नया ताजा

पसंदीदा आलेख

आगामी कार्यक्रम

खासम-खास

Submitted by HindiWater on Sat, 09/19/2020 - 17:44
अनुपम मिश्र

आज भी खरे है तालाब अनुपम मिश्र की बहुचर्चित पुस्तक - 02 अध्याय नींव से शिखर तक रमाकान्त राय के संगीतमय अंदाज में

Content

Submitted by UrbanWater on Mon, 10/19/2020 - 12:06
Source:
नदी के समग्र सर्वेक्षण की कोशिश

Submitted by HindiWater on Sat, 10/17/2020 - 17:23
Source:
पर्यावरण पर्स्पेक्टिव 
प्रदूषण
मानव सभ्यता के विकास में जीवन को सहज और सुचारू रूप से चलाने हेतु आवश्यकताओं के अनुरूप निरंतर आविष्कार तथा विकल्पों की तलाश होती रही है। बीते लगभग दो सौ वर्षों में जिस तरह विज्ञान ने प्रगति की है, वह अभूतपूर्व है। परंतु विज्ञान की इस प्रगति ने सबसे ज़्यादा पर्यावरण को प्रभावित किया है। वर्तमान में पर्यावरण को प्रभावित करे में विज्ञान के महत्त्वपूर्ण आविष्कारों में से एक है 'प्लास्टिक!। प्राकृतिक संसाधनों से रासायनिक प्रक्रिया द्वारा कृत्रिम रूप से तैयार प्लास्टिक का प्रयोग आज हमारे रोज़मर्रा के जीवन में धड़ल्ले से हो रहा है। इसके उपयोग से लाभ तथा हानि दोनों हैं। अतः सम्यक दृष्टि से इसका विश्लेषण करना आवश्यक है।ऐतिहासिक दृष्टि से ऐसा माना जाता है कि सर्वप्रथम मानव निर्मित प्लास्टिक सन्‌ 855 में अलेक्जेंडर पार्क्स (ब्रिटेन) द्वारा बनाया गया था।
Submitted by HindiWater on Fri, 10/16/2020 - 16:49
Source:
प्लास्टिक
जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका प्लास्टिक के कई अदृश्य खतरे हैं आज विज्ञान ने मानव के जीवन को और भी अधिक सरल और सुविधाजनक बना दिया है। विज्ञान और आधुनिक तकनीकों के प्रयोग ने प्राकृतिक वातावरण को दूषित ही नहीं किया, बल्कि तकनीक के इसी अंधाधुंध प्रयोग ने धरती के अस्तित्व को खतरे में डाल दिया है। इस संबंध में जो सबसे बड़ी समस्या उत्पन्न हो रही है, वह है प्लास्टिक का अधिक से अधिक प्रयोग।

प्रयास

Submitted by HindiWater on Tue, 09/22/2020 - 17:33
आजीविका की बदौलत ग्रामीण महिलाओं में सामाजिक बदलाव
मध्यप्रदेश के इंदौर में आजीविका की बदौलत ग्रामीण महिलाओं में सामाजिक बदलाव की सुहानी सूरत देखने को मिल रही है। महिलाओं को संगठित कर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन उनके हाथों में हुनर सौंप रहा है। उन्हें संसाधन मुहैया करा रहा है। निर्धन परिवारों की महिलाओं के लिए आजीविका नारी सशक्तिकरण की नयी मिसाल बन गई है।

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Tue, 10/13/2020 - 13:56
Source:
इंडिया रिवर्स वीक
इंडिया रिवर्स वीक ने वर्ष 2020 के लिए भागीरथ प्रयास सम्मान और अनुपम मिश्र मेडल के लिये नामांकन आमंत्रित किये है। भागीरथ प्रयास सम्मान की शुरुआत 2014 में की गई। जिसके जूरी स्वर्गीय श्री रामास्वामी थे
Submitted by HindiWater on Thu, 10/08/2020 - 12:58
Source:
वेबनार
रिवाइटलाइजिंग रेनफेड एग्रीकल्चर नेटवर्क (RRAN) और पीपल साइंस इंस्टिट्यूट (PSI)  हिमांचल प्रदेश के जमीनी अनुभव पर आधारित हिमालयन एरिया में स्प्रिंग शेड मैनेजमेंट पर एक वेबिनार आयोजित कर रहा है। 
Submitted by HindiWater on Wed, 09/30/2020 - 10:41
Source:
पानी रे पानी
कला प्रतियोगिता के नियम 1) इसके दो आयु वर्ग होंगे : . 5 से 8 वर्ष . 9 से 14 वर्ष

Latest

खासम-खास

आज भी खरे है तालाब-अध्याय 2 नींव से शिखर तक संगीतमय वाचन

Submitted by HindiWater on Sat, 09/19/2020 - 17:44
Author
इंडिया वाटर पोर्टल (हिंदी)
aaj-bhi-khare-hai-talab-adhyay-2-neev-se-shikhar-tak-sangitamay-vachan
Source
रमाकांत राय
अनुपम मिश्र

आज भी खरे है तालाब अनुपम मिश्र की बहुचर्चित पुस्तक - 02 अध्याय नींव से शिखर तक रमाकान्त राय के संगीतमय अंदाज में

Content

उपयोगिता बनाम प्रदूषण

Submitted by HindiWater on Sat, 10/17/2020 - 17:23
upayogita-banam-pradushan
Source
पर्यावरण पर्स्पेक्टिव 
 प्रदूषण
मानव सभ्यता के विकास में जीवन को सहज और सुचारू रूप से चलाने हेतु आवश्यकताओं के अनुरूप निरंतर आविष्कार तथा विकल्पों की तलाश होती रही है। बीते लगभग दो सौ वर्षों में जिस तरह विज्ञान ने प्रगति की है, वह अभूतपूर्व है। परंतु विज्ञान की इस प्रगति ने सबसे ज़्यादा पर्यावरण को प्रभावित किया है। वर्तमान में पर्यावरण को प्रभावित करे में विज्ञान के महत्त्वपूर्ण आविष्कारों में से एक है 'प्लास्टिक!। प्राकृतिक संसाधनों से रासायनिक प्रक्रिया द्वारा कृत्रिम रूप से तैयार प्लास्टिक का प्रयोग आज हमारे रोज़मर्रा के जीवन में धड़ल्ले से हो रहा है। इसके उपयोग से लाभ तथा हानि दोनों हैं। अतः सम्यक दृष्टि से इसका विश्लेषण करना आवश्यक है।ऐतिहासिक दृष्टि से ऐसा माना जाता है कि सर्वप्रथम मानव निर्मित प्लास्टिक सन्‌ 855 में अलेक्जेंडर पार्क्स (ब्रिटेन) द्वारा बनाया गया था।

धरती का अस्तित्व खतरे में

Submitted by HindiWater on Fri, 10/16/2020 - 16:49
dharti-kaa-astitva-khatare-mein
प्लास्टिक
जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका प्लास्टिक के कई अदृश्य खतरे हैं आज विज्ञान ने मानव के जीवन को और भी अधिक सरल और सुविधाजनक बना दिया है। विज्ञान और आधुनिक तकनीकों के प्रयोग ने प्राकृतिक वातावरण को दूषित ही नहीं किया, बल्कि तकनीक के इसी अंधाधुंध प्रयोग ने धरती के अस्तित्व को खतरे में डाल दिया है। इस संबंध में जो सबसे बड़ी समस्या उत्पन्न हो रही है, वह है प्लास्टिक का अधिक से अधिक प्रयोग।

प्रयास

आजीविका की बदौलत सामाजिक बदलाव

Submitted by HindiWater on Tue, 09/22/2020 - 17:33
ajivika-key-badoulat-samajik-badlav
आजीविका की बदौलत ग्रामीण महिलाओं में सामाजिक बदलाव
मध्यप्रदेश के इंदौर में आजीविका की बदौलत ग्रामीण महिलाओं में सामाजिक बदलाव की सुहानी सूरत देखने को मिल रही है। महिलाओं को संगठित कर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन उनके हाथों में हुनर सौंप रहा है। उन्हें संसाधन मुहैया करा रहा है। निर्धन परिवारों की महिलाओं के लिए आजीविका नारी सशक्तिकरण की नयी मिसाल बन गई है।

नोटिस बोर्ड

भागीरथ प्रयास सम्मान  2020 के लिए नामांकन आमंत्रित 

Submitted by HindiWater on Tue, 10/13/2020 - 13:56
indiya-rivers-vik-ney-bhagidrath-prayas-samman-2020-kay-liye-namankan-amantrit-kiye-hai
इंडिया रिवर्स वीक
इंडिया रिवर्स वीक ने वर्ष 2020 के लिए भागीरथ प्रयास सम्मान और अनुपम मिश्र मेडल के लिये नामांकन आमंत्रित किये है। भागीरथ प्रयास सम्मान की शुरुआत 2014 में की गई। जिसके जूरी स्वर्गीय श्री रामास्वामी थे

हिमालयन एरिया में स्प्रिंग शेड मैनेजमेंट पर वेबिनार

Submitted by HindiWater on Thu, 10/08/2020 - 12:58
himalyan-aria-mein-spring-shade-management-par-webnar
वेबनार
रिवाइटलाइजिंग रेनफेड एग्रीकल्चर नेटवर्क (RRAN) और पीपल साइंस इंस्टिट्यूट (PSI)  हिमांचल प्रदेश के जमीनी अनुभव पर आधारित हिमालयन एरिया में स्प्रिंग शेड मैनेजमेंट पर एक वेबिनार आयोजित कर रहा है। 

पानी रे पानीअभियान के तहत गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित कला प्रतियोगिता

Submitted by HindiWater on Wed, 09/30/2020 - 10:41
pani-ray-paniabhiyan-kay-tahat-gandhi-jayanti-kay-avsar-par-ayojit-kala-pratiyogita
पानी रे पानी
कला प्रतियोगिता के नियम 1) इसके दो आयु वर्ग होंगे : . 5 से 8 वर्ष . 9 से 14 वर्ष

Upcoming Event

Popular Articles