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खासम-खास

नदी मैनुअल - ताकि नदियाँ बहती रहें

Submitted by editorial on Sat, 12/15/2018 - 21:31
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
नर्मदा नदीनर्मदा नदीपिछले पचास-साठ सालों से भारत की सभी नदियों के गैर-मानसूनी प्रवाह में कमी नजर आ रही है। हिमालयी नदियों में यह कमी अपेक्षाकृत थोड़ी कम है किन्तु भारतीय प्रायद्वीप के पहाड़ों, तालाबों, कुण्डों, जंगलों या झरनों से निकलने वाली अनेक छोटी नदियाँ मौसमी बनकर रह गईं हैं। भारतीय प्रायद्वीप की बड़ी नदियों यथा कावेरी, कृष्णा, ताप्ती, महानदी, नर्मदा और गोदावरी में भी मानसून के बाद का प्रवाह तेजी से कम हो रहा है।

Content

मालवा में कैंसर का कहर

Submitted by editorial on Sat, 08/25/2018 - 14:34
Author
मनीष वैद्य
कैंसर से मौत के बाद गमजदा परिवारकैंसर से मौत के बाद गमजदा परिवार'डग-डग रोटी, पग-पग नीर' और अपने स्वच्छ पर्यावरण के लिये पहचाना जाने वाला मध्य प्रदेश का मालवा इलाका इन दिनों एक बड़ी त्रासदी के खौफनाक कहर से रूबरू हो रहा है। यहाँ के गाँव-गाँव में कैंसर की जानलेवा बीमारी इन दिनों किसी महामारी की तरह फैलती जा रही है। कुछ गाँवों में घर-घर इसका आतंक है।

भूकम्प के साये में है उत्तराखण्ड

Submitted by editorial on Sat, 08/25/2018 - 12:15
Author
नमिता
वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजीवाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी (फोटो साभार - डब्ल्यूआईएचजी)उत्तराखण्ड भूकम्प की दृष्टि से अति-संवेदनशील है और राज्य के विभिन्न हिस्सों में अक्सर महसूस किये जाने वाले भूकम्प के झटकों को गम्भीरता से लेने की जरूरत है यह कहना है वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान (Wadia Institute of Himalayan Geology) से जुड़े भू-वैज्ञानिकों का।

पानी को सियासी हथियार बनाना है खतरनाक

Submitted by editorial on Thu, 08/23/2018 - 18:21
Source
अमर उजाला, 23 अगस्त 2018
भारतीय नदी जल विवादनभारतीय नदी जल विवाद (फोटो साभार - सीडब्ल्यूसी)आन्तरिक जल विवाद भविष्य में भारत के लिये गम्भीर चिन्ता का विषय हो सकते हैं जिसकी चेतावनी लगभग पन्द्रह वर्ष पूर्व केन्द्रीय जल आयोग दे चुका है। आयोग ने कहा था कि पानी की सियासत देश के संघवादी ढाँचे के लिये खतरा पैदा कर रही है।

प्रयास

गाँव ने रोका अपना पानी

Submitted by editorial on Mon, 12/03/2018 - 20:37
Author
मनीष वैद्य
बेहरी में कच्चे बाँध से लबालब नदीबेहरी में कच्चे बाँध से लबालब नदी'खेत का पानी खेत में' और 'गाँव का पानी गाँव में' रोकने के नारे तो बीते पच्चीस सालों से सुनाई देते रहे हैं, लेकिन इस बार बारिश के बाद एक गाँव ने अपना पानी गाँव में ही रोककर जलस्तर बढ़ा लिया है। इससे गाँव के लोगों को निस्तारी कामों के लिये पानी की आपूर्ति भी हो रही है और ट्यूबवेल, हैण्डपम्प और कुएँ-कुण्डियों में भी कम बारिश के बावजूद अब तक पानी भरा है।

नोटिस बोर्ड

गोपाल दास की माँ ने तोड़ा अनशन

Submitted by editorial on Sat, 12/22/2018 - 12:24
Author
इंडिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
Source
इंडिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)

सन्त गोपालदास की माँ शकुन्तला देवी (फोटो साभार: हिन्दुस्तान)सन्त गोपालदास की माँ शकुन्तला देवी (फोटो साभार: हिन्दुस्तान) दून हॉस्पिटल से 06 दिसम्बर से गायब चल रहे गंगा भक्त सन्त गोपाल दास का पता अभी तक नहीं लगाया जा सका है। बेटे के अस्पताल से अचानक गायब हो जाने के प्रतिरोध में 12 दिसम्बर से उनकी माँ शकुन्तला देवी ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर अनशन पर थीं।

आत्मबोधानंद को प्रशासन ने जबरन भेजा एम्स

Submitted by editorial on Fri, 11/30/2018 - 13:47
Author
इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
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इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)

स्वामी आत्मबोधानंद एवं पुण्यानंद (फोटो साभार: दैनिक जागरण)स्वामी आत्मबोधानंद एवं पुण्यानंद (फोटो साभार: दैनिक जागरण) पिछले 38 दिनों से गंगा की रक्षा के लिये अनशनरत हरिद्वार स्थित मातृ सदन के गंगा भक्त ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद को जिला प्रशासन ने उनकी इच्छा के विरूद्ध जबरन ऋषिकेश एम्स में दाखिल करवा दिया है।

गंगा भक्तों के अनशन के 16 दिन हुए पूरे

Submitted by editorial on Thu, 11/08/2018 - 11:05
Author
इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
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इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
स्वामी आत्मबोधानंद अपने गुरू शिवानंद जी के साथस्वामी आत्मबोधानंद अपने गुरू शिवानंद जी के साथ (फोटो साभार - दैनिक जागरण)गंगा की अविरलता और निर्मलता की माँग को लेकर मातृसदन के दो संतों ब्रम्हचारी आत्मबोधानंद और स्वामी पुण्यानंद का अनशन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। ये दोनों 24 अक्टूबर से अनशन पर हैं।

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नदी मैनुअल - ताकि नदियाँ बहती रहें

Submitted by editorial on Sat, 12/15/2018 - 21:31
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कृष्ण गोपाल 'व्यास’
नर्मदा नदीनर्मदा नदीपिछले पचास-साठ सालों से भारत की सभी नदियों के गैर-मानसूनी प्रवाह में कमी नजर आ रही है। हिमालयी नदियों में यह कमी अपेक्षाकृत थोड़ी कम है किन्तु भारतीय प्रायद्वीप के पहाड़ों, तालाबों, कुण्डों, जंगलों या झरनों से निकलने वाली अनेक छोटी नदियाँ मौसमी बनकर रह गईं हैं। भारतीय प्रायद्वीप की बड़ी नदियों यथा कावेरी, कृष्णा, ताप्ती, महानदी, नर्मदा और गोदावरी में भी मानसून के बाद का प्रवाह तेजी से कम हो रहा है।

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मालवा में कैंसर का कहर

Submitted by editorial on Sat, 08/25/2018 - 14:34
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मनीष वैद्य
कैंसर से मौत के बाद गमजदा परिवारकैंसर से मौत के बाद गमजदा परिवार'डग-डग रोटी, पग-पग नीर' और अपने स्वच्छ पर्यावरण के लिये पहचाना जाने वाला मध्य प्रदेश का मालवा इलाका इन दिनों एक बड़ी त्रासदी के खौफनाक कहर से रूबरू हो रहा है। यहाँ के गाँव-गाँव में कैंसर की जानलेवा बीमारी इन दिनों किसी महामारी की तरह फैलती जा रही है। कुछ गाँवों में घर-घर इसका आतंक है।

भूकम्प के साये में है उत्तराखण्ड

Submitted by editorial on Sat, 08/25/2018 - 12:15
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नमिता
वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजीवाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी (फोटो साभार - डब्ल्यूआईएचजी)उत्तराखण्ड भूकम्प की दृष्टि से अति-संवेदनशील है और राज्य के विभिन्न हिस्सों में अक्सर महसूस किये जाने वाले भूकम्प के झटकों को गम्भीरता से लेने की जरूरत है यह कहना है वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान (Wadia Institute of Himalayan Geology) से जुड़े भू-वैज्ञानिकों का।

पानी को सियासी हथियार बनाना है खतरनाक

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अमर उजाला, 23 अगस्त 2018
भारतीय नदी जल विवादनभारतीय नदी जल विवाद (फोटो साभार - सीडब्ल्यूसी)आन्तरिक जल विवाद भविष्य में भारत के लिये गम्भीर चिन्ता का विषय हो सकते हैं जिसकी चेतावनी लगभग पन्द्रह वर्ष पूर्व केन्द्रीय जल आयोग दे चुका है। आयोग ने कहा था कि पानी की सियासत देश के संघवादी ढाँचे के लिये खतरा पैदा कर रही है।

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गाँव ने रोका अपना पानी

Submitted by editorial on Mon, 12/03/2018 - 20:37
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मनीष वैद्य
बेहरी में कच्चे बाँध से लबालब नदीबेहरी में कच्चे बाँध से लबालब नदी'खेत का पानी खेत में' और 'गाँव का पानी गाँव में' रोकने के नारे तो बीते पच्चीस सालों से सुनाई देते रहे हैं, लेकिन इस बार बारिश के बाद एक गाँव ने अपना पानी गाँव में ही रोककर जलस्तर बढ़ा लिया है। इससे गाँव के लोगों को निस्तारी कामों के लिये पानी की आपूर्ति भी हो रही है और ट्यूबवेल, हैण्डपम्प और कुएँ-कुण्डियों में भी कम बारिश के बावजूद अब तक पानी भरा है।

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गोपाल दास की माँ ने तोड़ा अनशन

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सन्त गोपालदास की माँ शकुन्तला देवी (फोटो साभार: हिन्दुस्तान)सन्त गोपालदास की माँ शकुन्तला देवी (फोटो साभार: हिन्दुस्तान) दून हॉस्पिटल से 06 दिसम्बर से गायब चल रहे गंगा भक्त सन्त गोपाल दास का पता अभी तक नहीं लगाया जा सका है। बेटे के अस्पताल से अचानक गायब हो जाने के प्रतिरोध में 12 दिसम्बर से उनकी माँ शकुन्तला देवी ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर अनशन पर थीं।

आत्मबोधानंद को प्रशासन ने जबरन भेजा एम्स

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स्वामी आत्मबोधानंद एवं पुण्यानंद (फोटो साभार: दैनिक जागरण)स्वामी आत्मबोधानंद एवं पुण्यानंद (फोटो साभार: दैनिक जागरण) पिछले 38 दिनों से गंगा की रक्षा के लिये अनशनरत हरिद्वार स्थित मातृ सदन के गंगा भक्त ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद को जिला प्रशासन ने उनकी इच्छा के विरूद्ध जबरन ऋषिकेश एम्स में दाखिल करवा दिया है।

गंगा भक्तों के अनशन के 16 दिन हुए पूरे

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स्वामी आत्मबोधानंद अपने गुरू शिवानंद जी के साथस्वामी आत्मबोधानंद अपने गुरू शिवानंद जी के साथ (फोटो साभार - दैनिक जागरण)गंगा की अविरलता और निर्मलता की माँग को लेकर मातृसदन के दो संतों ब्रम्हचारी आत्मबोधानंद और स्वामी पुण्यानंद का अनशन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। ये दोनों 24 अक्टूबर से अनशन पर हैं।

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