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खासम-खास

Submitted by UrbanWater on Wed, 09/02/2020 - 13:49
Anupam_Mishra
अपनी पुस्तक “आज भी खरे हैं तालाब” में श्री अनुपम जी ने समूचे भारत के तालाबों, जल-संचयन पद्धतियों, जल-प्रबन्धन, झीलों तथा पानी की अनेक भव्य परंपराओं की समझ, दर्शन और शोध को लिपिबद्ध किया है। भारत की यह पारम्परिक जल संरचनाएं, आज भी हजारों गाँवों और कस्बों के लिये जीवनरेखा के समान हैं। इसी पुस्तक को कागजों से निकालकर संगीतमय ध्वनि में पिरोने का एक प्रयास कर रहे हैं डॉ. रमाकांत राय।

Content

Submitted by admin on Thu, 07/16/2009 - 14:05
Source:
मिहिर शाह
गरीबीउन्मूलन के कार्यक्रम उसी समय सफ़ल सिद्ध हो सकते हैं, जब ऐसे कार्यक्रम उन्हें सतत आजीविका चलाने लायक बनासकें, ताकि गरीब सरकारी मदद पर आश्रित ही न रहें। इस कार्यके लिये मजबूत जन-संस्थान, सटीक तकनीक, मानव संसाधन का हुनर विकास, बाज़ार की सहायता तथा एक पर्याप्त निवेश सभी साथ में होना चाहिये।डायरेक्ट कैश ट्रांसफ़र (DCT) नामक शब्द आजकल विकास समूहों के भीतर काफ़ी चर्चा में है। इकोनोमिस्ट अरविन्द सुब्रह्मणियन ने भारत में गरीबी दूर करने के तौर तरीकों के बारे में अपनी पुस्तक “फ़र्स्ट बेस्ट ऑप्शन” मे DCT के बारे में लिखा है (द हिन्दू, अगस्त 24, 2008)। हाल ही में प्रकाशित “इकॉनॉमिक एण्ड पोलिटिकल वीकली (अप्रैल 12, 2008)” के अंक में सुब्रह्मणियन के विचारों से देवेश कपूर और पार्थ मुखोपाध्याय (KMS) ने भी अन्य कई मुद्दों पर विस्तार से सहमति जताई है। KMS कहते हैं, खाद्य, उर्वरक और ईंधन इन तीन प्रमुख वस्तुओं पर भारत के केन्द्रीय बजट में केन्द्र प्रायोजित योजनाओं में ही लगभग 2,00,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जाती है। वे पूछते हैं कि – क्या भारत के गरीबों के विकास और उसके उन्मूलन के लक्ष्यों को केन्द्रीय तन्त्र के माध्यम से इतनी विशाल धनराशि खर्च करके भी पाया जा सका है? क्या यह एक अच्छा तरीका कहा जा सकता है? मैं कहूँगा, निश्चित ही है, बजाय इसके कि मुँह में पानी लाने लायक एक करोड़ की राशि प्रत्येक ग्राम पंचायत के खाते में सीधे डाल दी जाये।

Submitted by admin on Tue, 07/14/2009 - 13:41
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द हंगर प्रोजेक्ट पंचायतीराज में महिलाओं की भूमिका पर सर्व श्रेष्ठ लेखन के लिए 2009 सरोजिनी नायडू पुरस्कार की घोषणा करता है। आपसे निवेदन है कि आपके क्षेत्र के पत्रकार बन्धुओं एवं अन्य मीडिया साथियों को उपरोक्त दी हुई जानकारी के बारे में अवगत करायें।

आज पंचायत की महिला जनप्रतिनिधियों द्वारा शासन के कामकाज में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ ही पानी, शराब के व्यसन, शिक्षा, स्वास्थ्य, घेरलू हिंसा, जेण्डर असमानता व अन्याय जैसे उन मुद्दों के प्रति राज्य को संवेदनशील बना रही है। `खामोश क्रांति` को एक आवाज़ की जरूरत है( इन महिलाओं के संघर्षों तथा सफलताओं को घरों, नागरिक समाज समूहों, शहरी अभिजात्य वर्ग, पेशेवरों, शिक्षाविदों तथा नीति निर्माताओं के दिलो-दिमाग तक पहुंचाने के लिए एक व्यवस्थित प्रयास जरूरी है।

Submitted by admin on Wed, 07/08/2009 - 10:39
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विमल श्रीवास्तव

आकाश में छाए काले बादलों को देखकर किसका दिल झूमने नहीं लगता, चाहे वह जंगलों में रहने वाले मयूर हों, कवि हों, किसान हों या गर्मी से तपते हुए नगरवासी ।

फिर ये बादल भी कैसे-कैसे हैं; कोई तो काजल जैसे काले, कोई धुएं जैसे भूरे, कोई रूई के ढेर जैसे सफेद, तो कोई झीने दुपट्टे जैसे सफेद । इन्हीं बादलों पर अनगिनत कविताएं लिखी जा चुकी हैं, सैकड़ों फिल्मी गीत बनाए गए हैं, महाकवि कालीदास ने तो मेघदूतम् जैसा अमर महाकाव्य भी लिख डाला है । लेकिन बादलों की सुन्दरता अपनी चरम सीमा पर तब पहुंचती है जब शाम को ढलते सूरज या भोर के उगते सूरज की किरणें आकाश के साथ-साथ बादलों को भी नारंगी, लाल, पीला जामा पहना देती हैं ।

प्रयास

Submitted by HindiWater on Sun, 09/06/2020 - 20:27
हिमालय को नया जीवन दे रहे प्रदीप सांगवान
पहाड़ों को बचाने के लिए एक टीम खड़ी करने के लिए अपने जैसे विचारधारा के लोगों की तलाश करने लगे, ताकि वे लोग भी उनके इस कार्य में सहयोग कर सकें। इसके लिए उन्होंने वर्ष 2016 ‘‘द हीलिंग हिमालय फाउंडेशन’’ नाम से एक संस्था की शुरुआत की। अपने संघर्षपूर्ण जीवन में प्रदीप अभी तक पहाड़ों से 7 लाख किलोग्राम से ज्यादा गैर-बायोडिग्रेडेबल कचरा एकत्रित कर चुके हैं।

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Tue, 09/15/2020 - 16:26
Source:
Aqua Foundation
एक्वा फाउंडेशन
सम्मेलन सर्वोत्तम प्रथाओं, नवीन प्रौद्योगिकियों और अत्याधुनिक अनुसंधान में नवीनतम रुझानों के बारे में जानने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। आपसे निवेदन है कि अपनी संस्था से अधिक से अधिक प्रतिभागियों का नामांकन करे (online Register as delegate) कार्यक्रम का ब्रोशर यहां डाउनलोड करें.  अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट देखें  World Aqua Congress.  तारीख : अक्टूबर 29- 30, 2020 समयः प्रातः 9:00 बजे से सांय 6ः00 बजे 
Submitted by HindiWater on Fri, 09/04/2020 - 17:30
Source:
water conflict forum
Water Conflicts
भारत में जल संघर्ष पर नीति वार्ता के लिए फोरम (वाटर कनफ्लिक्ट फोरम) नियमित अंतराल पर 10 सितंबर से 8 अक्टूबर, 2020 तक वेबिनार की एक श्रृंखला का आयोजन कर रहा है, इस आयोजन के दौरान उन व्यक्तियों से बात करने का मौक़ा मिलेगा जो बाढ़ से जुड़े हुए हैं, जिन्हे बाढ़ का अनुभव है, जिन्होंने बाढ़ से निपटने के लिए बेहतर प्रबंधन की वकालत की है
Submitted by HindiWater on Thu, 09/03/2020 - 17:46
Source:
लोगो - वाटर डाइजेस्ट
वर्षा जल संचयन और प्रबंधन पर "वाटर डाइजेस्ट"  दो दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित कर रहा है। यह कार्यक्रम 10 और 11 सितंबर को होगा। जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत नेशनल वाटर मिशन डिपार्टमेंट के कैंपेन "कैच द रेन" को सपोर्ट करने के लिए वाटर डाइजेस्ट की पहल का मकसद प्रतिभागियों के बीच चर्चा, जागरूकता और सूचना साझा करने को बढ़ावा देना है।

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खासम-खास

आज भी खरे हैं तालाब- पाल के किनारे लिखा इतिहास का संगीतमय वाचन

Submitted by UrbanWater on Wed, 09/02/2020 - 13:49
Author
इंडिया वाटर पोर्टल (हिंदी)
aaj-bhi-khare-hain-talab-pal-ke-kinare-likha-itihas-ka-sangitamay-vachan
Source
रमाकांत राय
Anupam_Mishra
अपनी पुस्तक “आज भी खरे हैं तालाब” में श्री अनुपम जी ने समूचे भारत के तालाबों, जल-संचयन पद्धतियों, जल-प्रबन्धन, झीलों तथा पानी की अनेक भव्य परंपराओं की समझ, दर्शन और शोध को लिपिबद्ध किया है। भारत की यह पारम्परिक जल संरचनाएं, आज भी हजारों गाँवों और कस्बों के लिये जीवनरेखा के समान हैं। इसी पुस्तक को कागजों से निकालकर संगीतमय ध्वनि में पिरोने का एक प्रयास कर रहे हैं डॉ. रमाकांत राय।

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प्रत्यक्ष नकदी हस्तांतरण कोई रामबाण इलाज नहीं है…

Submitted by admin on Thu, 07/16/2009 - 14:05
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मिहिर शाह
गरीबीउन्मूलन के कार्यक्रम उसी समय सफ़ल सिद्ध हो सकते हैं, जब ऐसे कार्यक्रम उन्हें सतत आजीविका चलाने लायक बनासकें, ताकि गरीब सरकारी मदद पर आश्रित ही न रहें। इस कार्यके लिये मजबूत जन-संस्थान, सटीक तकनीक, मानव संसाधन का हुनर विकास, बाज़ार की सहायता तथा एक पर्याप्त निवेश सभी साथ में होना चाहिये।डायरेक्ट कैश ट्रांसफ़र (DCT) नामक शब्द आजकल विकास समूहों के भीतर काफ़ी चर्चा में है। इकोनोमिस्ट अरविन्द सुब्रह्मणियन ने भारत में गरीबी दूर करने के तौर तरीकों के बारे में अपनी पुस्तक “फ़र्स्ट बेस्ट ऑप्शन” मे DCT के बारे में लिखा है (द हिन्दू, अगस्त 24, 2008)। हाल ही में प्रकाशित “इकॉनॉमिक एण्ड पोलिटिकल वीकली (अप्रैल 12, 2008)” के अंक में सुब्रह्मणियन के विचारों से देवेश कपूर और पार्थ मुखोपाध्याय (KMS) ने भी अन्य कई मुद्दों पर विस्तार से सहमति जताई है। KMS कहते हैं, खाद्य, उर्वरक और ईंधन इन तीन प्रमुख वस्तुओं पर भारत के केन्द्रीय बजट में केन्द्र प्रायोजित योजनाओं में ही लगभग 2,00,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जाती है। वे पूछते हैं कि – क्या भारत के गरीबों के विकास और उसके उन्मूलन के लक्ष्यों को केन्द्रीय तन्त्र के माध्यम से इतनी विशाल धनराशि खर्च करके भी पाया जा सका है? क्या यह एक अच्छा तरीका कहा जा सकता है? मैं कहूँगा, निश्चित ही है, बजाय इसके कि मुँह में पानी लाने लायक एक करोड़ की राशि प्रत्येक ग्राम पंचायत के खाते में सीधे डाल दी जाये।

सरोजिनी नायडू पुरस्कार के लिए आवेदन आमंत्रित

Submitted by admin on Tue, 07/14/2009 - 13:41
द हंगर प्रोजेक्ट पंचायतीराज में महिलाओं की भूमिका पर सर्व श्रेष्ठ लेखन के लिए 2009 सरोजिनी नायडू पुरस्कार की घोषणा करता है। आपसे निवेदन है कि आपके क्षेत्र के पत्रकार बन्धुओं एवं अन्य मीडिया साथियों को उपरोक्त दी हुई जानकारी के बारे में अवगत करायें।

आज पंचायत की महिला जनप्रतिनिधियों द्वारा शासन के कामकाज में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ ही पानी, शराब के व्यसन, शिक्षा, स्वास्थ्य, घेरलू हिंसा, जेण्डर असमानता व अन्याय जैसे उन मुद्दों के प्रति राज्य को संवेदनशील बना रही है। `खामोश क्रांति` को एक आवाज़ की जरूरत है( इन महिलाओं के संघर्षों तथा सफलताओं को घरों, नागरिक समाज समूहों, शहरी अभिजात्य वर्ग, पेशेवरों, शिक्षाविदों तथा नीति निर्माताओं के दिलो-दिमाग तक पहुंचाने के लिए एक व्यवस्थित प्रयास जरूरी है।

'घनन-घनन घन घिर आए बदरा'

Submitted by admin on Wed, 07/08/2009 - 10:39
Source
विमल श्रीवास्तव

आकाश में छाए काले बादलों को देखकर किसका दिल झूमने नहीं लगता, चाहे वह जंगलों में रहने वाले मयूर हों, कवि हों, किसान हों या गर्मी से तपते हुए नगरवासी ।

फिर ये बादल भी कैसे-कैसे हैं; कोई तो काजल जैसे काले, कोई धुएं जैसे भूरे, कोई रूई के ढेर जैसे सफेद, तो कोई झीने दुपट्टे जैसे सफेद । इन्हीं बादलों पर अनगिनत कविताएं लिखी जा चुकी हैं, सैकड़ों फिल्मी गीत बनाए गए हैं, महाकवि कालीदास ने तो मेघदूतम् जैसा अमर महाकाव्य भी लिख डाला है । लेकिन बादलों की सुन्दरता अपनी चरम सीमा पर तब पहुंचती है जब शाम को ढलते सूरज या भोर के उगते सूरज की किरणें आकाश के साथ-साथ बादलों को भी नारंगी, लाल, पीला जामा पहना देती हैं ।

प्रयास

हिमालय को नया जीवन दे रहे प्रदीप सांगवान

Submitted by HindiWater on Sun, 09/06/2020 - 20:27
pradeep-sangwan-healing-himalayas
हिमालय को नया जीवन दे रहे प्रदीप सांगवान
पहाड़ों को बचाने के लिए एक टीम खड़ी करने के लिए अपने जैसे विचारधारा के लोगों की तलाश करने लगे, ताकि वे लोग भी उनके इस कार्य में सहयोग कर सकें। इसके लिए उन्होंने वर्ष 2016 ‘‘द हीलिंग हिमालय फाउंडेशन’’ नाम से एक संस्था की शुरुआत की। अपने संघर्षपूर्ण जीवन में प्रदीप अभी तक पहाड़ों से 7 लाख किलोग्राम से ज्यादा गैर-बायोडिग्रेडेबल कचरा एकत्रित कर चुके हैं।

नोटिस बोर्ड

एक्वा फाउंडेशन की XIV वर्ल्ड एक्वा कांग्रेस

Submitted by HindiWater on Tue, 09/15/2020 - 16:26
ekva-foundation-key-XIV-world-ekva-kangres
Source
Aqua Foundation
एक्वा फाउंडेशन
सम्मेलन सर्वोत्तम प्रथाओं, नवीन प्रौद्योगिकियों और अत्याधुनिक अनुसंधान में नवीनतम रुझानों के बारे में जानने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। आपसे निवेदन है कि अपनी संस्था से अधिक से अधिक प्रतिभागियों का नामांकन करे (online Register as delegate) कार्यक्रम का ब्रोशर यहां डाउनलोड करें.  अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट देखें  World Aqua Congress.  तारीख : अक्टूबर 29- 30, 2020 समयः प्रातः 9:00 बजे से सांय 6ः00 बजे 

भारत में बाढ़ के साथ महत्वपूर्ण जुड़ाव पर वेबिनार श्रृंखला

Submitted by HindiWater on Fri, 09/04/2020 - 17:30
bharath-mein-badha-kay-saath-mahatvapoorn-judav-par-vebinar-shrrinkhala
Source
water conflict forum
Water Conflicts
भारत में जल संघर्ष पर नीति वार्ता के लिए फोरम (वाटर कनफ्लिक्ट फोरम) नियमित अंतराल पर 10 सितंबर से 8 अक्टूबर, 2020 तक वेबिनार की एक श्रृंखला का आयोजन कर रहा है, इस आयोजन के दौरान उन व्यक्तियों से बात करने का मौक़ा मिलेगा जो बाढ़ से जुड़े हुए हैं, जिन्हे बाढ़ का अनुभव है, जिन्होंने बाढ़ से निपटने के लिए बेहतर प्रबंधन की वकालत की है

वेबिनार- वर्षा जल संचयन और प्रबंधन पर ऑनलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम 

Submitted by HindiWater on Thu, 09/03/2020 - 17:46
WEBINAR---varsha-jal-sanchayan-aur-prabandhan-par-online-training-program
लोगो - वाटर डाइजेस्ट
वर्षा जल संचयन और प्रबंधन पर "वाटर डाइजेस्ट"  दो दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित कर रहा है। यह कार्यक्रम 10 और 11 सितंबर को होगा। जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत नेशनल वाटर मिशन डिपार्टमेंट के कैंपेन "कैच द रेन" को सपोर्ट करने के लिए वाटर डाइजेस्ट की पहल का मकसद प्रतिभागियों के बीच चर्चा, जागरूकता और सूचना साझा करने को बढ़ावा देना है।

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