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Submitted by HindiWater on Fri, 10/25/2019 - 12:55
उत्तराखण्ड राज्य जल नीति - 2019
जल अत्यन्त महत्वपूर्ण और अपर्याप्त प्राकृतिक संसाधनों में से एक है, जो जीवन, जीवकोपार्जन, कृषि, चिरस्थायी सामाजिक विकास के साथ-साथ पारिस्थितिकीय एवं पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिये अति आवश्यक है, कि नवीकरणीय उपलब्धता सीमित तथा क्षीणता/ह्रास व अपकर्ष के प्रति वेदनीय है।

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Submitted by HindiWater on Thu, 09/05/2019 - 18:10
Source:
इंडिया साइंस वायर, 04 सितंबर
bio diversity in annamalai
अन्नामलाई का पहाड़ी क्षेत्र। जैव विविधता क्षेत्रों में छेड़छाड़ के कारण नए संक्रमण का खतरा हो सकता है। पश्चिमी घाट के अन्नामलाई पहाड़ियों के जैव विविधता क्षेत्र में किए गए एक नए अध्ययन के आधार पर भारतीय वैज्ञानिकों ने यह बात कही है। वैज्ञानिकों को अन्नामलाई के जैव विविधता क्षेत्र की वन्यजीव प्रजातियों में ऐसे परजीवी सूक्ष्मजीव मिले हैं, जो मूल रूप से पालतू पशुओं और मनुष्यों में पाए जाते हैं।
Submitted by HindiWater on Thu, 09/05/2019 - 17:16
Source:
web
desertification and rajasthan
भारत में 32 मिलियन हेक्टेयर शुष्क क्षेत्र है, जिसमें राजस्थान देश के सबसे शुष्क जोन में आता है। राजस्थान में देश के कुल शुष्क क्षेत्र का 62 प्रतिशत यानी 20.8 मिलियन हेक्टेयर से अधिक हिस्सा शामिल है। यहां गर्मियों में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, जबकि सर्दियों में -4 डिग्री सेल्सियस से तक तापमान कम हो जाता है। राजस्थान में औसत से कम वर्षा होती है।
Submitted by HindiWater on Thu, 09/05/2019 - 16:30
Source:
web
desertification in jharkhand
बंजर होते भारत में झारखंड शीर्ष पर।Photo : डाउन टू अर्थ यूं तो भारत में सूखा प्रभावित 78 जिलों में से 21 जिलों की 50 प्रतिशत से अधिक जमीन मरुस्थल में बदल चुकी है, लेकिन देश में बंजर होती भूमि के मामले में झारखंड की स्थिति भयावह है। झारखंड में इस वीभत्सा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य का कुल भौगोलिक क्षेत्र 79,714 वर्ग किलोमीटर है, लेकिन 54987.26 वर्ग किलोमीटर यानी 68.98 प्रतिशत हिस्सा मरुस्थलीकरण की जद में है।

प्रयास

Submitted by HindiWater on Wed, 10/30/2019 - 15:38
पानी का पहचाना मोल, सवा सौ साल पुराने बाँध में रोका पानी।
मध्यप्रदेश के देवास जिले में बीते सालों में भीषण जल संकट का सामना कर चुके बागली के लोगों ने अब पानी के मोल को पहचान लिया है। उन्होंने कस्बे के नजदीक बहने वाली कालीसिंध नदी का गर्मियों में गहरीकरण कर गाद हटाई और अब बारिश के बाद 113 साल पुराने बाँध में 22 गेट लगाकर पानी को सहेज लिया है।

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Mon, 10/14/2019 - 17:02
Source:
मातृसदन में फिर शुरू होगा गंगा की रक्षा के लिए आंदोलन।
स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद उर्फ प्रोफेसर जीडी अग्रवाल के प्रथम बलिदान दिवास को हरिद्वार के जगजीतपुर स्थित मातृ सदन में संकल्प सभा के रूप में आयोजित किया गया। सर्वप्रथम स्वामी सानंद के बलिदान को याद कर सभा में दो मिनट का मौन रखा गया।
Submitted by HindiWater on Fri, 08/30/2019 - 07:32
Source:
योजना, अगस्त 2019
बजट 2019 में ग्रामीण भारत विकास के लिए योजनाएं।
वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्माला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश किया। केन्द्रीय बजट 2019-20 में ग्रामीण भारत से सम्बन्धित प्रमुख योजनाएँ इस तरह हैं -
Submitted by HindiWater on Sat, 07/13/2019 - 14:19
Source:
दैनिक भास्कर, 09 जुलाई 2019
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून।
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून। बारिश शुरू होते ही जल संकट दूर हो गया है, लेकिन यह राहत कुछ ही महीनों की रहेगी। यह समस्या फिर सामने आएगी, क्योंकि जितना पानी धरती में जाता है, उससे ज्यादा हम बाहर निकाल लेतेे हैं। भूजल दोहन का यह प्रतिशत 137 है। यानी, 100 लीटर पानी अंदर जाता है, तो हम 137 लीटर पानी बाहर निकालते हैं। यह प्रदेश के 56 मध्यप्रदेश के 56 फीसद से दोगुना से भी ज्यादा है।

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खासम-खास

उत्तराखण्ड राज्य जल नीति - 2019

Submitted by HindiWater on Fri, 10/25/2019 - 12:55
Source
उत्तराखण्ड सरकार
जल अत्यन्त महत्वपूर्ण और अपर्याप्त प्राकृतिक संसाधनों में से एक है, जो जीवन, जीवकोपार्जन, कृषि, चिरस्थायी सामाजिक विकास के साथ-साथ पारिस्थितिकीय एवं पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिये अति आवश्यक है, कि नवीकरणीय उपलब्धता सीमित तथा क्षीणता/ह्रास व अपकर्ष के प्रति वेदनीय है।

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जैव विविधता क्षेत्रों में छेड़छाड़ से नए संक्रमण का खतरा 

Submitted by HindiWater on Thu, 09/05/2019 - 18:10
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इंडिया साइंस वायर, 04 सितंबर
अन्नामलाई का पहाड़ी क्षेत्र।अन्नामलाई का पहाड़ी क्षेत्र। जैव विविधता क्षेत्रों में छेड़छाड़ के कारण नए संक्रमण का खतरा हो सकता है। पश्चिमी घाट के अन्नामलाई पहाड़ियों के जैव विविधता क्षेत्र में किए गए एक नए अध्ययन के आधार पर भारतीय वैज्ञानिकों ने यह बात कही है। वैज्ञानिकों को अन्नामलाई के जैव विविधता क्षेत्र की वन्यजीव प्रजातियों में ऐसे परजीवी सूक्ष्मजीव मिले हैं, जो मूल रूप से पालतू पशुओं और मनुष्यों में पाए जाते हैं।

काॅप 14 : मरुस्थलीकरण के मुद्दे पर राजस्थान ने दिखाई राह

Submitted by HindiWater on Thu, 09/05/2019 - 17:16
Source
web
भारत में 32 मिलियन हेक्टेयर शुष्क क्षेत्र है, जिसमें राजस्थान देश के सबसे शुष्क जोन में आता है। राजस्थान में देश के कुल शुष्क क्षेत्र का 62 प्रतिशत यानी 20.8 मिलियन हेक्टेयर से अधिक हिस्सा शामिल है। यहां गर्मियों में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, जबकि सर्दियों में -4 डिग्री सेल्सियस से तक तापमान कम हो जाता है। राजस्थान में औसत से कम वर्षा होती है।

काॅप 14 : बंजर होते भारत में झारखंड शीर्ष पर

Submitted by HindiWater on Thu, 09/05/2019 - 16:30
Source
web
बंजर होते भारत में झारखंड शीर्ष पर। Photo : डाउन टू अर्थबंजर होते भारत में झारखंड शीर्ष पर।Photo : डाउन टू अर्थ यूं तो भारत में सूखा प्रभावित 78 जिलों में से 21 जिलों की 50 प्रतिशत से अधिक जमीन मरुस्थल में बदल चुकी है, लेकिन देश में बंजर होती भूमि के मामले में झारखंड की स्थिति भयावह है। झारखंड में इस वीभत्सा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य का कुल भौगोलिक क्षेत्र 79,714 वर्ग किलोमीटर है, लेकिन 54987.26 वर्ग किलोमीटर यानी 68.98 प्रतिशत हिस्सा मरुस्थलीकरण की जद में है।

प्रयास

पानी का पहचाना मोल, सवा सौ साल पुराने रणजीत बांध में रोका पानी

Submitted by HindiWater on Wed, 10/30/2019 - 15:38
Author
मनीष वैद्य
मध्यप्रदेश के देवास जिले में बीते सालों में भीषण जल संकट का सामना कर चुके बागली के लोगों ने अब पानी के मोल को पहचान लिया है। उन्होंने कस्बे के नजदीक बहने वाली कालीसिंध नदी का गर्मियों में गहरीकरण कर गाद हटाई और अब बारिश के बाद 113 साल पुराने बाँध में 22 गेट लगाकर पानी को सहेज लिया है।

नोटिस बोर्ड

मातृसदन में फिर शुरू होगा गंगा की रक्षा के लिए आंदोलन

Submitted by HindiWater on Mon, 10/14/2019 - 17:02
स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद उर्फ प्रोफेसर जीडी अग्रवाल के प्रथम बलिदान दिवास को हरिद्वार के जगजीतपुर स्थित मातृ सदन में संकल्प सभा के रूप में आयोजित किया गया। सर्वप्रथम स्वामी सानंद के बलिदान को याद कर सभा में दो मिनट का मौन रखा गया।

बजट 2019 में ग्रामीण भारत के विकास की योजनाएं

Submitted by HindiWater on Fri, 08/30/2019 - 07:32
Source
योजना, अगस्त 2019
वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्माला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश किया। केन्द्रीय बजट 2019-20 में ग्रामीण भारत से सम्बन्धित प्रमुख योजनाएँ इस तरह हैं -

भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून

Submitted by HindiWater on Sat, 07/13/2019 - 14:19
Source
दैनिक भास्कर, 09 जुलाई 2019
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून।भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून। बारिश शुरू होते ही जल संकट दूर हो गया है, लेकिन यह राहत कुछ ही महीनों की रहेगी। यह समस्या फिर सामने आएगी, क्योंकि जितना पानी धरती में जाता है, उससे ज्यादा हम बाहर निकाल लेतेे हैं। भूजल दोहन का यह प्रतिशत 137 है। यानी, 100 लीटर पानी अंदर जाता है, तो हम 137 लीटर पानी बाहर निकालते हैं। यह प्रदेश के 56 मध्यप्रदेश के 56 फीसद से दोगुना से भी ज्यादा है।

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