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खासम-खास

Submitted by UrbanWater on Fri, 08/07/2020 - 13:55
नदियाँ, फोटो: needpix.com
कन्टूरों के वितरण से कछार के ढ़ाल की जानकारी का अनुमान लग जाता है। टोपोशीट पर जहाँ दो कन्टूर पास-पास होते हैं वहाँ ढ़ाल बहुत अधिक होता है। खडी चढ़ाई होती है। पानी तेजी से बहकर निकल जाता है। उसके धरती में रिसने या धरती पर संचय के अवसर बहुत कम होते हैं। पानी के नीचे उतरने की गति के अधिक होने के कारण भूमि कटाव बहुत अधिक होता है। ऐसी जगह में भूमिगत जल संचय के लिए स्टेगर्ड कन्टूर ट्रेंच (Staggered contour trench) ही एकमात्र कारगर विकल्प होता है।

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Submitted by HindiWater on Thu, 07/30/2020 - 15:34
Source:
जलस्रोतों में छिपा है पहाड़ के भू-कटाव का समाधान
वैसे तो जलस्रोतों के सूखने के कई कारण हैं, लेकिन मानवीय हस्तक्षेप के कारण स्रोतों के कैचमेंट क्षेत्र में हुआ अतिक्रमण अहम कारण है, तो वहीं वनों के कटान ने इसे काफी बढ़ा दिया है। जिस कारण सैंकड़ों स्रोत तो धरातल पर अब नजर ही नहीं आते हैं और न ही उनके कोई निशान दिखते हैं।
Submitted by UrbanWater on Thu, 07/30/2020 - 15:01
Source:
Bihar Flood
बिहार इन दिनों कोरोना के साथ ही साथ बाढ़ से भी जूझ रहा है। लगभग पूरा बिहार आज पानी-पानी हो रहा है। बाढ़ में फँसे लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कहने को बहुत कहानियां हैं, अनेकों समस्याएं हैं जिनका सामना इस वक़्त बिहार के बाढ़ पीड़ित इलाकों के लोग कर रहे हैं। 
Submitted by HindiWater on Wed, 07/29/2020 - 21:30
Source:
हरकी पैड़ी पर गंगा नदी का नाम बदलने की तैयारी
इससे कोई इंकार नहीं कर सकता है कि 80 के दशक तक हरकी पैड़ी निर्विवाद रूप से गंगा में थी। यह स्थिति ज्वालापुर से दूधाधारी चैक तक बाईपास मार्ग बनने से बदली है। पहले हरकी पैड़ी से नील धारा तक गंगा नदी ही थी। बाईपास बनाने से गंगा बंट गई और डैम का बंधा हुआ जल ही अधिक मात्रा में हरकी पैड़ी पर आता है, जिसके विरोध में ब्रिटिशों के खिलाफ धार्मिक संग्राम हुआ था।

प्रयास

Submitted by UrbanWater on Thu, 08/06/2020 - 10:14
Pani_Anna_with_Pond_Photo: Book of Achievers
85 वर्षीय कामे गौड़ा मूल रूप से कर्नाटक के मंडया जिले के देशनाडोडी गांव के रहने वाले हैं। वह चरवाहा समुदाय से आते हैं और छोटे से कमरे में रहते हैं। वह आर्थिक तौर पर गरीब हैं, लेकिन उनके दिल में मानव जाति का कल्याण करने का जज्बा कूट-कूट कर भरा हुआ है। दरअसल, कामे गौड़ा जिस गांव में रहते हैं, वहां पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं रहता है। वहां के लोग किसी तरह अपने लिए पानी का इंतजाम तो कर लेते, लेकिन जंगली जानवरों और मवेशियों को पानी मिलना मुश्किल हो जाता था। इस संकट से निजात पाने के लिए अपने गांवों में अकेले 14 तालाब खोद डाले और जलसंकट से जूझते गांव को पानीदार बना दिया। 

नोटिस बोर्ड

Submitted by UrbanWater on Tue, 07/07/2020 - 17:15
Source:
हेल्पलाइन नंबर
संजय झा ने कहा,ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।” “ट्विटर के अलावा टोल फ्री नं. 18003456145 पर कॉल कर भी जानकारी साझा की जा सकती है। ये नंबर 24X7 चालू है। इसके साथ ही एक ऐप भी लाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए भी जानकारियां दी जा सकती हैं।”
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
Source:
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
Source:
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

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खासम-खास

नदी चेतना यात्रा : कन्टूर और जल संरक्षण के सम्बन्ध को समझने का प्रयास 

Submitted by UrbanWater on Fri, 08/07/2020 - 13:55
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
nadi-chetna-yatra-kantur-aur-jal-sanrakshan-kay-sambandh-ko-samajhane-kaa-prayas
नदियाँ, फोटो: needpix.com
कन्टूरों के वितरण से कछार के ढ़ाल की जानकारी का अनुमान लग जाता है। टोपोशीट पर जहाँ दो कन्टूर पास-पास होते हैं वहाँ ढ़ाल बहुत अधिक होता है। खडी चढ़ाई होती है। पानी तेजी से बहकर निकल जाता है। उसके धरती में रिसने या धरती पर संचय के अवसर बहुत कम होते हैं। पानी के नीचे उतरने की गति के अधिक होने के कारण भूमि कटाव बहुत अधिक होता है। ऐसी जगह में भूमिगत जल संचय के लिए स्टेगर्ड कन्टूर ट्रेंच (Staggered contour trench) ही एकमात्र कारगर विकल्प होता है।

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जलस्रोतों में छिपा है पहाड़ के भू-कटाव का समाधान

Submitted by HindiWater on Thu, 07/30/2020 - 15:34
jalsroto-mein-chhipa-hai-pahad-ke-bhukatav-ka-samadhan
जलस्रोतों में छिपा है पहाड़ के भू-कटाव का समाधान
वैसे तो जलस्रोतों के सूखने के कई कारण हैं, लेकिन मानवीय हस्तक्षेप के कारण स्रोतों के कैचमेंट क्षेत्र में हुआ अतिक्रमण अहम कारण है, तो वहीं वनों के कटान ने इसे काफी बढ़ा दिया है। जिस कारण सैंकड़ों स्रोत तो धरातल पर अब नजर ही नहीं आते हैं और न ही उनके कोई निशान दिखते हैं।

बिहार बाढ़ः बाढ़ में तैरती जिंदगी

Submitted by UrbanWater on Thu, 07/30/2020 - 15:01
bihar-badhah-badha-mein-tairati-jindagi
Bihar Flood
बिहार इन दिनों कोरोना के साथ ही साथ बाढ़ से भी जूझ रहा है। लगभग पूरा बिहार आज पानी-पानी हो रहा है। बाढ़ में फँसे लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कहने को बहुत कहानियां हैं, अनेकों समस्याएं हैं जिनका सामना इस वक़्त बिहार के बाढ़ पीड़ित इलाकों के लोग कर रहे हैं। 

हरकी पैड़ी पर गंगा नदी का नाम बदलने की तैयारी, ताकि हाईकोर्ट का आदेश रहे बेअसर

Submitted by HindiWater on Wed, 07/29/2020 - 21:30
harki-pauri-par-ganga-nadi-ka-naam-badalne-ki-taiyari
हरकी पैड़ी पर गंगा नदी का नाम बदलने की तैयारी
इससे कोई इंकार नहीं कर सकता है कि 80 के दशक तक हरकी पैड़ी निर्विवाद रूप से गंगा में थी। यह स्थिति ज्वालापुर से दूधाधारी चैक तक बाईपास मार्ग बनने से बदली है। पहले हरकी पैड़ी से नील धारा तक गंगा नदी ही थी। बाईपास बनाने से गंगा बंट गई और डैम का बंधा हुआ जल ही अधिक मात्रा में हरकी पैड़ी पर आता है, जिसके विरोध में ब्रिटिशों के खिलाफ धार्मिक संग्राम हुआ था।

प्रयास

पानी अन्ना अकेले 14 तालाब खोदकर अपने गांव को बनाया पानीदार

Submitted by UrbanWater on Thu, 08/06/2020 - 10:14
Author
उमेश कुमार राय
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Pani_Anna_with_Pond_Photo: Book of Achievers
85 वर्षीय कामे गौड़ा मूल रूप से कर्नाटक के मंडया जिले के देशनाडोडी गांव के रहने वाले हैं। वह चरवाहा समुदाय से आते हैं और छोटे से कमरे में रहते हैं। वह आर्थिक तौर पर गरीब हैं, लेकिन उनके दिल में मानव जाति का कल्याण करने का जज्बा कूट-कूट कर भरा हुआ है। दरअसल, कामे गौड़ा जिस गांव में रहते हैं, वहां पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं रहता है। वहां के लोग किसी तरह अपने लिए पानी का इंतजाम तो कर लेते, लेकिन जंगली जानवरों और मवेशियों को पानी मिलना मुश्किल हो जाता था। इस संकट से निजात पाने के लिए अपने गांवों में अकेले 14 तालाब खोद डाले और जलसंकट से जूझते गांव को पानीदार बना दिया। 

नोटिस बोर्ड

बिहार में बाढ़: आपके इलाके में तटबंध में दरार है तो ऐसे दीजिए जानकारी 

Submitted by UrbanWater on Tue, 07/07/2020 - 17:15
Author
उमेश कुमार राय
bihar-badh:-aapke-ilake-mein-tatabandh-mein-darar-hai-dijie-janakari
हेल्पलाइन नंबर
संजय झा ने कहा,ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।” “ट्विटर के अलावा टोल फ्री नं. 18003456145 पर कॉल कर भी जानकारी साझा की जा सकती है। ये नंबर 24X7 चालू है। इसके साथ ही एक ऐप भी लाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए भी जानकारियां दी जा सकती हैं।”

वेबिनारः कोरोना संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
corona-and-lockdown-in-context-of-himalayas
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।

‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
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‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

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