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खासम-खास

समाधान खोजता भूजल संकट

Submitted by UrbanWater on Thu, 06/13/2019 - 21:06
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
भूजल संकट गहराता जा रहा है।भूजल संकट गहराता जा रहा है। बरसात के बाद के सभी जलस्रोत (कुएं, तालाब और नदी) भूजल पर निर्भर होते हैं। हम यह भी जानते हैं कि धरती में भूजल का संचय स्थानीय भूगोल और धरती की परतों की पानी सहेजने की क्षमता पर निर्भर होता है। बरसात भले ही धरती की गागर भर दे पर जब भूजल का दोहन प्रारंभ होता है तो सारा गणित धरा का धरा रह जाता है। भूजल स्तर के घटने के कारण धरती की उथली परतों का पानी खत्म हो जाता है। उस पर निर्भर झरने और जल स्रोत सूख जाते हैं। चूँकि भूजल का दोहन हर साल लगातार बढ़ रहा है इस कारण धीरे-धीरे गहरी परतें भी रीतने लगी हैं।

Content

बुग्याल बचेंगे तो हम भी रहेंगे

Submitted by HindiWater on Fri, 08/23/2019 - 10:45
Source
युगवाणी, अगस्त 2019
बेदनी बुग्याल।बेदनी बुग्याल। बुग्याल बहुत सुन्दर हैं, प्रकृति का उपहार हैं, इनके व्यावसायिक उपयोग कर पाबंदी भले ही न हो पर इन्हें उजाड़ने, तहस-नहस करने की इजाजत तो नहीं दी जा सकती। इन्हें बचाना, इन्हें संरक्षित रखना बेहद जरूरी है ताकि प्रकृति के हरे मखमली दरीचे अपनी खूबसूरती यूँ ही बिखेरते रहें।

जलवायु परिवर्तन से बढ़ा संकट

Submitted by HindiWater on Thu, 08/22/2019 - 12:04
Source
डाउन टू अर्थ, अगस्त 2019

 धधकते जंगल।जलवायु परिवर्तन से बढ़ा संकट।

13 जुलाई की सुबह सुपौल जिले में बीरपुर गाँव के चंदन राय को फोन पर एक सूचना मिली कि कोसी नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, ऐसा लगता है कि बाढ़ आ रही है। इतना सुनते ही वह तुरन्त अपना बिस्तर छोड़ गाँव की ओर भागे। उन्होंने ग्रामीणों को नजदीक आ रही आपदा की जानकरी दी। धीरे-धीरे यह सूचना नदी के निचले स्तर तक बसे गाँवों में भी फैल गई। चंदन कहते हैं, ‘इस सूचना ने जीवनदाता का काम किया।

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का साक्षात्कार

Submitted by HindiWater on Thu, 08/22/2019 - 11:24
Source
हिंदुस्तान टाइम्स, 04 अगस्त 2019

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत।

जल शक्ति के नए मंत्रालय का ध्यान जागरुकता, तकनीकी सहायता और हैंड होल्डिंग पर होगा। जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने यह समझाते हुए कहा कि पानी एक राज्य का विषय है, यह दृष्टिकोण आवश्यक है। साथ ही, पानी से संबंधित संविधान में उल्लेखित विषय नहीं हैं, जहां केंद्र को कानून पारित करने का अधिकार है।

प्रयास

कार मैकेनिक से बना पर्यावरण प्रेमी, खेत में 300 से ज्यादा मोरों का बसेरा

Submitted by HindiWater on Tue, 08/20/2019 - 15:54
हिम्मताराम भांबू।हिम्मताराम भांबू। हिम्मताराम भांबू राजस्थान के नागौर जिले के रहने वाले हैं। नागौर जिला पानी की उपलब्धता के हिसाब से डार्क जोन में होने से यहां के लोगों को भारी दिक्कतों को सामना करना पड़ता है। हिम्मताराम भांबू का बचपन इन्हीं परेशानियों से जूझते और कठिनाईयों से निबटने के उपायों को देखते हुए ही बीता था। खेती-किसानी के लिए हिम्मताराम को गांव में कक्षा 6 के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी। पैसों की तंगी के कारण बचपन से ही मैकेनिक का काम शुरू कर दिया था और स्थानीय ट्रैक्टर मालिकों को पुर्जे खोलने और मरम्मत करने में सहायता करने लगे।

नोटिस बोर्ड

भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून

Submitted by HindiWater on Sat, 07/13/2019 - 14:19
Source
दैनिक भास्कर, 09 जुलाई 2019
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून।भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून। बारिश शुरू होते ही जल संकट दूर हो गया है, लेकिन यह राहत कुछ ही महीनों की रहेगी। यह समस्या फिर सामने आएगी, क्योंकि जितना पानी धरती में जाता है, उससे ज्यादा हम बाहर निकाल लेतेे हैं। भूजल दोहन का यह प्रतिशत 137 है। यानी, 100 लीटर पानी अंदर जाता है, तो हम 137 लीटर पानी बाहर निकालते हैं। यह प्रदेश के 56 मध्यप्रदेश के 56 फीसद से दोगुना से भी ज्यादा है।

पर्यावरण मंत्रालय से हटा नदियों की सफाई का काम

Submitted by UrbanWater on Wed, 06/19/2019 - 14:46
Source
दैनिक जागरण, 19 जून 2019
अब नदियों के सारे काम जल शक्ति मंत्रालय करेगा।अब नदियों के सारे काम जल शक्ति मंत्रालय करेगा। सरकार ने पर्यावरण मंत्रालय से नदियों की सफाई का काम छीनकर जलशक्ति मंत्रालय को सौंप दिया है। अब तक जलशक्ति मंत्रालय के पास सिर्फ नदियों की सफाई का ही जिम्मा था, लेकिन अब वह शेष नदियों के प्रदूषण को दूर करने का काम भी देखेगा। कैबिनेट सचिवालय ने सरकार (कार्य आबंटन) नियम, 1961 में संशोधन करते हुए केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय का नाम बदल कर जलशक्ति मंत्रालय करने की अधिसूचना जारी कर दी है।

श्रीनगर बांध परियोजना की खुली नहर से खतरा

Submitted by UrbanWater on Fri, 06/07/2019 - 14:44
श्रीनगर बांध।श्रीनगर बांध।। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने श्रीनगर बांध परियोजना के पाॅवर चैनल में लीकेज के कारण हो रही समस्याओं पर उत्तम सिंह भंडारी और विमल भाई की याचिका पर सरकार से रिपोर्ट मांगी है। ऊर्जा विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा टिहरी के जिलाधिकारी से भी एक महीने में ई-मेल पर इस संदर्भ में रिपोर्ट मांगी है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इस काम के समन्वयन और अनुपालन की जिम्मेदारी भी दी गई है। साथ ही याचिका की प्रतिलिपि वादियों द्वारा एक हफ्ते में पहुंचाने का भी आदेश दिया है।

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समाधान खोजता भूजल संकट

Submitted by UrbanWater on Thu, 06/13/2019 - 21:06
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कृष्ण गोपाल 'व्यास’
भूजल संकट गहराता जा रहा है।भूजल संकट गहराता जा रहा है। बरसात के बाद के सभी जलस्रोत (कुएं, तालाब और नदी) भूजल पर निर्भर होते हैं। हम यह भी जानते हैं कि धरती में भूजल का संचय स्थानीय भूगोल और धरती की परतों की पानी सहेजने की क्षमता पर निर्भर होता है। बरसात भले ही धरती की गागर भर दे पर जब भूजल का दोहन प्रारंभ होता है तो सारा गणित धरा का धरा रह जाता है। भूजल स्तर के घटने के कारण धरती की उथली परतों का पानी खत्म हो जाता है। उस पर निर्भर झरने और जल स्रोत सूख जाते हैं। चूँकि भूजल का दोहन हर साल लगातार बढ़ रहा है इस कारण धीरे-धीरे गहरी परतें भी रीतने लगी हैं।

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बुग्याल बचेंगे तो हम भी रहेंगे

Submitted by HindiWater on Fri, 08/23/2019 - 10:45
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युगवाणी, अगस्त 2019
बेदनी बुग्याल।बेदनी बुग्याल। बुग्याल बहुत सुन्दर हैं, प्रकृति का उपहार हैं, इनके व्यावसायिक उपयोग कर पाबंदी भले ही न हो पर इन्हें उजाड़ने, तहस-नहस करने की इजाजत तो नहीं दी जा सकती। इन्हें बचाना, इन्हें संरक्षित रखना बेहद जरूरी है ताकि प्रकृति के हरे मखमली दरीचे अपनी खूबसूरती यूँ ही बिखेरते रहें।

जलवायु परिवर्तन से बढ़ा संकट

Submitted by HindiWater on Thu, 08/22/2019 - 12:04
Source
डाउन टू अर्थ, अगस्त 2019

 धधकते जंगल।जलवायु परिवर्तन से बढ़ा संकट।

13 जुलाई की सुबह सुपौल जिले में बीरपुर गाँव के चंदन राय को फोन पर एक सूचना मिली कि कोसी नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, ऐसा लगता है कि बाढ़ आ रही है। इतना सुनते ही वह तुरन्त अपना बिस्तर छोड़ गाँव की ओर भागे। उन्होंने ग्रामीणों को नजदीक आ रही आपदा की जानकरी दी। धीरे-धीरे यह सूचना नदी के निचले स्तर तक बसे गाँवों में भी फैल गई। चंदन कहते हैं, ‘इस सूचना ने जीवनदाता का काम किया।

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का साक्षात्कार

Submitted by HindiWater on Thu, 08/22/2019 - 11:24
Source
हिंदुस्तान टाइम्स, 04 अगस्त 2019

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत।

जल शक्ति के नए मंत्रालय का ध्यान जागरुकता, तकनीकी सहायता और हैंड होल्डिंग पर होगा। जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने यह समझाते हुए कहा कि पानी एक राज्य का विषय है, यह दृष्टिकोण आवश्यक है। साथ ही, पानी से संबंधित संविधान में उल्लेखित विषय नहीं हैं, जहां केंद्र को कानून पारित करने का अधिकार है।

प्रयास

कार मैकेनिक से बना पर्यावरण प्रेमी, खेत में 300 से ज्यादा मोरों का बसेरा

Submitted by HindiWater on Tue, 08/20/2019 - 15:54
हिम्मताराम भांबू।हिम्मताराम भांबू। हिम्मताराम भांबू राजस्थान के नागौर जिले के रहने वाले हैं। नागौर जिला पानी की उपलब्धता के हिसाब से डार्क जोन में होने से यहां के लोगों को भारी दिक्कतों को सामना करना पड़ता है। हिम्मताराम भांबू का बचपन इन्हीं परेशानियों से जूझते और कठिनाईयों से निबटने के उपायों को देखते हुए ही बीता था। खेती-किसानी के लिए हिम्मताराम को गांव में कक्षा 6 के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी। पैसों की तंगी के कारण बचपन से ही मैकेनिक का काम शुरू कर दिया था और स्थानीय ट्रैक्टर मालिकों को पुर्जे खोलने और मरम्मत करने में सहायता करने लगे।

नोटिस बोर्ड

भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून

Submitted by HindiWater on Sat, 07/13/2019 - 14:19
Source
दैनिक भास्कर, 09 जुलाई 2019
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून।भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून। बारिश शुरू होते ही जल संकट दूर हो गया है, लेकिन यह राहत कुछ ही महीनों की रहेगी। यह समस्या फिर सामने आएगी, क्योंकि जितना पानी धरती में जाता है, उससे ज्यादा हम बाहर निकाल लेतेे हैं। भूजल दोहन का यह प्रतिशत 137 है। यानी, 100 लीटर पानी अंदर जाता है, तो हम 137 लीटर पानी बाहर निकालते हैं। यह प्रदेश के 56 मध्यप्रदेश के 56 फीसद से दोगुना से भी ज्यादा है।

पर्यावरण मंत्रालय से हटा नदियों की सफाई का काम

Submitted by UrbanWater on Wed, 06/19/2019 - 14:46
Source
दैनिक जागरण, 19 जून 2019
अब नदियों के सारे काम जल शक्ति मंत्रालय करेगा।अब नदियों के सारे काम जल शक्ति मंत्रालय करेगा। सरकार ने पर्यावरण मंत्रालय से नदियों की सफाई का काम छीनकर जलशक्ति मंत्रालय को सौंप दिया है। अब तक जलशक्ति मंत्रालय के पास सिर्फ नदियों की सफाई का ही जिम्मा था, लेकिन अब वह शेष नदियों के प्रदूषण को दूर करने का काम भी देखेगा। कैबिनेट सचिवालय ने सरकार (कार्य आबंटन) नियम, 1961 में संशोधन करते हुए केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय का नाम बदल कर जलशक्ति मंत्रालय करने की अधिसूचना जारी कर दी है।

श्रीनगर बांध परियोजना की खुली नहर से खतरा

Submitted by UrbanWater on Fri, 06/07/2019 - 14:44
श्रीनगर बांध।श्रीनगर बांध।। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने श्रीनगर बांध परियोजना के पाॅवर चैनल में लीकेज के कारण हो रही समस्याओं पर उत्तम सिंह भंडारी और विमल भाई की याचिका पर सरकार से रिपोर्ट मांगी है। ऊर्जा विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा टिहरी के जिलाधिकारी से भी एक महीने में ई-मेल पर इस संदर्भ में रिपोर्ट मांगी है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इस काम के समन्वयन और अनुपालन की जिम्मेदारी भी दी गई है। साथ ही याचिका की प्रतिलिपि वादियों द्वारा एक हफ्ते में पहुंचाने का भी आदेश दिया है।

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