलिसेढ़ झील7.07.202531612.12.2025
62सिक्क‍िमखाचोएडपालरी आर्द्रभूमि15.07.202417230.01.2025
63तमिलनाडुप्वाइंट कैलिमेरे वन्यजीव एवं पक्षी अभयारण्य19.08.200238,50020.12.2002
64तमिलनाडुकून्तंकुलम पक्षी अभयारण्य8.11.2021723.08.2022
65तमिलनाडुचित्रांगुडी पक्षी अभयारण्य8.11.202126013.08.2022
66तमिलनाडुकरिकिली पक्षी अभयारण्य8.04.20225826.07.2022
67तमिलनाडुपिचावरम मैंग्रोव8.04.20221,47926.07.2022
68तमिलनाडुपल्लीकरनई मार्श रिजर्व वन8.04.20221,24826.07.2022
69तमिलनाडुमन्नार की खाड़ी समुद्री जीवमंडल अभ्यारण्य8.04.202252,6723.08.2022
70तमिलनाडुवेम्बन्नूर आर्द्रभूमि परिसर8.04.2022203.08.2022
71तमिलनाडुवेलोड पक्षी अभयारण्य8.04.2022773.08.2022
72तमिलनाडुउदयमार्थंडपुरम पक्षी अभयारण्य8.04.2022443.08.2022
73तमिलनाडुवेदान्थंगल पक्षी अभयारण्य8.04.2022403.08.2022
74तमिलनाडुसुचिंद्रम थेरूर आर्द्रभूमि परिसर8.04.20229413.08.2022
75तमिलनाडुवडुवुर पक्षी अभयारण्य8.04.202211313.08.2022
76तमिलनाडुकंजीरंकुलम पक्षी अभयारण्य8.04.20229713.08.2022
77तमिलनाडुकारावेट्टी पक्षी अभयारण्य24.05.202345431.01.2024
78तमिलनाडुलॉन्गवुड शोला आरक्षित वन24.05.202311631.01.2024
79तमिलनाडुकाझुवेली पक्षी अभयारण्य16.01.20245,15214.08.2024
80तमिलनाडुनंजरायन पक्षी अभयारण्य16.01.202412614.08.2024
81तमिलनाडुसक्कराकोट्टई पक्षी अभयारण्य15.07.202423030.01.2025
82तमिलनाडुथेरथांगल पक्षी अभयारण्य15.07.20242930.01.2025
83त्रिपुरारुद्रसागर झील8.11.200524020.01.2006
84उत्तर प्रदेशऊपरी गंगा नदी8.11.200526,59020.01.2006
85उत्तर प्रदेशनवाबगंज पक्षी अभयारण्य19.09.201922527.01.2020
86उत्तर प्रदेशपार्वती अर्गा पक्षी अभयारण्य2.12.201972227.01.2020
87उत्तर प्रदेशसमन पक्षी अभयारण्य2.12.201952627.01.2020
88उत्तर प्रदेशसमसपुर पक्षी अभयारण्य3.10.201979927.01.2020
89उत्तर प्रदेशसैंडी पक्षी अभयारण्य26.09.201930927.01.2020
90उत्तर प्रदेशसरसई नवारझील19.09.201916127.01.2020
91उत्तर प्रदेशसुर सरोवर21.08.202043112.11.2020
92उत्तर प्रदेशहैदरपुर आर्द्रभूमि13.04.20216,9088.12.2021
93उत्तर प्रदेशबखीरा वन्यजीव अभयारण्य29.06.20212,8941.02.2022
94उत्तराखंडआसन संरक्षण आरक्षित क्षेत्र21.07.202044416.10.2020
95पश्चिम बंगाल पूर्वी कोलकाता आर्द्रभूमि19.08.200212,50020.12.2002
96पश्चिम बंगाल सुंदरबन आर्द्रभूमि30.01.2019423,0001.02.2019
विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर यह संकलन यह समझने का अवसर भी देता है कि भारत में आर्द्रभूमि संरक्षण किस दिशा में बढ़ रहा है और किन क्षेत्रों में अभी भी मजबूत नीतिगत और संस्थागत प्रयासों की जरूरत है।

भारत के रामसर स्थल देश की जल-सुरक्षा और पारिस्थितिक संतुलन की रीढ़ हैं। इन स्थलों की सूची केवल नामों का संकलन नहीं, बल्कि यह उस प्राकृतिक पूंजी का संकेत है, जिस पर भविष्य की जल-योजनाएं और जलवायु अनुकूलन रणनीतियाँ निर्भर करती हैं। विश्व आर्द्रभूमि दिवस के संदर्भ में यह ज़रूरी है कि रामसर मान्यता को ज़मीनी संरक्षण, सामुदायिक भागीदारी और दीर्घकालिक जल प्रबंधन से जोड़ा जाए।

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