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खासम-खास

Submitted by HindiWater on Fri, 10/11/2019 - 08:38
जल संरक्षण - आवश्यकता एवं उपाय।
हम सभी जानते हैं कि जल सभी जीवित प्राणियों के अस्तित्व के लिए कितना महत्त्वपूर्ण है। आपने यह भी जानकारी प्राप्त कर ली होगी कि प्रयोग करने योग्य पानी की कमी होती जा रही है। यहाँ पर पानी के संरक्षण के कुछ महत्त्वपूर्ण उपाय, प्रत्येक व्यक्ति, समुदाय तथा जल संरक्षण में सरकार का योगदान की भूमिका के बारे में जान जाएँगे।

Content

Submitted by HindiWater on Thu, 10/17/2019 - 16:25
Source:
केवल मंत्रालय का नाम बदलने से गंगा नहीं बचेगी
देश विदेश के किसी भी मंच पर जब भी गंगा नदी के संरक्षण की बात होगी, तो स्वामी सानंद के बलिदान को याद किया जाता रहेगा। स्वामी सानंद का ये बलिदान कई सोए हुए जल योद्धाओं को जगाने का कार्य तो कर गया, लेकिन अभी तक अपेक्षाकृत परिणाम प्राप्त नहीं हुए हैं।
Submitted by HindiWater on Thu, 10/17/2019 - 11:16
Source:
नैनीताल एक धरोहर
प्रारम्भिक औपनिवेशिक काल।
3 मई, 1815 को ई.गार्डनर के कुमाऊँ कमिश्नर के रूप में तैनाती के तुरन्त बाद सम्पूर्ण कुमाऊँ में ब्रिटिश साम्राज्य का शिकंजा कस गया। 8 जुलाई, 1815 को जॉर्ज विलियम ट्रेल को कुमाऊँ का सहायक कमिश्नर बना दिया गया। ट्रेल 22 अगस्त, 1815 को अल्मोड़ा पहुँचे, तब कुमाऊँ के कमिश्नर गर्वनर जनरल के एजेंट, प्रशासन और राजस्व के मुखिया, न्यायाधीश के साथ सेना के अधिकारी भी थे, जबकि सहायक कमिश्नर को कलेक्टर, मजिस्ट्रेट और न्यायाधीश के अधिकार प्राप्त थे।
Submitted by HindiWater on Thu, 10/17/2019 - 10:53
Source:
कुरुक्षेत्र, अक्टूबर 2019
कृषि सम्बन्धी सुधारों के लिए रोडमैप।
भारत में कृषि का भविष्य कृषि अनुसन्धान एवं विकास में वर्तमान में कितना निवेश किया जा रहा है, उस पर निर्भर करता है। कृषि अनुसन्धान एवं विकास क्षेत्र में नूतन प्रयोग करने की आवश्यकता है जिससे सूक्ष्म कृषि, उच्च पोषक और प्रसंस्कृत किए जाने वाली किस्में, जलवायु प्रतिरोधक प्रौद्योगिकियाँ, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कृषि और बाजार परामर्शों के लिए साइबर कृषि भौतिक प्रणालियाँ विकसित हो सकें।

प्रयास

Submitted by HindiWater on Tue, 10/15/2019 - 11:15
रामवीर तंवर।
गांव से बाहरवी तक की पढ़ाई करने के बाद मैकेनिकल इंजीनियरिंग से बीटेक करने लिए एक काॅलेज में दाखिला लिया। काॅलेज में पर्यावरण संरक्षण के लिए रामवीर काफी सक्रिय रहे। साथ ही उनके मन में जलाशयों को संरक्षित करने का विचार चलता रहा। बीटेक करने के बाद एक अच्छी नौकरी मिल गई, लेकिन बार बार मन तालाबों के संरक्षण के बारे में ही सोचता रहा।

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Mon, 10/14/2019 - 17:02
Source:
मातृसदन में फिर शुरू होगा गंगा की रक्षा के लिए आंदोलन।
स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद उर्फ प्रोफेसर जीडी अग्रवाल के प्रथम बलिदान दिवास को हरिद्वार के जगजीतपुर स्थित मातृ सदन में संकल्प सभा के रूप में आयोजित किया गया। सर्वप्रथम स्वामी सानंद के बलिदान को याद कर सभा में दो मिनट का मौन रखा गया। सभा में स्वामी सानंद के संकल्पों को धरातल पर उतारने के लिए आवश्यक कार्यनीति का निर्धारण किया तथा ध्वनिगत से निश्चय किया गया कि गंगा एक्ट बनाने का कार्य पर्यावरणविद रवि चोपड़ा की अध्यक्षता वाली टीम करेगी, जिसके समन्वयक राष्ट्रीय अभिमान आन्दोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बसवराज पाटिल होंगे।
Submitted by HindiWater on Fri, 08/30/2019 - 07:32
Source:
योजना, अगस्त 2019
बजट 2019 में ग्रामीण भारत विकास के लिए योजनाएं।
वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्माला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश किया। केन्द्रीय बजट 2019-20 में ग्रामीण भारत से सम्बन्धित प्रमुख योजनाएँ इस तरह हैं -
Submitted by HindiWater on Sat, 07/13/2019 - 14:19
Source:
दैनिक भास्कर, 09 जुलाई 2019
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून।
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून। बारिश शुरू होते ही जल संकट दूर हो गया है, लेकिन यह राहत कुछ ही महीनों की रहेगी। यह समस्या फिर सामने आएगी, क्योंकि जितना पानी धरती में जाता है, उससे ज्यादा हम बाहर निकाल लेतेे हैं। भूजल दोहन का यह प्रतिशत 137 है। यानी, 100 लीटर पानी अंदर जाता है, तो हम 137 लीटर पानी बाहर निकालते हैं। यह प्रदेश के 56 मध्यप्रदेश के 56 फीसद से दोगुना से भी ज्यादा है।

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खासम-खास

जल संरक्षण - आवश्यकता एवं उपाय

Submitted by HindiWater on Fri, 10/11/2019 - 08:38
हम सभी जानते हैं कि जल सभी जीवित प्राणियों के अस्तित्व के लिए कितना महत्त्वपूर्ण है। आपने यह भी जानकारी प्राप्त कर ली होगी कि प्रयोग करने योग्य पानी की कमी होती जा रही है। यहाँ पर पानी के संरक्षण के कुछ महत्त्वपूर्ण उपाय, प्रत्येक व्यक्ति, समुदाय तथा जल संरक्षण में सरकार का योगदान की भूमिका के बारे में जान जाएँगे।

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केवल मंत्रालय का नाम बदलने से गंगा नहीं बचेगी

Submitted by HindiWater on Thu, 10/17/2019 - 16:25
देश विदेश के किसी भी मंच पर जब भी गंगा नदी के संरक्षण की बात होगी, तो स्वामी सानंद के बलिदान को याद किया जाता रहेगा। स्वामी सानंद का ये बलिदान कई सोए हुए जल योद्धाओं को जगाने का कार्य तो कर गया, लेकिन अभी तक अपेक्षाकृत परिणाम प्राप्त नहीं हुए हैं।

नैनीताल : प्रारम्भिक औपनिवेशिक काल

Submitted by HindiWater on Thu, 10/17/2019 - 11:16
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नैनीताल एक धरोहर
3 मई, 1815 को ई.गार्डनर के कुमाऊँ कमिश्नर के रूप में तैनाती के तुरन्त बाद सम्पूर्ण कुमाऊँ में ब्रिटिश साम्राज्य का शिकंजा कस गया। 8 जुलाई, 1815 को जॉर्ज विलियम ट्रेल को कुमाऊँ का सहायक कमिश्नर बना दिया गया। ट्रेल 22 अगस्त, 1815 को अल्मोड़ा पहुँचे, तब कुमाऊँ के कमिश्नर गर्वनर जनरल के एजेंट, प्रशासन और राजस्व के मुखिया, न्यायाधीश के साथ सेना के अधिकारी भी थे, जबकि सहायक कमिश्नर को कलेक्टर, मजिस्ट्रेट और न्यायाधीश के अधिकार प्राप्त थे।

कृषि सम्बन्धी सुधारों के लिए रोडमैप

Submitted by HindiWater on Thu, 10/17/2019 - 10:53
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कुरुक्षेत्र, अक्टूबर 2019
भारत में कृषि का भविष्य कृषि अनुसन्धान एवं विकास में वर्तमान में कितना निवेश किया जा रहा है, उस पर निर्भर करता है। कृषि अनुसन्धान एवं विकास क्षेत्र में नूतन प्रयोग करने की आवश्यकता है जिससे सूक्ष्म कृषि, उच्च पोषक और प्रसंस्कृत किए जाने वाली किस्में, जलवायु प्रतिरोधक प्रौद्योगिकियाँ, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कृषि और बाजार परामर्शों के लिए साइबर कृषि भौतिक प्रणालियाँ विकसित हो सकें।

प्रयास

तालाबों को संरक्षित करने के लिए इंजीनियर ने छोड़ दी नौकरी

Submitted by HindiWater on Tue, 10/15/2019 - 11:15
गांव से बाहरवी तक की पढ़ाई करने के बाद मैकेनिकल इंजीनियरिंग से बीटेक करने लिए एक काॅलेज में दाखिला लिया। काॅलेज में पर्यावरण संरक्षण के लिए रामवीर काफी सक्रिय रहे। साथ ही उनके मन में जलाशयों को संरक्षित करने का विचार चलता रहा। बीटेक करने के बाद एक अच्छी नौकरी मिल गई, लेकिन बार बार मन तालाबों के संरक्षण के बारे में ही सोचता रहा।

नोटिस बोर्ड

मातृसदन में फिर शुरू होगा गंगा की रक्षा के लिए आंदोलन

Submitted by HindiWater on Mon, 10/14/2019 - 17:02
स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद उर्फ प्रोफेसर जीडी अग्रवाल के प्रथम बलिदान दिवास को हरिद्वार के जगजीतपुर स्थित मातृ सदन में संकल्प सभा के रूप में आयोजित किया गया। सर्वप्रथम स्वामी सानंद के बलिदान को याद कर सभा में दो मिनट का मौन रखा गया। सभा में स्वामी सानंद के संकल्पों को धरातल पर उतारने के लिए आवश्यक कार्यनीति का निर्धारण किया तथा ध्वनिगत से निश्चय किया गया कि गंगा एक्ट बनाने का कार्य पर्यावरणविद रवि चोपड़ा की अध्यक्षता वाली टीम करेगी, जिसके समन्वयक राष्ट्रीय अभिमान आन्दोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बसवराज पाटिल होंगे।

बजट 2019 में ग्रामीण भारत के विकास की योजनाएं

Submitted by HindiWater on Fri, 08/30/2019 - 07:32
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योजना, अगस्त 2019
वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्माला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश किया। केन्द्रीय बजट 2019-20 में ग्रामीण भारत से सम्बन्धित प्रमुख योजनाएँ इस तरह हैं -

भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून

Submitted by HindiWater on Sat, 07/13/2019 - 14:19
Source
दैनिक भास्कर, 09 जुलाई 2019
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून।भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून। बारिश शुरू होते ही जल संकट दूर हो गया है, लेकिन यह राहत कुछ ही महीनों की रहेगी। यह समस्या फिर सामने आएगी, क्योंकि जितना पानी धरती में जाता है, उससे ज्यादा हम बाहर निकाल लेतेे हैं। भूजल दोहन का यह प्रतिशत 137 है। यानी, 100 लीटर पानी अंदर जाता है, तो हम 137 लीटर पानी बाहर निकालते हैं। यह प्रदेश के 56 मध्यप्रदेश के 56 फीसद से दोगुना से भी ज्यादा है।

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