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खासम-खास

भारत पर मँडरा रहा गुम हुए प्लूटोनियम का खतरा

Submitted by editorial on Mon, 08/13/2018 - 13:28
Author
उमेश कुमार राय
बेस कैम्प जहाँ प्लूटोनियम कैप्सुल्स खो गएबेस कैम्प जहाँ प्लूटोनियम कैप्सुल्स खो गए (फोटो साभार - मेंस एक्सपी)अभी हाल ही में हॉलीवुड की एक फिल्म आई है। नाम है- मिशन इम्पॉसिबल: फॉलआउट। फिल्म की कहानी प्लूटोनियम की एक बड़ी खेप तक खलनायकों की पहुँच को रोकने के मिशन पर आधारित है। फिल्म में मुख्य किरदार टॉम क्रूज ने निभाया है।

Content

बर्बाद होता खजाना

Submitted by editorial on Fri, 08/17/2018 - 18:55
Author
डाउन टू अर्थ
Source
डाउन टू अर्थ, अगस्त, 2018
वर्षाजल से मछलीपालन किया जाता हैवर्षाजल से मछलीपालन किया जाता है (फोटो साभार - डाउन टू अर्थ)क्या गोवा के पर्यावरण में गिरावट आई है? जवाब है ‘हाँ’ और इसका सबसे अच्छा उदाहरण है यहाँ की खजाना भूमि की बदहाली, जो इस तटीय इलाके की एक खास व्यवस्था है। राज्य की जलवायु और आर्थिक-पारिस्थितिक जीवन के हिसाब से भी यह व्यवस्था बहुत महत्त्वपूर्ण रही है।

तराजू में एक तरफ नमक तो दूसरी तरफ मेवा

Submitted by editorial on Fri, 08/17/2018 - 18:39
Author
अनिल अश्विनी शर्मा
Source
डाउन टू अर्थ, अगस्त 2018
प्रवीर कृष्णप्रवीर कृष्ण (फोटो साभार - डाउन टू अर्थ)लघु वनोपज (minor forest produce - MFP) पर आदिवासियों का एकाधिकार होने के बावजूद वे उसके उचित दामों से वंचित हैं। बस्तर क्षेत्र में आदिवासी चिरौंजी जैसे महंगे मेवे को नमक के भाव बेचते हैं। तराजू में एक तरफ नमक होता है तो दूसरी और मेवा (ड्राइफूड) लघु वनोपज पर निर्भर आदिवासियों के शोषण की ये एक मिसाल है।

सानंद के स्वास्थ्य में आ रही है गिरावट

Submitted by editorial on Wed, 08/15/2018 - 19:36
Author
इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंदस्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद (फोटो साभार - डेली मेल) गंगा संरक्षण के लिये केन्द्र सरकार द्वारा अब तक उठाए गए कदमों से असन्तुष्ट, वयोवृद्ध पर्यावरणविद प्रोफेसर जीडी अग्रवाल सह स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद 55 दिनों से अनशन पर हैं। उनके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है और उनका वजन 15 किलोग्राम कम हो गया है। हाल ही उन्हें 13 अगस्त को ऋषिकेश स्थित एम्स में भर्ती कराया गया है।

प्रयास

जल संरक्षण कर पानीदार हुआ मोरी

Submitted by editorial on Mon, 08/20/2018 - 16:00
Author
नमिता
चिंवा गाँवचिंवा गाँव (फोटो साभार - अमर उजाला)भूजल वैज्ञानिक डॉ. डीडी ओझा की किताब ‘जल संरक्षण’ में बताया गया है कि धरती का 70.87 प्रतिशत भाग पानी से घिरा हुआ है। बावजूद इसके पीने के पानी का जबरदस्त संकट है। आँकड़ों के अनुसार विश्व की जनसंख्या वर्ष 2050 में 903.6 करोड़ हो जाने की सम्भावना है।

नोटिस बोर्ड

युवा वैज्ञानिकों के लिये विज्ञान संचार से जुड़ने का अवसर

Submitted by editorial on Mon, 08/13/2018 - 17:18
Author
उमाशंकर मिश्र
Source
इंडिया साइंस वायर, 13 अगस्त, 2018
विज्ञान संचारकविज्ञान संचारक (फोटो साभार - अवसर) नई दिल्ली। विज्ञान को सरल भाषा में लोगों तक पहुँचाने के लिये अब युवा वैज्ञानिकों का सहारा लिया जाएगा। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने इस सम्बन्ध में एक राष्ट्रीय प्रतियोगिता की घोषणा की है।

आईसीटी फॉर माउंटेन डेवलपमेंट अवार्ड के लिये आवेदन

Submitted by editorial on Tue, 07/24/2018 - 15:12
Source
आईसीमोड

आईसीमोड
आईसीटी फॉर माउंटेन डेवलपमेंट अवार्ड- 2018
आवेदन की अन्तिम तिथि- 30 नवम्बर, 2018
प्रिय मित्रों,
आईसीमोड का आपको अभिनन्दन,
हमें यह बताते हुए अपार हर्ष हो रहा है कि आईसीमोड ने लगातार पाँचवें वर्ष आईसीटी फॉर माउंटेन डेवलपमेंट अवार्ड के लिए आवेदन आमंत्रित करने का निर्णय लिया है। यह पुरस्कार पर्वतीय क्षेत्रों में विकास और पर्यावरण संरक्षण हेतु सूचना और दूरसंचार तकनीक के विकास (Information and Communications Technology for Development, ICTD) पर आधारित नई खोजों के लिए दिया जाता है। नई खोजों और उनके इस्तेमाल के लिए सम्मान पाने वाले पिछले विजेताओं के ICTD से जुड़ी खोजों का विवरण आप हमारी वेबसाइट पर पा सकते हैं।

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भारत पर मँडरा रहा गुम हुए प्लूटोनियम का खतरा

Submitted by editorial on Mon, 08/13/2018 - 13:28
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उमेश कुमार राय
बेस कैम्प जहाँ प्लूटोनियम कैप्सुल्स खो गएबेस कैम्प जहाँ प्लूटोनियम कैप्सुल्स खो गए (फोटो साभार - मेंस एक्सपी)अभी हाल ही में हॉलीवुड की एक फिल्म आई है। नाम है- मिशन इम्पॉसिबल: फॉलआउट। फिल्म की कहानी प्लूटोनियम की एक बड़ी खेप तक खलनायकों की पहुँच को रोकने के मिशन पर आधारित है। फिल्म में मुख्य किरदार टॉम क्रूज ने निभाया है।

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बर्बाद होता खजाना

Submitted by editorial on Fri, 08/17/2018 - 18:55
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डाउन टू अर्थ
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डाउन टू अर्थ, अगस्त, 2018
वर्षाजल से मछलीपालन किया जाता हैवर्षाजल से मछलीपालन किया जाता है (फोटो साभार - डाउन टू अर्थ)क्या गोवा के पर्यावरण में गिरावट आई है? जवाब है ‘हाँ’ और इसका सबसे अच्छा उदाहरण है यहाँ की खजाना भूमि की बदहाली, जो इस तटीय इलाके की एक खास व्यवस्था है। राज्य की जलवायु और आर्थिक-पारिस्थितिक जीवन के हिसाब से भी यह व्यवस्था बहुत महत्त्वपूर्ण रही है।

तराजू में एक तरफ नमक तो दूसरी तरफ मेवा

Submitted by editorial on Fri, 08/17/2018 - 18:39
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अनिल अश्विनी शर्मा
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डाउन टू अर्थ, अगस्त 2018
प्रवीर कृष्णप्रवीर कृष्ण (फोटो साभार - डाउन टू अर्थ)लघु वनोपज (minor forest produce - MFP) पर आदिवासियों का एकाधिकार होने के बावजूद वे उसके उचित दामों से वंचित हैं। बस्तर क्षेत्र में आदिवासी चिरौंजी जैसे महंगे मेवे को नमक के भाव बेचते हैं। तराजू में एक तरफ नमक होता है तो दूसरी और मेवा (ड्राइफूड) लघु वनोपज पर निर्भर आदिवासियों के शोषण की ये एक मिसाल है।

सानंद के स्वास्थ्य में आ रही है गिरावट

Submitted by editorial on Wed, 08/15/2018 - 19:36
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इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंदस्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद (फोटो साभार - डेली मेल) गंगा संरक्षण के लिये केन्द्र सरकार द्वारा अब तक उठाए गए कदमों से असन्तुष्ट, वयोवृद्ध पर्यावरणविद प्रोफेसर जीडी अग्रवाल सह स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद 55 दिनों से अनशन पर हैं। उनके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है और उनका वजन 15 किलोग्राम कम हो गया है। हाल ही उन्हें 13 अगस्त को ऋषिकेश स्थित एम्स में भर्ती कराया गया है।

प्रयास

जल संरक्षण कर पानीदार हुआ मोरी

Submitted by editorial on Mon, 08/20/2018 - 16:00
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नमिता
चिंवा गाँवचिंवा गाँव (फोटो साभार - अमर उजाला)भूजल वैज्ञानिक डॉ. डीडी ओझा की किताब ‘जल संरक्षण’ में बताया गया है कि धरती का 70.87 प्रतिशत भाग पानी से घिरा हुआ है। बावजूद इसके पीने के पानी का जबरदस्त संकट है। आँकड़ों के अनुसार विश्व की जनसंख्या वर्ष 2050 में 903.6 करोड़ हो जाने की सम्भावना है।

नोटिस बोर्ड

युवा वैज्ञानिकों के लिये विज्ञान संचार से जुड़ने का अवसर

Submitted by editorial on Mon, 08/13/2018 - 17:18
Author
उमाशंकर मिश्र
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इंडिया साइंस वायर, 13 अगस्त, 2018
विज्ञान संचारकविज्ञान संचारक (फोटो साभार - अवसर) नई दिल्ली। विज्ञान को सरल भाषा में लोगों तक पहुँचाने के लिये अब युवा वैज्ञानिकों का सहारा लिया जाएगा। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने इस सम्बन्ध में एक राष्ट्रीय प्रतियोगिता की घोषणा की है।

आईसीटी फॉर माउंटेन डेवलपमेंट अवार्ड के लिये आवेदन

Submitted by editorial on Tue, 07/24/2018 - 15:12
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आईसीमोड

आईसीमोड
आईसीटी फॉर माउंटेन डेवलपमेंट अवार्ड- 2018
आवेदन की अन्तिम तिथि- 30 नवम्बर, 2018
प्रिय मित्रों,
आईसीमोड का आपको अभिनन्दन,
हमें यह बताते हुए अपार हर्ष हो रहा है कि आईसीमोड ने लगातार पाँचवें वर्ष आईसीटी फॉर माउंटेन डेवलपमेंट अवार्ड के लिए आवेदन आमंत्रित करने का निर्णय लिया है। यह पुरस्कार पर्वतीय क्षेत्रों में विकास और पर्यावरण संरक्षण हेतु सूचना और दूरसंचार तकनीक के विकास (Information and Communications Technology for Development, ICTD) पर आधारित नई खोजों के लिए दिया जाता है। नई खोजों और उनके इस्तेमाल के लिए सम्मान पाने वाले पिछले विजेताओं के ICTD से जुड़ी खोजों का विवरण आप हमारी वेबसाइट पर पा सकते हैं।

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