नया ताजा

पसंदीदा आलेख

आगामी कार्यक्रम

खासम-खास

Submitted by Editorial Team on Fri, 07/08/2022 - 17:20
केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण
भूजल का दोहन, भूस्वामी की जमीन की सीमा तक सीमित नहीं होता। वह अनेक पैरामीटर पर निर्भर होता है। उपर्युक्त आधार पर कहा जा सकता है कि वैज्ञानिकों को अधिनियम को मानवीय और वैज्ञानिक चेहरा प्रदान करने के लिए काफी कुछ करना बाकी है। सबसे अधिक आवश्यक है सामाजिक स्वीकार्यता। यदि अधिनियम से सामाजिक स्वीकार्यता अनुपस्थित है तो अधिनियमों को धरती पर उतारना और समस्या को हल करना कठिन हो सकता है। भूमि जल प्राधिकरण के सामने यही असली चुनौती है।

Content

Submitted by Shivendra on Tue, 06/28/2022 - 16:40
Source:
यूसर्क
भारतीय हिमालय क्षेत्र में पानी की कमी और स्प्रिंग प्रबंधन
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम से  प्राप्त वैज्ञानिक निष्कर्षों के आधार पर प्रतिमाह जल स्रोत प्रबंधन, संरक्षण,संवर्धन, गुणवत्ता, तकनीक एवं विज्ञान आधारित अध्ययन आदि विषयों को केंद्रित करते हुए विशेषज्ञों के ऑनलाइन व्याख्यानों का आयोजन किया जा रहा है
Submitted by Shivendra on Tue, 06/28/2022 - 13:20
Source:
गांव में पानी की वजह से कई कुंवारे रह गए नौजवान
इस तपन भरी 48 डिग्री तापमान की गर्मी में यहां के छोटे बच्चे, बूढ़े, दिव्यांग सभी पानी भरने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर  हैं।  पाठा मे पत्थरों और जंगलों के किनारे बने चोहड़ों से अशुद्ध पानी भर कर पीने को मजबूर हैं लोग इतना ही नहीं सुबह पानी भरने की चिंता मे ग्रामीण देर रात को ही पानी की तलाश में बैलगाड़ी से
Submitted by Shivendra on Wed, 06/22/2022 - 14:39
Source:
चरखा फीचर
पर्यावरण संरक्षण से पहले जागरूकता ज़रूरी है
हाल ही में भारत सहित दुनिया भर में पर्यावरण दिवस पर अनेकों कार्यक्रम हुए. जिसमें पर्यावरण संरक्षण पर ज़ोर दिया गया और इस बात का प्रण किया गया कि न केवल जल और जंगल को हरा भरा किया जायेगा बल्कि जो जहां रहता है, वह वहीं के आसपास की जगहों को साफ़ रखने का प्रयास करेगा.

प्रयास

Submitted by Shivendra on Fri, 07/01/2022 - 13:28
राजस्थान के उदयपुर जिले के मेनार गांव में धंध झील में पक्षियों का झुंड
इससे मेवाड़ के ग्रामीण क्षेत्र को रामसर स्थल का दर्जा मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। गाँव की दो झीलें ब्रह्मा और धंध में हर साल सर्दियों के मौसम में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों को देखा जा सकता है। इसी वजह से गांव का नाम बर्ड विलेज पड़ा।   

नोटिस बोर्ड

Submitted by Shivendra on Mon, 07/25/2022 - 15:34
Source:
यूसर्क
जल शिक्षा व्याख्यान श्रृंखला
इस दौरान राष्ट्रीय पर्यावरण  इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्था के वरिष्ठ वैज्ञानिक और अपशिष्ट जल विभाग विभाग के प्रमुख डॉक्टर रितेश विजय  सस्टेनेबल  वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट फॉर लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट (Sustainable Wastewater Treatment for Liquid Waste Management) विषय  पर विशेषज्ञ तौर पर अपनी राय रखेंगे।
Submitted by Shivendra on Fri, 06/10/2022 - 10:20
Source:
भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वालो को यूपी सरकार करेगी सम्मानित
भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वाले संस्था या व्यक्ति को उत्तर प्रदेश की सरकार सम्मानित करने जा रही है । उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रथम राज्य भूजल पुरस्कार की घोषणा की है इस पुरस्कार के लिए हर जिले से आवेदन मांगे
Submitted by Shivendra on Tue, 04/26/2022 - 15:43
Source:
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
भारत  और CAWST, कनाडा साथ मिलकर ‘स्वस्थ जीवन के लिए घरेलू जल उपचार और स्वच्छता (WASH) व्यवहार में परिवर्तन’ विषय पर  18 से 20 मई तक गुरुग्राम, हरियाणा  में  तीन-दिन की प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन करने जा रहे हैं।

Latest

खासम-खास

केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण  : कुछ तथ्य, कुछ जानकारियां

Submitted by Editorial Team on Fri, 07/08/2022 - 17:20
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
kendriya-bhoomi-jal-pradhikaran-:-kuchh-tathy,-kuchh-jankariyan
केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण
भूजल का दोहन, भूस्वामी की जमीन की सीमा तक सीमित नहीं होता। वह अनेक पैरामीटर पर निर्भर होता है। उपर्युक्त आधार पर कहा जा सकता है कि वैज्ञानिकों को अधिनियम को मानवीय और वैज्ञानिक चेहरा प्रदान करने के लिए काफी कुछ करना बाकी है। सबसे अधिक आवश्यक है सामाजिक स्वीकार्यता। यदि अधिनियम से सामाजिक स्वीकार्यता अनुपस्थित है तो अधिनियमों को धरती पर उतारना और समस्या को हल करना कठिन हो सकता है। भूमि जल प्राधिकरण के सामने यही असली चुनौती है।

Content

भारतीय हिमालय क्षेत्र में पानी की कमी और स्प्रिंग प्रबंधन

Submitted by Shivendra on Tue, 06/28/2022 - 16:40
bharatiy-himalayi-kshetra-men-pani-ki-kami-aur-jharanon-ka-prabandhan
Source
यूसर्क
भारतीय हिमालय क्षेत्र में पानी की कमी और स्प्रिंग प्रबंधन
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम से  प्राप्त वैज्ञानिक निष्कर्षों के आधार पर प्रतिमाह जल स्रोत प्रबंधन, संरक्षण,संवर्धन, गुणवत्ता, तकनीक एवं विज्ञान आधारित अध्ययन आदि विषयों को केंद्रित करते हुए विशेषज्ञों के ऑनलाइन व्याख्यानों का आयोजन किया जा रहा है

गांव में पानी की वजह से कई कुंवारे रह गए नौजवान

Submitted by Shivendra on Tue, 06/28/2022 - 13:20
gaanv-mein-paani-ki-vajah-se-kai-kunware-rah-gaye-naujavan
गांव में पानी की वजह से कई कुंवारे रह गए नौजवान
इस तपन भरी 48 डिग्री तापमान की गर्मी में यहां के छोटे बच्चे, बूढ़े, दिव्यांग सभी पानी भरने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर  हैं।  पाठा मे पत्थरों और जंगलों के किनारे बने चोहड़ों से अशुद्ध पानी भर कर पीने को मजबूर हैं लोग इतना ही नहीं सुबह पानी भरने की चिंता मे ग्रामीण देर रात को ही पानी की तलाश में बैलगाड़ी से

पर्यावरण संरक्षण से पहले जागरूकता ज़रूरी है

Submitted by Shivendra on Wed, 06/22/2022 - 14:39
paryavaran-sanrakshan-se-pahle-jagrukta-zaruri-hai
Source
चरखा फीचर
पर्यावरण संरक्षण से पहले जागरूकता ज़रूरी है
हाल ही में भारत सहित दुनिया भर में पर्यावरण दिवस पर अनेकों कार्यक्रम हुए. जिसमें पर्यावरण संरक्षण पर ज़ोर दिया गया और इस बात का प्रण किया गया कि न केवल जल और जंगल को हरा भरा किया जायेगा बल्कि जो जहां रहता है, वह वहीं के आसपास की जगहों को साफ़ रखने का प्रयास करेगा.

प्रयास

उदयपुर के इस गांव को वेटलैंड घोषित किया जाना तय

Submitted by Shivendra on Fri, 07/01/2022 - 13:28
udayapur-ke-is-gaon-ko-weightland-ghoshit-kiya-jana-tay
राजस्थान के उदयपुर जिले के मेनार गांव में धंध झील में पक्षियों का झुंड
इससे मेवाड़ के ग्रामीण क्षेत्र को रामसर स्थल का दर्जा मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। गाँव की दो झीलें ब्रह्मा और धंध में हर साल सर्दियों के मौसम में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों को देखा जा सकता है। इसी वजह से गांव का नाम बर्ड विलेज पड़ा।   

नोटिस बोर्ड

28 जुलाई को यूसर्क द्वारा आयोजित जल शिक्षा व्याख्यान श्रृंखला पर भाग लेने के लिए पंजीकरण करायें

Submitted by Shivendra on Mon, 07/25/2022 - 15:34
28-july-ko-ayojit-hone-vale-jal-shiksha-vyakhyan-shrinkhala-par-bhag-lene-ke-liye-panjikaran-karayen
Source
यूसर्क
जल शिक्षा व्याख्यान श्रृंखला
इस दौरान राष्ट्रीय पर्यावरण  इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्था के वरिष्ठ वैज्ञानिक और अपशिष्ट जल विभाग विभाग के प्रमुख डॉक्टर रितेश विजय  सस्टेनेबल  वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट फॉर लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट (Sustainable Wastewater Treatment for Liquid Waste Management) विषय  पर विशेषज्ञ तौर पर अपनी राय रखेंगे।

भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वालो को यूपी सरकार करेगी सम्मानित

Submitted by Shivendra on Fri, 06/10/2022 - 10:20
bhoojal-sanrakshan-ke-kshetra-men-karya-karne-valo-ke-liye-up-sarkar-ne-manga-avedan
भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वालो को यूपी सरकार करेगी सम्मानित
भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वाले संस्था या व्यक्ति को उत्तर प्रदेश की सरकार सम्मानित करने जा रही है । उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रथम राज्य भूजल पुरस्कार की घोषणा की है इस पुरस्कार के लिए हर जिले से आवेदन मांगे

स्वस्थ जीवन के लिए घरेलू जल उपचार और स्वच्छता व्यवहार में परिवर्तन पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला

Submitted by Shivendra on Tue, 04/26/2022 - 15:43
swasth-jeevan-ke-liye-gharelu-jal-upchar-or-swachhta-vyavahar-mein-parivartan-par-tin-divasiy-prashikshan-karyashala
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
भारत  और CAWST, कनाडा साथ मिलकर ‘स्वस्थ जीवन के लिए घरेलू जल उपचार और स्वच्छता (WASH) व्यवहार में परिवर्तन’ विषय पर  18 से 20 मई तक गुरुग्राम, हरियाणा  में  तीन-दिन की प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन करने जा रहे हैं।

Upcoming Event

Popular Articles