नया ताजा

पसंदीदा आलेख

आगामी कार्यक्रम

खासम-खास

Submitted by UrbanWater on Wed, 09/02/2020 - 13:49
Anupam_Mishra
अपनी पुस्तक “आज भी खरे हैं तालाब” में श्री अनुपम जी ने समूचे भारत के तालाबों, जल-संचयन पद्धतियों, जल-प्रबन्धन, झीलों तथा पानी की अनेक भव्य परंपराओं की समझ, दर्शन और शोध को लिपिबद्ध किया है। भारत की यह पारम्परिक जल संरचनाएं, आज भी हजारों गाँवों और कस्बों के लिये जीवनरेखा के समान हैं। इसी पुस्तक को कागजों से निकालकर संगीतमय ध्वनि में पिरोने का एक प्रयास कर रहे हैं डॉ. रमाकांत राय।

Content

Submitted by admin on Tue, 07/28/2009 - 18:55
Source:
सूर्यकांत बाली
वैदिक कवि इतना अभिभूत है कि वह उसे नदीतमा कहकर ही नहीं रूक जाता, उसे माताओं में सबसे श्रेष्ठ और देवियों में सबसे बड़ी देवी कह उठता है-अम्बितमे नदीतमे देवितमे सरस्वतिहमारे देश में इतिहास का जितना संबंध उपलब्ध तथ्यों से है, उसका उतना ही गहरा संबंध उपलब्ध स्मृतियों से भी है। और अगर हमारी कोई स्मृति हमारे अवचेतन में, हमारे
Submitted by admin on Mon, 07/27/2009 - 15:34
Source:
पांच नदियों के लिए खासा लोकप्रिय उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में देश के अन्य हिस्सों की भांति पानी की किल्लत इन दिनों चरम पर है। किल्लत हो भी क्यों न, सरकारी हैडपम्पों के खराब होने की वजह
Submitted by admin on Fri, 07/24/2009 - 07:43
Source:
जल निगम द्वारा कराई गई पानी की जांच में यह भी सामने आया है कि जनपद के अन्य ब्लाकों में ताखा ब्लाक के ग्राम रौरा में 1-92, महेवा ब्लाक के अहेरीपुर में 1-8 मिग्रा फ्लोराइड की मात्रा पाई गई है। इसके साथ ही जसवंतनगर ब्लाक के ही ग्राम शाहजहांपुर में 1-6, दर्शनपुरा में 1-8, खनाबाग में 1-6, ताखा ब्लाक के ग्राम नगला ढकाउ में 1-8 मिग्रा, नगला कले में 1-6, भर्थना ब्लाक के ग्राम हरनारायणपुर में फ्लोराइड की मात्रा 1-6 मिग्रा, लीटर पाई गई है जो निर्धातिर मानकों से काफी अधिक है।मौसम में लगातार हो रहे असंतुलन ने भूजल को बुरी तरह प्रदूषित किया है. पीने के लिए सरकार द्वारा लगवाए गए हैंडपंपों के पानी में जिस प्रकार से रसायनिक अवयवों का संतुलन बिगड़ा है, उससे यह पानी स्वास्थय पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य जल निगम की इटावा शाखा द्वारा पेयजल के लिए गए नमूनों में जिस प्रकार से पेयजल के अवयवों में फ्लोराइड आयरन एवं नाइट्रेट की मात्रा बढ़ जाने से यह पानी लोगों की अपंगता का कारण बनता जा रहा है।

वहीं नाइट्रेट की बढ़ी मात्रा तो बच्चों की मौत का कारण तक बन जाती है। आश्चर्यजनक यह है कि पेयजल के लिए गए नमूनों के बाद शोधकर्ताओं ने साफ किया कि पानी के अवयवों का संतुलन नहीं बनाया जा सकता है और इसका एकमात्र उपाय यही है कि पेयजल की आपूर्ति पानी की टंकी के माध्यम से की जाए।

प्रयास

Submitted by HindiWater on Sun, 09/06/2020 - 20:27
हिमालय को नया जीवन दे रहे प्रदीप सांगवान
पहाड़ों को बचाने के लिए एक टीम खड़ी करने के लिए अपने जैसे विचारधारा के लोगों की तलाश करने लगे, ताकि वे लोग भी उनके इस कार्य में सहयोग कर सकें। इसके लिए उन्होंने वर्ष 2016 ‘‘द हीलिंग हिमालय फाउंडेशन’’ नाम से एक संस्था की शुरुआत की। अपने संघर्षपूर्ण जीवन में प्रदीप अभी तक पहाड़ों से 7 लाख किलोग्राम से ज्यादा गैर-बायोडिग्रेडेबल कचरा एकत्रित कर चुके हैं।

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Tue, 09/15/2020 - 16:26
Source:
Aqua Foundation
एक्वा फाउंडेशन
सम्मेलन सर्वोत्तम प्रथाओं, नवीन प्रौद्योगिकियों और अत्याधुनिक अनुसंधान में नवीनतम रुझानों के बारे में जानने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। आपसे निवेदन है कि अपनी संस्था से अधिक से अधिक प्रतिभागियों का नामांकन करे (online Register as delegate) कार्यक्रम का ब्रोशर यहां डाउनलोड करें.  अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट देखें  World Aqua Congress.  तारीख : अक्टूबर 29- 30, 2020 समयः प्रातः 9:00 बजे से सांय 6ः00 बजे 
Submitted by HindiWater on Fri, 09/04/2020 - 17:30
Source:
water conflict forum
Water Conflicts
भारत में जल संघर्ष पर नीति वार्ता के लिए फोरम (वाटर कनफ्लिक्ट फोरम) नियमित अंतराल पर 10 सितंबर से 8 अक्टूबर, 2020 तक वेबिनार की एक श्रृंखला का आयोजन कर रहा है, इस आयोजन के दौरान उन व्यक्तियों से बात करने का मौक़ा मिलेगा जो बाढ़ से जुड़े हुए हैं, जिन्हे बाढ़ का अनुभव है, जिन्होंने बाढ़ से निपटने के लिए बेहतर प्रबंधन की वकालत की है
Submitted by HindiWater on Thu, 09/03/2020 - 17:46
Source:
लोगो - वाटर डाइजेस्ट
वर्षा जल संचयन और प्रबंधन पर "वाटर डाइजेस्ट"  दो दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित कर रहा है। यह कार्यक्रम 10 और 11 सितंबर को होगा। जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत नेशनल वाटर मिशन डिपार्टमेंट के कैंपेन "कैच द रेन" को सपोर्ट करने के लिए वाटर डाइजेस्ट की पहल का मकसद प्रतिभागियों के बीच चर्चा, जागरूकता और सूचना साझा करने को बढ़ावा देना है।

Latest

खासम-खास

आज भी खरे हैं तालाब- पाल के किनारे लिखा इतिहास का संगीतमय वाचन

Submitted by UrbanWater on Wed, 09/02/2020 - 13:49
Author
इंडिया वाटर पोर्टल (हिंदी)
aaj-bhi-khare-hain-talab-pal-ke-kinare-likha-itihas-ka-sangitamay-vachan
Source
रमाकांत राय
Anupam_Mishra
अपनी पुस्तक “आज भी खरे हैं तालाब” में श्री अनुपम जी ने समूचे भारत के तालाबों, जल-संचयन पद्धतियों, जल-प्रबन्धन, झीलों तथा पानी की अनेक भव्य परंपराओं की समझ, दर्शन और शोध को लिपिबद्ध किया है। भारत की यह पारम्परिक जल संरचनाएं, आज भी हजारों गाँवों और कस्बों के लिये जीवनरेखा के समान हैं। इसी पुस्तक को कागजों से निकालकर संगीतमय ध्वनि में पिरोने का एक प्रयास कर रहे हैं डॉ. रमाकांत राय।

Content

सरस्वती कहाँ है

Submitted by admin on Tue, 07/28/2009 - 18:55
Source
सूर्यकांत बाली
वैदिक कवि इतना अभिभूत है कि वह उसे नदीतमा कहकर ही नहीं रूक जाता, उसे माताओं में सबसे श्रेष्ठ और देवियों में सबसे बड़ी देवी कह उठता है-अम्बितमे नदीतमे देवितमे सरस्वतिहमारे देश में इतिहास का जितना संबंध उपलब्ध तथ्यों से है, उसका उतना ही गहरा संबंध उपलब्ध स्मृतियों से भी है। और अगर हमारी कोई स्मृति हमारे अवचेतन में, हमारे

साफ पानी के लिये लड़नी होगी लड़ाई

Submitted by admin on Mon, 07/27/2009 - 15:34
पांच नदियों के लिए खासा लोकप्रिय उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में देश के अन्य हिस्सों की भांति पानी की किल्लत इन दिनों चरम पर है। किल्लत हो भी क्यों न, सरकारी हैडपम्पों के खराब होने की वजह

इटावा का पानी

Submitted by admin on Fri, 07/24/2009 - 07:43
Author
दिनेश शाक्य
जल निगम द्वारा कराई गई पानी की जांच में यह भी सामने आया है कि जनपद के अन्य ब्लाकों में ताखा ब्लाक के ग्राम रौरा में 1-92, महेवा ब्लाक के अहेरीपुर में 1-8 मिग्रा फ्लोराइड की मात्रा पाई गई है। इसके साथ ही जसवंतनगर ब्लाक के ही ग्राम शाहजहांपुर में 1-6, दर्शनपुरा में 1-8, खनाबाग में 1-6, ताखा ब्लाक के ग्राम नगला ढकाउ में 1-8 मिग्रा, नगला कले में 1-6, भर्थना ब्लाक के ग्राम हरनारायणपुर में फ्लोराइड की मात्रा 1-6 मिग्रा, लीटर पाई गई है जो निर्धातिर मानकों से काफी अधिक है।मौसम में लगातार हो रहे असंतुलन ने भूजल को बुरी तरह प्रदूषित किया है. पीने के लिए सरकार द्वारा लगवाए गए हैंडपंपों के पानी में जिस प्रकार से रसायनिक अवयवों का संतुलन बिगड़ा है, उससे यह पानी स्वास्थय पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य जल निगम की इटावा शाखा द्वारा पेयजल के लिए गए नमूनों में जिस प्रकार से पेयजल के अवयवों में फ्लोराइड आयरन एवं नाइट्रेट की मात्रा बढ़ जाने से यह पानी लोगों की अपंगता का कारण बनता जा रहा है।

वहीं नाइट्रेट की बढ़ी मात्रा तो बच्चों की मौत का कारण तक बन जाती है। आश्चर्यजनक यह है कि पेयजल के लिए गए नमूनों के बाद शोधकर्ताओं ने साफ किया कि पानी के अवयवों का संतुलन नहीं बनाया जा सकता है और इसका एकमात्र उपाय यही है कि पेयजल की आपूर्ति पानी की टंकी के माध्यम से की जाए।

प्रयास

हिमालय को नया जीवन दे रहे प्रदीप सांगवान

Submitted by HindiWater on Sun, 09/06/2020 - 20:27
pradeep-sangwan-healing-himalayas
हिमालय को नया जीवन दे रहे प्रदीप सांगवान
पहाड़ों को बचाने के लिए एक टीम खड़ी करने के लिए अपने जैसे विचारधारा के लोगों की तलाश करने लगे, ताकि वे लोग भी उनके इस कार्य में सहयोग कर सकें। इसके लिए उन्होंने वर्ष 2016 ‘‘द हीलिंग हिमालय फाउंडेशन’’ नाम से एक संस्था की शुरुआत की। अपने संघर्षपूर्ण जीवन में प्रदीप अभी तक पहाड़ों से 7 लाख किलोग्राम से ज्यादा गैर-बायोडिग्रेडेबल कचरा एकत्रित कर चुके हैं।

नोटिस बोर्ड

एक्वा फाउंडेशन की XIV वर्ल्ड एक्वा कांग्रेस

Submitted by HindiWater on Tue, 09/15/2020 - 16:26
ekva-foundation-key-XIV-world-ekva-kangres
Source
Aqua Foundation
एक्वा फाउंडेशन
सम्मेलन सर्वोत्तम प्रथाओं, नवीन प्रौद्योगिकियों और अत्याधुनिक अनुसंधान में नवीनतम रुझानों के बारे में जानने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। आपसे निवेदन है कि अपनी संस्था से अधिक से अधिक प्रतिभागियों का नामांकन करे (online Register as delegate) कार्यक्रम का ब्रोशर यहां डाउनलोड करें.  अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट देखें  World Aqua Congress.  तारीख : अक्टूबर 29- 30, 2020 समयः प्रातः 9:00 बजे से सांय 6ः00 बजे 

भारत में बाढ़ के साथ महत्वपूर्ण जुड़ाव पर वेबिनार श्रृंखला

Submitted by HindiWater on Fri, 09/04/2020 - 17:30
bharath-mein-badha-kay-saath-mahatvapoorn-judav-par-vebinar-shrrinkhala
Source
water conflict forum
Water Conflicts
भारत में जल संघर्ष पर नीति वार्ता के लिए फोरम (वाटर कनफ्लिक्ट फोरम) नियमित अंतराल पर 10 सितंबर से 8 अक्टूबर, 2020 तक वेबिनार की एक श्रृंखला का आयोजन कर रहा है, इस आयोजन के दौरान उन व्यक्तियों से बात करने का मौक़ा मिलेगा जो बाढ़ से जुड़े हुए हैं, जिन्हे बाढ़ का अनुभव है, जिन्होंने बाढ़ से निपटने के लिए बेहतर प्रबंधन की वकालत की है

वेबिनार- वर्षा जल संचयन और प्रबंधन पर ऑनलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम 

Submitted by HindiWater on Thu, 09/03/2020 - 17:46
WEBINAR---varsha-jal-sanchayan-aur-prabandhan-par-online-training-program
लोगो - वाटर डाइजेस्ट
वर्षा जल संचयन और प्रबंधन पर "वाटर डाइजेस्ट"  दो दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित कर रहा है। यह कार्यक्रम 10 और 11 सितंबर को होगा। जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत नेशनल वाटर मिशन डिपार्टमेंट के कैंपेन "कैच द रेन" को सपोर्ट करने के लिए वाटर डाइजेस्ट की पहल का मकसद प्रतिभागियों के बीच चर्चा, जागरूकता और सूचना साझा करने को बढ़ावा देना है।

Upcoming Event

Popular Articles