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नई दिल्ली में होगा दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा सीएसआर शिखर सम्मेलन

Submitted by HindiWater on Tue, 09/10/2019 - 13:01
एनजीओ बाॅक्स 23 और 24 अप्रैल को नई दिल्ली स्थित होटल पुलमैन एंड नोवोटेल में दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा ‘‘भारत सीएसआर शिखर सम्मेलन और प्रदर्शनी’’ का आयोजन करने जा रहा है। यह 6वा शिखर सम्मेलन होगा, जिसमें इंडिया वाटर पोर्टल (हिंदी) नाॅलेज पार्टनर की भूमि निभा रहा है।

Content

जैतून की खेती करके पानी की बचत कर रहे हैं राजस्थान के किसान

Submitted by UrbanWater on Sat, 07/06/2019 - 13:58
Source
कृषि चौपाल, जून 2019 
जैतून के तेल उत्पादन के सूखे को दूर करेगी।जैतून के तेल उत्पादन के सूखे को दूर करेगी। भारत इस महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से जैतून तेल उत्पादन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी देश बनना चाहता है। राजस्थान इसके उत्पादन से स्पेन, इटली और ग्रीस को चुनौती देने के लिए तैयार हो रहा है। राजस्थान सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्राप्त ऑलिव कल्टीवेशन लिमिटेड के योगेश वर्मा कहते हैं कि ‘एजेंसी इस प्रोजेक्ट को विस्तार देने के लिए काम कर रही है। 2008 से अब तक 1 लाख 44 हजार जैतून के पेड़ लगाए जा चुके हैं’। इसके पेड़ लगभग 260 हेक्टेयर में सरकारी और निजी भूमि पर लगाए गए हैं। राजस्थान की लंबी गर्मी और सर्दियों का छोटा मौसम जैतून के उत्पादन के अनुकूल माने जाते हैं। ऐसे मौसम में जैतून के पेड़ तेजी से विकसित होते हैं।

युद्ध और आतंक से गहराता वायु प्रदूषण

Submitted by HindiWater on Fri, 07/05/2019 - 12:04
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विज्ञान प्रगति
युद्ध और आतंक से गहराता वायु प्रदूषण।युद्ध और आतंक से गहराता वायु प्रदूषण। अपनी ताकत दिखाते देशों का परिणाम युद्ध विभीषिका हो या फिर आतंकी गतिविधियों का आधार, ‘विस्फोट’ दोनों ही जहरीली गैसों की सौगात देकर हवा में प्रदूषणकारी तत्व घोल देते हैं, जो मानव सहित सभी जीव और वनस्पतियों के लिए घातक हैं। कई देशों के बीच बढ़ते संघर्ष को देखते हुए 21वीं सदी में परमाणु युद्ध की आशंका और बढ़ गई है। यदि मानवता के दुर्भाग्य से ऐसा हुआ तो धरती को तबाह होने में ज्यादा देर नहीं लगेगी। परमाणु बमों की विध्वंशक क्षमता टीएनटी (ट्राइनाइट्रोटालूईन) में आंकी जा रही है। टीएनटी एक साधारण विस्फोटक हैं, जिसे सैनिक और निर्माण कार्यो में इस्तेमाल किया जाता है। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जर्मनी ने जो सबसे बड़ा सामान्य बम (गैर परमाणु) गिराया था, उसकी विध्वंशक क्षमता लगभग 20 टीएनटी थी। हिरोशिमा पर गिराया गया परमाणु बम इससे कोई 600 गुना ज्यादा शक्तिशाली था।

बुन्देलखण्ड में जल स्रोतों का फैला जाल, फिर भी पड़ता अकाल

Submitted by UrbanWater on Fri, 07/05/2019 - 11:14
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बुन्देलखण्ड कनेक्ट, जून 2019
बुंदेलखंड में छोटी-बड़ी करीब 35 नदियां हैं।बुंदेलखंड में छोटी-बड़ी करीब 35 नदियां हैं। बुंदेलखंड प्राकृतिक संपदा का धनी इलाका है। यहां का भौगोलिक स्वरूप समतल, पठारी व वनों से आच्छादित है। प्राकृतिक सुंदरता तो देखते ही बनती है। बुंदेलखंड में पानी की बात करें तो यहां प्राकृतिक जल स्रोतों का एक बड़ा व सशक्त जाल है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के दो भागों में फैले बुंदेलखंड में छोटी-बड़ी करीब 35 नदियां हैं। यमुना, बेतवा, केन, बागै समेत लगभग 7 नदियां राष्ट्रीय स्तर की हैं।

प्रयास

आकाशकोट का पहाड़ी इलाका भी हुआ पानीदार

Submitted by HindiWater on Wed, 09/04/2019 - 16:41
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द टेलीप्रिंटर

आकाशकोट का पहाड़ी इलाका भी हुआ पानीदार।आकाशकोट का पहाड़ी इलाका भी हुआ पानीदार।

कभी उमरिया जिले के आकाशकोट का पहाड़ी इलाका अपने उजाड़ और बूँद-बूँद पानी के लिए मोहताज़ होने के लिए पहचाना जाता रहा है। लेकिन इस साल यहाँ सरकार और समाज ने मिलकर एक ऐसी इबारत रची है, जिसने इस पहाड़ी इलाके की रंगत ही बदल दी है। बारिश ने यहाँ हरियाली की चादर ओढ़ा दी है तो पहाड़ियों की गोद में तालाबों में पानी ठाठे मार रहा है। जी हाँ, अब यह इलाका भी पानीदार बन चुका है।

नोटिस बोर्ड

जल्द ठीक होगा श्रीनगर बांध का लीकेज

Submitted by HindiWater on Tue, 09/10/2019 - 16:58

श्रीनगर बांध के चैनल से होता लीकेज।श्रीनगर बांध के चैनल से होता लीकेज।

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने उत्तम सिंह भंडारी और विमल भाई की याचिका पर अलकनंदा हाइड्रो पावर लिमिटेड श्रीनगर बांध के पावर चैनल में हो रहे लीकेज को समय सीमा के अंदर रोकने का आदेश दिया है। प्राधिकरण के मुख्य न्यायाधीश आदर्श कुमार गोयल, न्यायाधीश एसपी वागडी तथा विशेषज्ञ सदस्य नवीन नंदा ने अलकनंदा हाइड्रो पावर कारपोरेशन लिमिटेड जल्दी ही समयबद्ध रूप में अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित करने तथा ऊर्जा विभाग टिहरी जिलाधीश और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड निगरानी करने का आदेश दिया है।

बजट 2019 में ग्रामीण भारत के विकास की योजनाएं

Submitted by HindiWater on Fri, 08/30/2019 - 07:32
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योजना, अगस्त 2019
बजट 2019 में ग्रामीण भारत विकास के लिए योजनाएं।बजट 2019 में ग्रामीण भारत विकास के लिए योजनाएं। वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्माला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश किया। केन्द्रीय बजट 2019-20 में ग्रामीण भारत से सम्बन्धित प्रमुख योजनाएँ इस तरह हैं -

भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून

Submitted by HindiWater on Sat, 07/13/2019 - 14:19
Source
दैनिक भास्कर, 09 जुलाई 2019
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून।भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून। बारिश शुरू होते ही जल संकट दूर हो गया है, लेकिन यह राहत कुछ ही महीनों की रहेगी। यह समस्या फिर सामने आएगी, क्योंकि जितना पानी धरती में जाता है, उससे ज्यादा हम बाहर निकाल लेतेे हैं। भूजल दोहन का यह प्रतिशत 137 है। यानी, 100 लीटर पानी अंदर जाता है, तो हम 137 लीटर पानी बाहर निकालते हैं। यह प्रदेश के 56 मध्यप्रदेश के 56 फीसद से दोगुना से भी ज्यादा है।

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खासम-खास

नई दिल्ली में होगा दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा सीएसआर शिखर सम्मेलन

Submitted by HindiWater on Tue, 09/10/2019 - 13:01
एनजीओ बाॅक्स 23 और 24 अप्रैल को नई दिल्ली स्थित होटल पुलमैन एंड नोवोटेल में दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा ‘‘भारत सीएसआर शिखर सम्मेलन और प्रदर्शनी’’ का आयोजन करने जा रहा है। यह 6वा शिखर सम्मेलन होगा, जिसमें इंडिया वाटर पोर्टल (हिंदी) नाॅलेज पार्टनर की भूमि निभा रहा है।

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जैतून की खेती करके पानी की बचत कर रहे हैं राजस्थान के किसान

Submitted by UrbanWater on Sat, 07/06/2019 - 13:58
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कृषि चौपाल, जून 2019 
जैतून के तेल उत्पादन के सूखे को दूर करेगी।जैतून के तेल उत्पादन के सूखे को दूर करेगी। भारत इस महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से जैतून तेल उत्पादन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी देश बनना चाहता है। राजस्थान इसके उत्पादन से स्पेन, इटली और ग्रीस को चुनौती देने के लिए तैयार हो रहा है। राजस्थान सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्राप्त ऑलिव कल्टीवेशन लिमिटेड के योगेश वर्मा कहते हैं कि ‘एजेंसी इस प्रोजेक्ट को विस्तार देने के लिए काम कर रही है। 2008 से अब तक 1 लाख 44 हजार जैतून के पेड़ लगाए जा चुके हैं’। इसके पेड़ लगभग 260 हेक्टेयर में सरकारी और निजी भूमि पर लगाए गए हैं। राजस्थान की लंबी गर्मी और सर्दियों का छोटा मौसम जैतून के उत्पादन के अनुकूल माने जाते हैं। ऐसे मौसम में जैतून के पेड़ तेजी से विकसित होते हैं।

युद्ध और आतंक से गहराता वायु प्रदूषण

Submitted by HindiWater on Fri, 07/05/2019 - 12:04
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विज्ञान प्रगति
युद्ध और आतंक से गहराता वायु प्रदूषण।युद्ध और आतंक से गहराता वायु प्रदूषण। अपनी ताकत दिखाते देशों का परिणाम युद्ध विभीषिका हो या फिर आतंकी गतिविधियों का आधार, ‘विस्फोट’ दोनों ही जहरीली गैसों की सौगात देकर हवा में प्रदूषणकारी तत्व घोल देते हैं, जो मानव सहित सभी जीव और वनस्पतियों के लिए घातक हैं। कई देशों के बीच बढ़ते संघर्ष को देखते हुए 21वीं सदी में परमाणु युद्ध की आशंका और बढ़ गई है। यदि मानवता के दुर्भाग्य से ऐसा हुआ तो धरती को तबाह होने में ज्यादा देर नहीं लगेगी। परमाणु बमों की विध्वंशक क्षमता टीएनटी (ट्राइनाइट्रोटालूईन) में आंकी जा रही है। टीएनटी एक साधारण विस्फोटक हैं, जिसे सैनिक और निर्माण कार्यो में इस्तेमाल किया जाता है। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जर्मनी ने जो सबसे बड़ा सामान्य बम (गैर परमाणु) गिराया था, उसकी विध्वंशक क्षमता लगभग 20 टीएनटी थी। हिरोशिमा पर गिराया गया परमाणु बम इससे कोई 600 गुना ज्यादा शक्तिशाली था।

बुन्देलखण्ड में जल स्रोतों का फैला जाल, फिर भी पड़ता अकाल

Submitted by UrbanWater on Fri, 07/05/2019 - 11:14
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बुन्देलखण्ड कनेक्ट, जून 2019
बुंदेलखंड में छोटी-बड़ी करीब 35 नदियां हैं।बुंदेलखंड में छोटी-बड़ी करीब 35 नदियां हैं। बुंदेलखंड प्राकृतिक संपदा का धनी इलाका है। यहां का भौगोलिक स्वरूप समतल, पठारी व वनों से आच्छादित है। प्राकृतिक सुंदरता तो देखते ही बनती है। बुंदेलखंड में पानी की बात करें तो यहां प्राकृतिक जल स्रोतों का एक बड़ा व सशक्त जाल है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के दो भागों में फैले बुंदेलखंड में छोटी-बड़ी करीब 35 नदियां हैं। यमुना, बेतवा, केन, बागै समेत लगभग 7 नदियां राष्ट्रीय स्तर की हैं।

प्रयास

आकाशकोट का पहाड़ी इलाका भी हुआ पानीदार

Submitted by HindiWater on Wed, 09/04/2019 - 16:41
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द टेलीप्रिंटर

आकाशकोट का पहाड़ी इलाका भी हुआ पानीदार।आकाशकोट का पहाड़ी इलाका भी हुआ पानीदार।

कभी उमरिया जिले के आकाशकोट का पहाड़ी इलाका अपने उजाड़ और बूँद-बूँद पानी के लिए मोहताज़ होने के लिए पहचाना जाता रहा है। लेकिन इस साल यहाँ सरकार और समाज ने मिलकर एक ऐसी इबारत रची है, जिसने इस पहाड़ी इलाके की रंगत ही बदल दी है। बारिश ने यहाँ हरियाली की चादर ओढ़ा दी है तो पहाड़ियों की गोद में तालाबों में पानी ठाठे मार रहा है। जी हाँ, अब यह इलाका भी पानीदार बन चुका है।

नोटिस बोर्ड

जल्द ठीक होगा श्रीनगर बांध का लीकेज

Submitted by HindiWater on Tue, 09/10/2019 - 16:58

श्रीनगर बांध के चैनल से होता लीकेज।श्रीनगर बांध के चैनल से होता लीकेज।

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने उत्तम सिंह भंडारी और विमल भाई की याचिका पर अलकनंदा हाइड्रो पावर लिमिटेड श्रीनगर बांध के पावर चैनल में हो रहे लीकेज को समय सीमा के अंदर रोकने का आदेश दिया है। प्राधिकरण के मुख्य न्यायाधीश आदर्श कुमार गोयल, न्यायाधीश एसपी वागडी तथा विशेषज्ञ सदस्य नवीन नंदा ने अलकनंदा हाइड्रो पावर कारपोरेशन लिमिटेड जल्दी ही समयबद्ध रूप में अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित करने तथा ऊर्जा विभाग टिहरी जिलाधीश और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड निगरानी करने का आदेश दिया है।

बजट 2019 में ग्रामीण भारत के विकास की योजनाएं

Submitted by HindiWater on Fri, 08/30/2019 - 07:32
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योजना, अगस्त 2019
बजट 2019 में ग्रामीण भारत विकास के लिए योजनाएं।बजट 2019 में ग्रामीण भारत विकास के लिए योजनाएं। वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्माला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश किया। केन्द्रीय बजट 2019-20 में ग्रामीण भारत से सम्बन्धित प्रमुख योजनाएँ इस तरह हैं -

भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून

Submitted by HindiWater on Sat, 07/13/2019 - 14:19
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दैनिक भास्कर, 09 जुलाई 2019
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून।भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून। बारिश शुरू होते ही जल संकट दूर हो गया है, लेकिन यह राहत कुछ ही महीनों की रहेगी। यह समस्या फिर सामने आएगी, क्योंकि जितना पानी धरती में जाता है, उससे ज्यादा हम बाहर निकाल लेतेे हैं। भूजल दोहन का यह प्रतिशत 137 है। यानी, 100 लीटर पानी अंदर जाता है, तो हम 137 लीटर पानी बाहर निकालते हैं। यह प्रदेश के 56 मध्यप्रदेश के 56 फीसद से दोगुना से भी ज्यादा है।

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