उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सरकार की ओर से आयोजित भूजल सप्ताह के तहत 16 से 22 जुलाई तक जागरूकता अभियान चला कर लोगों को वर्षा जल संरक्षण और भूजल रिचार्ज की तकनीक समझाई गई।
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भूजल अधिनियम 2019 के प्रावधानों एवं उनके क्रियान्वयन के बारे में लोगों को विस्तार से जानकारी दी गई
भूजल सप्ताह की मुख्य थीम रही ‘जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प’
लोगों को रिचार्ज पिट, इंजेक्शन वेल, फर्स्ट फ्लश डिवाइस, कंटूर बंडिंग, गली प्लग के जरिये रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग की तकनीक सिखाई
उत्तर प्रदेश में तेजी से घटते भूजल स्तर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 16 से 22 जुलाई 2026 तक राज्यव्यापी 'भूजल सप्ताह 2026' का आयोजन किया गया। राजधानी लखनऊ से लेकर गंगा-यमुना की संगम नगरी प्रयागराज तक कई कार्यक्रमों का अयोजन किया गया। भूजल के संरक्षण के प्रति लोगों को सचेत करने के लिए जन जागरूकता अभियान चलाया गया।
इसमें सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों ही की भागीदारी देखने को मिल। भूजल सप्ताह की मुख्य थीम और संदेश ‘जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प’ रहा। पूरे राज्य में सरकारी स्तर पर भूजल सप्ताह मनाने के लिए लखनऊ स्थित स्थानीय निकाय निदेशालय द्वारा सभी जिलों के नगर आयुक्तों, जल संस्थान महाप्रबंधकों औरडिवीजनल जल संस्थान के महाप्रबंधक को शासकीय आदेश भी जारी किया गया।
भूजल सप्ताह 2026 के तहत उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कार्यक्रमों की शुरुआत 16 जुलाई को लखनऊ के गोमती नगर स्थित लोहिया पार्क से इसकी शुरुआत हुई। इस मौके पर नुक्कड़ नाटक, जल एंथम, क्विज प्रतियोगिता का आयोजन हुआ और भूजल संरक्षण और वर्षा जल संचयन को जनआंदोलन बनाने के उद्देश्य से जागरूकता रैली भी निकाली गई।
भूजल सप्ताह का समापन समारोह गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में भी उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। इसमें राज्य के सभी शासकीय और ग्रामीण भवनों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य करने पर जोर दिया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि वर्ष 2021 से 2025 के बीच किए गए वैज्ञानिक विश्लेषण के अनुसार प्रदेश के 29 जिलों में औसत भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। उन्होंने इसे विभिन्न सरकारी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और भूजल संरक्षण में जनभागीदारी बढ़ाए जाने का सकारात्मक परिणाम बताया।
देव सिंह ने जनता से "जहां गिरे, जब गिरे, वर्षा जल तभी संचित करें" के मंत्र को अपने दैनिक जीवन में अपना कर वर्षा जल संचय को अपनाने की अपील की। कार्यक्रम में भूगर्भ जल विभाग के निदेशक डॉ. राजेश कुमार प्रजापति ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए प्रदेशभर में आयोजित गतिविधियों की रिपोर्ट पेश की।
प्रयागराज में भूजल सप्ताह के तहत जागरूकता अभियान चला कर जल स्रोतों की सफाई का महत्व बताया गया।
प्रयागराज में भूजल सप्ताह के मौके पर रिलायंस इंडस्ट्रीज के औद्योगिक परिसर में जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें लोगों को मॉडल के जरिये वर्षा जल संचयन के जरिये भूजल रिचार्ज की तकनीकों की जानकारी दी गई। इसे सावधानीपूर्वक व कुशलतापूर्वक अमल में लाने पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम में रिलायंस इंडस्ट्रीज के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा ठेकेदारों को रिचार्ज पिट, रिचार्ज शाफ्ट, रिचार्ज वेल जैसी भूजल रिचार्ज संरचनाओं के डिजाइन, निर्माण, रखरखाव तथा सुरक्षा मानकों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही औद्योगिक क्षेत्र में भूजल रिचार्ज करते समय ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण सावधानियों को भी समझाते हुए बताया गया कि प्रदूषित जल को भूजल में नहीं जाने दिया जाए। भूजल रिचार्ज के लिए बनाई गई संरचनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जानी चाहिए और समय-समय पर इनकी सफाई की जानी चाहिए, ताकि इनसे पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी भूजल स्रोतों तक पहुंचता रहे।
उत्तर प्रदेश की संगम नगरी प्रयागराज में भूजल संरक्षण गोष्ठी के साथ हुआ भूजल सप्ताह का समापन।
इसके साथ ही 21 जुलाई को प्रयागराज के भूगर्भ जल विभाग द्वारा प्रयागराज होटल एसोसिएशन के सहयोग से जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में होटल प्रबंधकों, मालिकों एवं स्टाफ को भूजल संरक्षण, वर्षा जल संचयन तथा उत्तर प्रदेश भूजल अधिनियम 2019 के प्रावधानों एवं उनके क्रियान्वयन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
विभाग द्वारा होटल परिसरों में वर्षा जल संचयन संरचनाओं (रिचार्ज पिट, रिचार्ज वेल, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम) की स्थापना, रखरखाव तथा भूजल संरक्षण के व्यावहारिक उपायों को अपनाने का आग्रह किया गया। साथ ही ऐसा न करने पर भूजल अधिनियम 2019 के तहत दंडात्मक प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम में मौजूद प्रयागराज होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि पर्यटन नगरी प्रयागराज में होटल उद्योग भूजल संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएगा। उन्होंने भविष्य में विभाग के साथ मिलकर और अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा अपने-अपने होटलों में वर्षा जल संचयन प्रणाली (Rainwater harvesting system) लागू करने का संकल्प लिया।
प्रयागराज के डी.पी. पब्लिक स्कूल, प्रयागराज में लघु गोष्ठी का आयोजन कर छात्रों को ग्राउंड वाटर रिचार्ज का महत्व समझाया गया और चित्रकला प्रतियोगिता का भी आयोजन हुआ।
इसके अलावा भूगर्भ जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रमों की शृंखला में डी.पी. पब्लिक स्कूल, प्रयागराज मे लघु गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों, तथा स्थानीय लोगों को भूजल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण तकनीकों (groundwater recharge techniques) और जन सहभागिता के माध्यम से भूजल पारिस्थितिकी तंत्र (groundwater ecosystem) की सुरक्षा के बारे मे जागरूक करना था।
कार्यक्रम में भूजल विशेषज्ञों ने छात्रों को बताया कि अत्यधिक दोहन, प्रदूषण तथा जलवायु परिवर्तन के कारण भूजल स्तर तेजी से घट रहा है। गोष्ठी में विभिन्न प्रभावी पुनर्भरण तकनीकों जैसे रिचार्ज पिट, इंजेक्शन वेल, फर्स्ट फ्लश डिवाइस, कंटूर बंडिंग, गली प्लग तथा रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग की जानकारी भी दी गयी। इस मौके पर भूजल संरक्षण की थीम पर चित्रकला एवं पोस्टर प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। कार्यक्रम का समापन भूजल संरक्षण की शपथ ग्रहण के साथ हुआ।
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