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खासम-खास

Submitted by UrbanWater on Fri, 08/07/2020 - 13:55
नदियाँ, फोटो: needpix.com
कन्टूरों के वितरण से कछार के ढ़ाल की जानकारी का अनुमान लग जाता है। टोपोशीट पर जहाँ दो कन्टूर पास-पास होते हैं वहाँ ढ़ाल बहुत अधिक होता है। खडी चढ़ाई होती है। पानी तेजी से बहकर निकल जाता है। उसके धरती में रिसने या धरती पर संचय के अवसर बहुत कम होते हैं। पानी के नीचे उतरने की गति के अधिक होने के कारण भूमि कटाव बहुत अधिक होता है। ऐसी जगह में भूमिगत जल संचय के लिए स्टेगर्ड कन्टूर ट्रेंच (Staggered contour trench) ही एकमात्र कारगर विकल्प होता है।

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Submitted by UrbanWater on Fri, 08/14/2020 - 15:52
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सतपुड़ा जलाशय में घुलता जहर
मध्यप्रदेश के बैतूल में स्थित सतपुड़ा जलाशय में ३ अगस्त को अचानक ही कई लीटर ऑयल अचानक से बहने लगा जिससे जलाशय के पानी पर निर्भर करने वाले कई सारे जीव जंतुओं का जीवन खतरे में पड़ गया था इसकी वीडियो हमें पीपल फॉर एनिमल यूनिटी सारणी के अध्यक्ष आदिल खान ने भेजी है।
Submitted by UrbanWater on Fri, 08/14/2020 - 13:30
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मेची नदी
जल संसाधन विभाग से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक, इस कोसी मेची नदी जोड़ परियोजना से न केवल चार जिलों के 2.14 लाख हेक्टेयर खेत को सिंचाई का पानी मिलेगा, बल्कि इससे बाढ़ का प्रकोप भी कम होगा। इस परियोजना के तहत हनुमाननगर बराज से कोसी का पानी महानंदा बेसिन की तरफ मोड़ा जाएगा।  
Submitted by HindiWater on Fri, 08/14/2020 - 11:20
Source:
India Water Portal
अटल भूजल योजना
भारत की 85 प्रतिशत ग्रामीण और 50 प्रतिशत शहरी आबादी की पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए भूजल का उपयोग करती है। 65 प्रतिशत भूजल का उपयोग सिंचाई के लिए किया जाता है। साथ ही औद्योगिक क्षेत्र की पानी की जरूरतों को भी भूजल से ही पूरा किया जाता है। पानी के इसी अतिदोहन, अनियमित निष्कर्षण और उपयोग के कारण भूजल स्तर में तेजी से गिरावट आ रही है। भूजल स्तर में गिरावट को रोकने के लिए दिसंबर 2019 में अटल भूजल योजना या अटल जल की शुरूआत की गई थी। ये भारत का अब तक का सबसे बड़ा सामुदायिक नेतृत्व वाला भूजल प्रबंधन कार्यक्रम है।

प्रयास

Submitted by UrbanWater on Thu, 08/06/2020 - 10:14
Pani_Anna_with_Pond_Photo: Book of Achievers
85 वर्षीय कामे गौड़ा मूल रूप से कर्नाटक के मंडया जिले के देशनाडोडी गांव के रहने वाले हैं। वह चरवाहा समुदाय से आते हैं और छोटे से कमरे में रहते हैं। वह आर्थिक तौर पर गरीब हैं, लेकिन उनके दिल में मानव जाति का कल्याण करने का जज्बा कूट-कूट कर भरा हुआ है। दरअसल, कामे गौड़ा जिस गांव में रहते हैं, वहां पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं रहता है। वहां के लोग किसी तरह अपने लिए पानी का इंतजाम तो कर लेते, लेकिन जंगली जानवरों और मवेशियों को पानी मिलना मुश्किल हो जाता था। इस संकट से निजात पाने के लिए अपने गांवों में अकेले 14 तालाब खोद डाले और जलसंकट से जूझते गांव को पानीदार बना दिया। 

नोटिस बोर्ड

Submitted by UrbanWater on Tue, 07/07/2020 - 17:15
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हेल्पलाइन नंबर
संजय झा ने कहा,ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।” “ट्विटर के अलावा टोल फ्री नं. 18003456145 पर कॉल कर भी जानकारी साझा की जा सकती है। ये नंबर 24X7 चालू है। इसके साथ ही एक ऐप भी लाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए भी जानकारियां दी जा सकती हैं।”
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
Source:
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
Source:
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

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खासम-खास

नदी चेतना यात्रा : कन्टूर और जल संरक्षण के सम्बन्ध को समझने का प्रयास 

Submitted by UrbanWater on Fri, 08/07/2020 - 13:55
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
nadi-chetna-yatra-kantur-aur-jal-sanrakshan-kay-sambandh-ko-samajhane-kaa-prayas
नदियाँ, फोटो: needpix.com
कन्टूरों के वितरण से कछार के ढ़ाल की जानकारी का अनुमान लग जाता है। टोपोशीट पर जहाँ दो कन्टूर पास-पास होते हैं वहाँ ढ़ाल बहुत अधिक होता है। खडी चढ़ाई होती है। पानी तेजी से बहकर निकल जाता है। उसके धरती में रिसने या धरती पर संचय के अवसर बहुत कम होते हैं। पानी के नीचे उतरने की गति के अधिक होने के कारण भूमि कटाव बहुत अधिक होता है। ऐसी जगह में भूमिगत जल संचय के लिए स्टेगर्ड कन्टूर ट्रेंच (Staggered contour trench) ही एकमात्र कारगर विकल्प होता है।

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मध्य प्रदेश के बैतूल में सतपुड़ा जलाशय में फैला जहर

Submitted by UrbanWater on Fri, 08/14/2020 - 15:52
Author
इंडिया वाटर पोर्टल (हिन्दी) टीम
madhya-pradesh-ke-baiyul-mein-satpuda-jalashay-mein-phaila-jahr
सतपुड़ा जलाशय में घुलता जहर
मध्यप्रदेश के बैतूल में स्थित सतपुड़ा जलाशय में ३ अगस्त को अचानक ही कई लीटर ऑयल अचानक से बहने लगा जिससे जलाशय के पानी पर निर्भर करने वाले कई सारे जीव जंतुओं का जीवन खतरे में पड़ गया था इसकी वीडियो हमें पीपल फॉर एनिमल यूनिटी सारणी के अध्यक्ष आदिल खान ने भेजी है।

कोसी-मेची नदी जोड़ परियोजना से बाढ़ का प्रकोप कम होगा

Submitted by UrbanWater on Fri, 08/14/2020 - 13:30
Author
उमेश कुमार राय
kosi-mechi-nadi-jod-pariyojana-sey-badha-kaa-prakop-km-hoga
मेची नदी
जल संसाधन विभाग से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक, इस कोसी मेची नदी जोड़ परियोजना से न केवल चार जिलों के 2.14 लाख हेक्टेयर खेत को सिंचाई का पानी मिलेगा, बल्कि इससे बाढ़ का प्रकोप भी कम होगा। इस परियोजना के तहत हनुमाननगर बराज से कोसी का पानी महानंदा बेसिन की तरफ मोड़ा जाएगा।  

अटल भूजल योजना की गाइडलाइन्स

Submitted by HindiWater on Fri, 08/14/2020 - 11:20
atal-bhujal-yojana-ki-guidelines
Source
India Water Portal
अटल भूजल योजना
भारत की 85 प्रतिशत ग्रामीण और 50 प्रतिशत शहरी आबादी की पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए भूजल का उपयोग करती है। 65 प्रतिशत भूजल का उपयोग सिंचाई के लिए किया जाता है। साथ ही औद्योगिक क्षेत्र की पानी की जरूरतों को भी भूजल से ही पूरा किया जाता है। पानी के इसी अतिदोहन, अनियमित निष्कर्षण और उपयोग के कारण भूजल स्तर में तेजी से गिरावट आ रही है। भूजल स्तर में गिरावट को रोकने के लिए दिसंबर 2019 में अटल भूजल योजना या अटल जल की शुरूआत की गई थी। ये भारत का अब तक का सबसे बड़ा सामुदायिक नेतृत्व वाला भूजल प्रबंधन कार्यक्रम है।

प्रयास

पानी अन्ना अकेले 14 तालाब खोदकर अपने गांव को बनाया पानीदार

Submitted by UrbanWater on Thu, 08/06/2020 - 10:14
Author
उमेश कुमार राय
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Pani_Anna_with_Pond_Photo: Book of Achievers
85 वर्षीय कामे गौड़ा मूल रूप से कर्नाटक के मंडया जिले के देशनाडोडी गांव के रहने वाले हैं। वह चरवाहा समुदाय से आते हैं और छोटे से कमरे में रहते हैं। वह आर्थिक तौर पर गरीब हैं, लेकिन उनके दिल में मानव जाति का कल्याण करने का जज्बा कूट-कूट कर भरा हुआ है। दरअसल, कामे गौड़ा जिस गांव में रहते हैं, वहां पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं रहता है। वहां के लोग किसी तरह अपने लिए पानी का इंतजाम तो कर लेते, लेकिन जंगली जानवरों और मवेशियों को पानी मिलना मुश्किल हो जाता था। इस संकट से निजात पाने के लिए अपने गांवों में अकेले 14 तालाब खोद डाले और जलसंकट से जूझते गांव को पानीदार बना दिया। 

नोटिस बोर्ड

बिहार में बाढ़: आपके इलाके में तटबंध में दरार है तो ऐसे दीजिए जानकारी 

Submitted by UrbanWater on Tue, 07/07/2020 - 17:15
Author
उमेश कुमार राय
bihar-badh:-aapke-ilake-mein-tatabandh-mein-darar-hai-dijie-janakari
हेल्पलाइन नंबर
संजय झा ने कहा,ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।” “ट्विटर के अलावा टोल फ्री नं. 18003456145 पर कॉल कर भी जानकारी साझा की जा सकती है। ये नंबर 24X7 चालू है। इसके साथ ही एक ऐप भी लाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए भी जानकारियां दी जा सकती हैं।”

वेबिनारः कोरोना संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
corona-and-lockdown-in-context-of-himalayas
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।

‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
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‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

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