नया ताजा

पसंदीदा आलेख

आगामी कार्यक्रम

खासम-खास

Submitted by HindiWater on Mon, 04/20/2020 - 11:45
जल संकट के आईने में समाधान की खोज  
पेयजल संकट ने दस्तक दे दी है। वह कहीं कम है तो कहीं अधिक। कहीं वह ग्रीष्मकालीन खेती के लिए है तो कहीं वह आने वाले दिनों में पेयजल की आपूर्ति के लिए है, तो कहीं-कहीं उद्योग-धन्धों के लिए कठिनाई का सबब है। पर्यावरणविदों के लिए वह नदियों के ग्रीष्मकालीन प्रवाह या पर्यावरणीय प्रवाह और जैवविविधता का संकट है।

Content

Submitted by HindiWater on Fri, 05/29/2020 - 11:50
Source:
दुनिया में 200 करोड़ और भारत में 5 करोड़ लोगों के पास हाथ धोने के साधन नहीं
जर्नल एनवायर्नमेंट हेल्थ पर्सपेक्टिव में प्रकाशित शोध में कहा गया है कि दुनिया के 200 करोड़ लोगों के पास हाथ धोने की सुविधा (साफ पानी, साबुन और सैनिटाइजर आदि) नहीं है। इसमें से 50 प्रतिशत आबादी उप-सहारा अफ्रीका और ओशिनिया में निवास करती है।
Submitted by HindiWater on Thu, 05/28/2020 - 12:08
Source:
कोविड-19 और महावारी
भारत में लगभग 335 मिलियन मासिक धर्म वाली महिलाएं और लड़कियां हैं, जो विभिन्न सामाजिक और आर्थिक कारकों के कारण प्रभावी मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन (एमएचएम) के लिए बहुस्तरीय बाधाओं का सामना करती हैं। स्वस्थ मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश के केवल 12 प्रतिशत महिलाएं और लड़कियां ही सैनेटरी नैपकिन का उपयोग करती हैं, जबकि अधिकांश महिलाएं कपड़े आदि का ही उपयोग करती हैं। 
Submitted by HindiWater on Thu, 05/28/2020 - 09:48
Source:
समुद्र और जलाशयों तक पहुंचा कोविड-19 का कचरा
हमारे द्वारा उपयोग कोविड-19 का कचरा न केवल सार्वजनिक स्थानों पर फेंका हुआ दिख रहा है, बल्कि नदियों और समुद्र तक पहुंच गया है, जो कि भविष्य में जल प्रदूषण के गंभीर समस्या के संकेत दे रहा है। इससे जलीय जीवन और मानव जीवन, दोनों ही प्रभावित होंगे।

प्रयास

Submitted by HindiWater on Sat, 05/23/2020 - 13:51
नैनखेड़ी गांवः तालाब जिंदा होते ही लौट आई खुशहाली
पानीदार देश के रूप में भारत अपनी समृद्धि खोता जा रहा है, लेकिन खो रही समृद्धि को बचाने का कई लोग भरसक प्रयास कर रहे हैं, जिनमें ताजा उदाहरण सहारनपुर के नैनखेड़ी गांव का है, जहां तालाब को न केवल जिंदा किया गया, बल्कि ये गांव टूरिस्ट स्पाॅट बन गया है। जिससे गांव की खुशहाली लौट आई है।

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
Source:
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
Source:
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 
Submitted by UrbanWater on Wed, 05/13/2020 - 11:11
Source:
पंकज मालवीय अक्षधा फाउंडेशन
पानी रे पानी
विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून 2020

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि |
प्रविष्टि रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि – 30 मई 2020
ई-प्रतियोगिता की तिथि – 5 जून 2020,
समय 10 बजे प्रात: से 4 बजे तक

Latest

खासम-खास

जल संकट के आईने में समाधान की खोज  

Submitted by HindiWater on Mon, 04/20/2020 - 11:45
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
जल संकट के आईने में समाधान की खोज  
पेयजल संकट ने दस्तक दे दी है। वह कहीं कम है तो कहीं अधिक। कहीं वह ग्रीष्मकालीन खेती के लिए है तो कहीं वह आने वाले दिनों में पेयजल की आपूर्ति के लिए है, तो कहीं-कहीं उद्योग-धन्धों के लिए कठिनाई का सबब है। पर्यावरणविदों के लिए वह नदियों के ग्रीष्मकालीन प्रवाह या पर्यावरणीय प्रवाह और जैवविविधता का संकट है।

Content

दुनिया में 200 करोड़ और भारत में 5 करोड़ लोगों के पास हाथ धोने के साधन नहीं

Submitted by HindiWater on Fri, 05/29/2020 - 11:50
200-crore-logo-ke-pass-hath-dhone-ke-sadhan-nahi
दुनिया में 200 करोड़ और भारत में 5 करोड़ लोगों के पास हाथ धोने के साधन नहीं
जर्नल एनवायर्नमेंट हेल्थ पर्सपेक्टिव में प्रकाशित शोध में कहा गया है कि दुनिया के 200 करोड़ लोगों के पास हाथ धोने की सुविधा (साफ पानी, साबुन और सैनिटाइजर आदि) नहीं है। इसमें से 50 प्रतिशत आबादी उप-सहारा अफ्रीका और ओशिनिया में निवास करती है।

कोविड-19 और महावारी

Submitted by HindiWater on Thu, 05/28/2020 - 12:08
covid-19-aur-mahavari
कोविड-19 और महावारी
भारत में लगभग 335 मिलियन मासिक धर्म वाली महिलाएं और लड़कियां हैं, जो विभिन्न सामाजिक और आर्थिक कारकों के कारण प्रभावी मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन (एमएचएम) के लिए बहुस्तरीय बाधाओं का सामना करती हैं। स्वस्थ मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश के केवल 12 प्रतिशत महिलाएं और लड़कियां ही सैनेटरी नैपकिन का उपयोग करती हैं, जबकि अधिकांश महिलाएं कपड़े आदि का ही उपयोग करती हैं। 

समुद्र और जलाशयों तक पहुंचा कोविड-19 का कचरा

Submitted by HindiWater on Thu, 05/28/2020 - 09:48
covid-19-kachra-aur-jal-pradushan
समुद्र और जलाशयों तक पहुंचा कोविड-19 का कचरा
हमारे द्वारा उपयोग कोविड-19 का कचरा न केवल सार्वजनिक स्थानों पर फेंका हुआ दिख रहा है, बल्कि नदियों और समुद्र तक पहुंच गया है, जो कि भविष्य में जल प्रदूषण के गंभीर समस्या के संकेत दे रहा है। इससे जलीय जीवन और मानव जीवन, दोनों ही प्रभावित होंगे।

प्रयास

नैनखेड़ी गांवः तालाब जिंदा होते ही लौट आई खुशहाली

Submitted by HindiWater on Sat, 05/23/2020 - 13:51
nainkheri-village-saharanpur-smart-village
नैनखेड़ी गांवः तालाब जिंदा होते ही लौट आई खुशहाली
पानीदार देश के रूप में भारत अपनी समृद्धि खोता जा रहा है, लेकिन खो रही समृद्धि को बचाने का कई लोग भरसक प्रयास कर रहे हैं, जिनमें ताजा उदाहरण सहारनपुर के नैनखेड़ी गांव का है, जहां तालाब को न केवल जिंदा किया गया, बल्कि ये गांव टूरिस्ट स्पाॅट बन गया है। जिससे गांव की खुशहाली लौट आई है।

नोटिस बोर्ड

वेबिनारः कोरोना संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
corona-and-lockdown-in-context-of-himalayas
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।

‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
WASH-for-healthy-homes-india
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि

Submitted by UrbanWater on Wed, 05/13/2020 - 11:11
participateepaintingwinaward
Source
पंकज मालवीय अक्षधा फाउंडेशन
पानी रे पानी
विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून 2020

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि |
प्रविष्टि रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि – 30 मई 2020
ई-प्रतियोगिता की तिथि – 5 जून 2020,
समय 10 बजे प्रात: से 4 बजे तक

Upcoming Event

Popular Articles