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खासम-खास

Submitted by UrbanWater on Thu, 05/13/2021 - 10:25
हिन्दुकुश हिमालय, फोटो - इंडिया साइंस वायर

कृष्ण गोपाल 'व्यास'

हिन्दुकुश हिमालय, फोटो - इंडिया साइंस वायर

तिब्बत के पठार तथा लगभग 3500 किलोमीटर लम्बी हिन्दुकुश हिमालय पर्वत श्रृंखला, संयुक्त रूप से, उत्तर ध्रुव और दक्षिण ध्रुव के बाद, दुनिया का स्वच्छ जल का सबसे बड़ा स्रोत है। ध्रुवों की तर्ज पर बर्फ का विशाल भंडार होने के कारण इस क्षेत्र को कुछ लोग तीसरा ध्रुव (The Third Pole) भी कहते हैं।

Content

Submitted by HindiWater on Sat, 04/11/2020 - 14:13
Source:
बच्चों के स्वास्थ्य पर वायु प्रदूषण का प्रभाव
विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा  ‘एयर पॉल्यूशन एंड चाइल्ड हेल्थ : प्रेसक्राईबिंग क्लीन एयर’  शीर्षक से वायु प्रदूषण और बाल स्वास्थ्य पर जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार पूरी दुनिया में 15 साल से कम उम्र के लगभग 93% बच्चे (1.8 अरब बच्चे) हर दिन ऐसी हवा में साँस लेते हैं जो प्रदूषित है और यह प्रदूषित हवा बच्चों के स्वास्थ्य एवं विकास पर गंभीर प्रभाव डालती है।
Submitted by HindiWater on Sat, 04/11/2020 - 13:16
Source:
कार्बन फुटप्रिंट की प्रासंगिकता
कार्बन फुटप्रिंट शब्द आजकल पुनः चर्चा में है।  दरअसल कोरोनावायरस संक्रमण के चलते हुए लाकडाउन के कारण उद्योग, वाहन, ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌ रेल, वायुयान आदि अभी बंद है। जिसके कारण दुनिया भर में कार्बन फुटप्रिंट अर्थात कार्बन उत्सर्जन कम हुआ है। आधुनिक युग की सबसे प्रासंगिक और विवादित मुद्दा पर्यावरण की समस्या है।
Submitted by HindiWater on Sat, 04/11/2020 - 12:46
Source:
Amita Bhaduri/ India Water Portal
स्वच्छ पानी : कोविड-19 से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण हथियार
कोरोना वायरस से निपटने के लिए साफ पानी की उपब्लधता को महत्वपूर्ण कारक माना गया है। साबुन और साफ पानी से उचित तरीके से हाथ धोना कोरोना वायरस रोग (कोविड-19) के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कारक है। हालाँकि, दुनिया भर में लाखों लोगों को आज भी साफ पानी नसीब नहीं होता है। दुनिया के 5 में से 3 ही लोगों के पास हाथ धोने के लिए बुनियादी सुविधाए हैं।

प्रयास

Submitted by HindiWater on Mon, 02/15/2021 - 16:21
उत्तराखंड जल संकट : छोटे प्रयास से बड़ा समाधान निकलेगा
उत्तराखंड में 2013 में आई आपदा और फिर 7 फरवरी को चमोली के तपोवन में आई जलप्रलय की घटनाएँ पूरी दुनिया को बड़े बांधों के निर्माण और पर्यावरण असंतुलन से होने वालेदुष्परिणामों से आगाह कर रही है। यह बड़े बांध स्थानीय जनता को न तो सिंचाई और न ही पेयजल की पूर्ति करते हैं बल्कि इसके विपरीत प्राकृतिक रूप से संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों के लिएगंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं। बड़े बांधों में बहुत अधिक जलराशि एकत्रित होने से पहाड़ों परअत्यधिक दबाव पड़ता है। इसके निर्माण के दौरान भारी मशीनरी और विस्फोटकों आदि काप्रयोग होता है, जो पहाड़ों की नींव को भी हिला देते हैं, जिससे पहाड़ों में भूस्खलन, भूकंप आदिकी संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। चूँकि बड़े बांधों को भरने के लिए नदियों का प्रवाह रोकना पड़ताहै, इसलिए नदी के पानी से जो नैसर्गिक भूमिगत जलसंचय होता है, उसमें भी व्यवधान पड़ता है। 

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Thu, 06/10/2021 - 12:03
Source:
मीडिया डायलॉग:जलवायु संकट और बिहार
जलवायु संकट से लगातार जूझ रहे बिहार को नीति आयोग ने अच्छी रैंकिंग नहीं दी है। इससे पहले भी आईआईटी की एक रिपोर्ट ने बिहार के 14 जिलों को जलवायु परिवर्तन के संकट से मुकाबला करने में सबसे अक्षम जिलों की सूची में रखा है। बिहार सरकार के तमाम दावों के बावजूद जलवायु संकट को लेकर उसकी तैयारी जमीन पर क्यों उतरती नजर नहीं आ रही।
Submitted by HindiWater on Wed, 04/21/2021 - 14:24
Source:
विश्व पृथ्वी दिवस 2021:कोरोना संकट के बीच पर्यवरणीय चिंता
आजकल विभिन्न क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता में भिन्नता दिखाई दे रही है। बाढ़ और सुखाड़ पहले से अधिक बारबार होने लगे है,पहले से अधिक तबाही लाने लगे है ऐसे में जरूरी है जलवायू परिवर्तन के प्रभावों के मद्देनजर जल साधानो के प्रबंधन की रणनीति और तरीकों में बदलाव पर विचार करे ।
Submitted by HindiWater on Thu, 01/21/2021 - 15:14
Source:
वेटलैंड्स डे इंटरनेशनल साउथ एशिया
विश्व वेटलैंड्स दिवस 2021: वेटलैंड्स और जल
रामसर कन्वेन्शन में वेटलैंड्स को शामिल किए जाने पर  हर वर्ष की तरह इस बार भी 02 फरवरी 2021 को भारत सहित पूरे विश्व मे वेटलैंड्स डे मनाया जाएगा।  इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को वेटलैंड्स डे के प्रति जागरूक करना है। इस वर्ष विश्व वेटलैंड्स दिवस का विषय "वेटलैंड्स और जल " (Wetlands and water) है।

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खासम-खास

हिन्दुकुश हिमालय पर्वतमाला: दी थर्ड पोल

Submitted by UrbanWater on Thu, 05/13/2021 - 10:25

कृष्ण गोपाल 'व्यास'

हिन्दुकुश हिमालय, फोटो - इंडिया साइंस वायर

तिब्बत के पठार तथा लगभग 3500 किलोमीटर लम्बी हिन्दुकुश हिमालय पर्वत श्रृंखला, संयुक्त रूप से, उत्तर ध्रुव और दक्षिण ध्रुव के बाद, दुनिया का स्वच्छ जल का सबसे बड़ा स्रोत है। ध्रुवों की तर्ज पर बर्फ का विशाल भंडार होने के कारण इस क्षेत्र को कुछ लोग तीसरा ध्रुव (The Third Pole) भी कहते हैं।

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बच्चों के स्वास्थ्य पर वायु प्रदूषण का प्रभाव

Submitted by HindiWater on Sat, 04/11/2020 - 14:13
Author
डाॅ. दीपक कोहली
बच्चों के स्वास्थ्य पर वायु प्रदूषण का प्रभाव
विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा  ‘एयर पॉल्यूशन एंड चाइल्ड हेल्थ : प्रेसक्राईबिंग क्लीन एयर’  शीर्षक से वायु प्रदूषण और बाल स्वास्थ्य पर जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार पूरी दुनिया में 15 साल से कम उम्र के लगभग 93% बच्चे (1.8 अरब बच्चे) हर दिन ऐसी हवा में साँस लेते हैं जो प्रदूषित है और यह प्रदूषित हवा बच्चों के स्वास्थ्य एवं विकास पर गंभीर प्रभाव डालती है।

कार्बन फुटप्रिंट की प्रासंगिकता

Submitted by HindiWater on Sat, 04/11/2020 - 13:16
Author
डाॅ. दीपक कोहली
कार्बन फुटप्रिंट की प्रासंगिकता
कार्बन फुटप्रिंट शब्द आजकल पुनः चर्चा में है।  दरअसल कोरोनावायरस संक्रमण के चलते हुए लाकडाउन के कारण उद्योग, वाहन, ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌ रेल, वायुयान आदि अभी बंद है। जिसके कारण दुनिया भर में कार्बन फुटप्रिंट अर्थात कार्बन उत्सर्जन कम हुआ है। आधुनिक युग की सबसे प्रासंगिक और विवादित मुद्दा पर्यावरण की समस्या है।

स्वच्छ पानी : कोविड-19 से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण हथियार

Submitted by HindiWater on Sat, 04/11/2020 - 12:46
Source
Amita Bhaduri/ India Water Portal
स्वच्छ पानी : कोविड-19 से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण हथियार
कोरोना वायरस से निपटने के लिए साफ पानी की उपब्लधता को महत्वपूर्ण कारक माना गया है। साबुन और साफ पानी से उचित तरीके से हाथ धोना कोरोना वायरस रोग (कोविड-19) के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कारक है। हालाँकि, दुनिया भर में लाखों लोगों को आज भी साफ पानी नसीब नहीं होता है। दुनिया के 5 में से 3 ही लोगों के पास हाथ धोने के लिए बुनियादी सुविधाए हैं।

प्रयास

उत्तराखंड जल संकट : छोटे प्रयास से बड़ा समाधान निकलेगा

Submitted by HindiWater on Mon, 02/15/2021 - 16:21
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Source
चरखा फीचर
उत्तराखंड जल संकट : छोटे प्रयास से बड़ा समाधान निकलेगा
उत्तराखंड में 2013 में आई आपदा और फिर 7 फरवरी को चमोली के तपोवन में आई जलप्रलय की घटनाएँ पूरी दुनिया को बड़े बांधों के निर्माण और पर्यावरण असंतुलन से होने वालेदुष्परिणामों से आगाह कर रही है। यह बड़े बांध स्थानीय जनता को न तो सिंचाई और न ही पेयजल की पूर्ति करते हैं बल्कि इसके विपरीत प्राकृतिक रूप से संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों के लिएगंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं। बड़े बांधों में बहुत अधिक जलराशि एकत्रित होने से पहाड़ों परअत्यधिक दबाव पड़ता है। इसके निर्माण के दौरान भारी मशीनरी और विस्फोटकों आदि काप्रयोग होता है, जो पहाड़ों की नींव को भी हिला देते हैं, जिससे पहाड़ों में भूस्खलन, भूकंप आदिकी संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। चूँकि बड़े बांधों को भरने के लिए नदियों का प्रवाह रोकना पड़ताहै, इसलिए नदी के पानी से जो नैसर्गिक भूमिगत जलसंचय होता है, उसमें भी व्यवधान पड़ता है। 

नोटिस बोर्ड

मीडिया डायलॉग:जलवायु संकट और बिहार

Submitted by HindiWater on Thu, 06/10/2021 - 12:03
media-dialogue-:jalvayu-sankat-or-bihar
मीडिया डायलॉग:जलवायु संकट और बिहार
जलवायु संकट से लगातार जूझ रहे बिहार को नीति आयोग ने अच्छी रैंकिंग नहीं दी है। इससे पहले भी आईआईटी की एक रिपोर्ट ने बिहार के 14 जिलों को जलवायु परिवर्तन के संकट से मुकाबला करने में सबसे अक्षम जिलों की सूची में रखा है। बिहार सरकार के तमाम दावों के बावजूद जलवायु संकट को लेकर उसकी तैयारी जमीन पर क्यों उतरती नजर नहीं आ रही।

विश्व पृथ्वी दिवस 2021:कोरोना संकट के बीच पर्यवरणीय चिंता

Submitted by HindiWater on Wed, 04/21/2021 - 14:24
vishva-prithvi-divas-2021:corona-sankat-k-beach-paryavaraniya-chinta
 विश्व पृथ्वी दिवस 2021:कोरोना संकट के बीच पर्यवरणीय चिंता
आजकल विभिन्न क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता में भिन्नता दिखाई दे रही है। बाढ़ और सुखाड़ पहले से अधिक बारबार होने लगे है,पहले से अधिक तबाही लाने लगे है ऐसे में जरूरी है जलवायू परिवर्तन के प्रभावों के मद्देनजर जल साधानो के प्रबंधन की रणनीति और तरीकों में बदलाव पर विचार करे ।

विश्व वेटलैंड्स दिवस 2021: वेटलैंड्स और जल

Submitted by HindiWater on Thu, 01/21/2021 - 15:14
vishva-vetlands-divas-2021:-vetlands-aur-jal
Source
वेटलैंड्स डे इंटरनेशनल साउथ एशिया
विश्व वेटलैंड्स दिवस 2021: वेटलैंड्स और जल
रामसर कन्वेन्शन में वेटलैंड्स को शामिल किए जाने पर  हर वर्ष की तरह इस बार भी 02 फरवरी 2021 को भारत सहित पूरे विश्व मे वेटलैंड्स डे मनाया जाएगा।  इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को वेटलैंड्स डे के प्रति जागरूक करना है। इस वर्ष विश्व वेटलैंड्स दिवस का विषय "वेटलैंड्स और जल " (Wetlands and water) है।

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