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खासम-खास

Submitted by HindiWater on Mon, 04/20/2020 - 11:45
जल संकट के आईने में समाधान की खोज  
पेयजल संकट ने दस्तक दे दी है। वह कहीं कम है तो कहीं अधिक। कहीं वह ग्रीष्मकालीन खेती के लिए है तो कहीं वह आने वाले दिनों में पेयजल की आपूर्ति के लिए है, तो कहीं-कहीं उद्योग-धन्धों के लिए कठिनाई का सबब है। पर्यावरणविदों के लिए वह नदियों के ग्रीष्मकालीन प्रवाह या पर्यावरणीय प्रवाह और जैवविविधता का संकट है।

Content

Submitted by HindiWater on Mon, 05/18/2020 - 10:19
Source:
एक्वापोनिक्सः पानी की अनोखी खेती
बेंगलुरु का माध्वी फार्म भारत का पहला और सबसे बड़ा एक्वापोनिक्स फार्म है। तो वहीं देश के विभिन्न स्थानों पर एक्वापोनिक्स खेती की जा रही है। इस तकनीक में पानी के टैंक या छोटे तालाब बनाए जाते हैं, जिनमे मछलियों को रखा जाता है। मछिलयों के मल से पानी में अमोनियों की मात्रा बढ़ जाती है। इस पानी को पौधों के टैंक में डाल दिया जाता है।
Submitted by HindiWater on Sun, 05/17/2020 - 14:48
Source:
जैव विविधता में है जल संकट का समाधान
कार्बन अवशोषित करना और मृदा गुणवत्ता में सुधार करने में भी इसका अनुकरणीय योगदान है। एक प्रकार से, जैव विविधता पृथ्वी पर जीवनचक्र को बनाए रखती है, लेकिन अभी तक हम मानते आ रहे थे कि ‘जल संकट के कारण जैव विविधता खतरे में है, किंतु जैव विविधता के लगातार कम होने से जल संकट गहराता जा रहा है।’ 
Submitted by UrbanWater on Sat, 05/16/2020 - 07:46
Source:
मुर्तियों के विसर्जन से फैलता प्रदूषण
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने बहुत साफ और स्पष्ट तौर पर देश में पर्यावरण के अनुकूल तरीके से मूर्ति विसर्जन के लिए अपनी गाइडलाइन में कई संशोधन किए हैं और देवी देवताओं की मूर्तियां प्लास्टिक थरमोकोल प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनाने पर रोक लगा दी है।

प्रयास

Submitted by UrbanWater on Wed, 05/20/2020 - 13:48
चंदन नयाल के बनाए चाल-खाल
चंदन सिंह नयाल छह साल से पर्यावरण संरक्षण के काम कर रहे हैं। पानी के प्राकृतिक स्रोतों को रिचार्ज करने के मकसद से वह अब तक 100 से ज्यादा चाल खाल बना चुके हैं। लॉकडाउन का सदुपयोग कर उन्होंने ग्रामीणों के सहयोग से अपने गांव में 15 चाल-खाल बनाए हैं। नयाल ने बताया कि उनका मकसद बरसात से पहले जल संचय करने का है ताकि पानी की कमी न होने पाए। हम प्रयास करते हैं कि ऐसे चाल-खाल बनाए जाएं जिनमें पांच हजार से 10 हजार लीटर पानी जमा हो सके।

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
Source:
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
Source:
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 
Submitted by UrbanWater on Wed, 05/13/2020 - 11:11
Source:
पंकज मालवीय अक्षधा फाउंडेशन
पानी रे पानी
विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून 2020

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि |
प्रविष्टि रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि – 30 मई 2020
ई-प्रतियोगिता की तिथि – 5 जून 2020,
समय 10 बजे प्रात: से 4 बजे तक

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खासम-खास

जल संकट के आईने में समाधान की खोज  

Submitted by HindiWater on Mon, 04/20/2020 - 11:45
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
जल संकट के आईने में समाधान की खोज  
पेयजल संकट ने दस्तक दे दी है। वह कहीं कम है तो कहीं अधिक। कहीं वह ग्रीष्मकालीन खेती के लिए है तो कहीं वह आने वाले दिनों में पेयजल की आपूर्ति के लिए है, तो कहीं-कहीं उद्योग-धन्धों के लिए कठिनाई का सबब है। पर्यावरणविदों के लिए वह नदियों के ग्रीष्मकालीन प्रवाह या पर्यावरणीय प्रवाह और जैवविविधता का संकट है।

Content

एक्वापोनिक्सः पानी की अनोखी खेती

Submitted by HindiWater on Mon, 05/18/2020 - 10:19
aquaponics-farming-technique
एक्वापोनिक्सः पानी की अनोखी खेती
बेंगलुरु का माध्वी फार्म भारत का पहला और सबसे बड़ा एक्वापोनिक्स फार्म है। तो वहीं देश के विभिन्न स्थानों पर एक्वापोनिक्स खेती की जा रही है। इस तकनीक में पानी के टैंक या छोटे तालाब बनाए जाते हैं, जिनमे मछलियों को रखा जाता है। मछिलयों के मल से पानी में अमोनियों की मात्रा बढ़ जाती है। इस पानी को पौधों के टैंक में डाल दिया जाता है।

जैव विविधता में है जल संकट का समाधान

Submitted by HindiWater on Sun, 05/17/2020 - 14:48
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जैव विविधता में है जल संकट का समाधान
कार्बन अवशोषित करना और मृदा गुणवत्ता में सुधार करने में भी इसका अनुकरणीय योगदान है। एक प्रकार से, जैव विविधता पृथ्वी पर जीवनचक्र को बनाए रखती है, लेकिन अभी तक हम मानते आ रहे थे कि ‘जल संकट के कारण जैव विविधता खतरे में है, किंतु जैव विविधता के लगातार कम होने से जल संकट गहराता जा रहा है।’ 

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की नई गाइडलाइन मूर्ति विसर्जन से जलाशयों के प्रदूषण को रोकेगी 

Submitted by UrbanWater on Sat, 05/16/2020 - 07:46
Author
केसर सिंह
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मुर्तियों के विसर्जन से फैलता प्रदूषण
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने बहुत साफ और स्पष्ट तौर पर देश में पर्यावरण के अनुकूल तरीके से मूर्ति विसर्जन के लिए अपनी गाइडलाइन में कई संशोधन किए हैं और देवी देवताओं की मूर्तियां प्लास्टिक थरमोकोल प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनाने पर रोक लगा दी है।

प्रयास

लॉकडाउन के दौरान ही 15 से ज्यादा चाल-खालों का निर्माण कर चुके हैं चंदन नयाल

Submitted by UrbanWater on Wed, 05/20/2020 - 13:48
Author
केसर सिंह
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चंदन नयाल के बनाए चाल-खाल
चंदन सिंह नयाल छह साल से पर्यावरण संरक्षण के काम कर रहे हैं। पानी के प्राकृतिक स्रोतों को रिचार्ज करने के मकसद से वह अब तक 100 से ज्यादा चाल खाल बना चुके हैं। लॉकडाउन का सदुपयोग कर उन्होंने ग्रामीणों के सहयोग से अपने गांव में 15 चाल-खाल बनाए हैं। नयाल ने बताया कि उनका मकसद बरसात से पहले जल संचय करने का है ताकि पानी की कमी न होने पाए। हम प्रयास करते हैं कि ऐसे चाल-खाल बनाए जाएं जिनमें पांच हजार से 10 हजार लीटर पानी जमा हो सके।

नोटिस बोर्ड

वेबिनारः कोरोना संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
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वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।

‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
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‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि

Submitted by UrbanWater on Wed, 05/13/2020 - 11:11
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Source
पंकज मालवीय अक्षधा फाउंडेशन
पानी रे पानी
विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून 2020

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि |
प्रविष्टि रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि – 30 मई 2020
ई-प्रतियोगिता की तिथि – 5 जून 2020,
समय 10 बजे प्रात: से 4 बजे तक

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