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खासम-खास

Submitted by UrbanWater on Thu, 06/25/2020 - 09:08
नदी चेतना यात्रा : बिहार में राज-समाज की कोशिश से नदियों को जिंदा करने की कवायद, फोटो: Needpix.com
पिछले तीन दिनों (22 जून से 24 जून) से बिहार में बीस-पच्चीस संवेदनशील लोग नदी चेतना यात्रा के लिए होमवर्क कर रहे हैं। यह समूह रोज सबेरे 8.30 बजे मोबाईल पर एक दूसरे से कनेक्ट होता है और डिजिटल सम्वाद के तरीके से प्रातः लगभग नौ बजे तक होमवर्क करता है। होमवर्क का लक्ष्य है, चेतना यात्रा को प्रभावी बनाना। चयनित नदियों की समस्याओं के कारणों को पहचाना और कछार में निवास करने वाले समाज की मदद से समाज सम्मत हल तलाशना और जन अपेक्षाओं को मूर्त स्वरुप प्रदान करने के लिए राज से सम्वाद करना।

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Submitted by HindiWater on Sat, 06/27/2020 - 10:47
Source:
भारत में बढ़ेगा सूखा, गहराएगा खाद्यान्न संकट
विश्व बैंक तक कह चुका है कि ‘‘ग्लोबल वार्मिंग के कारण भारत को कई लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है।’’ लेकिन फिलहाल हम बात करेंगे सूखे की, जिसका ज़िक्र हाल ही में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की रिपोर्ट असेसमेंट ऑफ क्लाइमेट चेंज ओवर द इंडियन रीजन में किया गया है।
Submitted by HindiWater on Sat, 06/27/2020 - 09:30
Source:
खेतों में बचेगी बारिश की हर बूंद
बांदा में जल संरक्षण के लिए अनूठे प्रयोग किए जा रहे हैं। जल संचयन के लिए पानी चौपाल लगाई जा रही है। नियमित रूप से तालाबों की साफ-सफाई की जाती है। गाद को तालाब से बाहर निकाला जाता है। तो वहीं जल संरक्षण का ये कार्य सुनियोजित ढंग से करने के लिए जल सेवकों का गठन किया गया है। 
Submitted by HindiWater on Fri, 06/26/2020 - 09:22
Source:
जल संकटः नदी की गाद से प्यासा रहा पहाड़
20 घंटे पसीना बहाने के बाद जल संस्थान नगर क्षेत्र के मात्र 20 प्रतिशत उपभोक्ताओं को ही पानी पहुंचा सका। यानी 1.20 लाख उपभोक्ताओं में से करीब 24 हजार को ही पानी मिला। शेष 80 फीसद क्षेत्र बेपानी ही रहा।

प्रयास

Submitted by UrbanWater on Thu, 06/18/2020 - 05:54
सिंचाई-तालाब ही कृषिजल का समाधान, प्रतीकात्मक फोटो: Needpix.com
तालाब हेतु खोदी हुई मिट्टी का उपयोग श्री चौधरी के खेतों में बने निचले, असमतल क्षेत्रों में भरकर उन्हें एक समतल-आकार देने का प्रयास किया गया। साथ ही अन्य मिट्टी का उपयोग खेतों की पहुंच सड़कों ठीक करने में लिया गया। कड़ी मेहनत के बाद मई माह में तालाब निर्मित हुआ और उसका आकार 1 हेक्टेयर में होकर उसमें लगभग 80000 घन मीटर पानी का संग्रहण किया जा सकता था। चूँकि इस तालाब में प्राकृतिक निकास मार्ग (जो कि मुख्य राजमार्ग से लगा हुआ था) से जल का प्रवेश तालाब में कराया गया था, इस कारण अतिरिक्त निकास द्वार न बनाकर ऐसा प्रयास किया गया कि तालाब भरने के उपरान्त पुनः जल अपवाह अपने प्राकृतिक निकास मार्ग से आगे चला जाए।

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
Source:
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
Source:
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 
Submitted by UrbanWater on Wed, 05/13/2020 - 11:11
Source:
पंकज मालवीय अक्षधा फाउंडेशन
पानी रे पानी
विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून 2020

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि |
प्रविष्टि रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि – 30 मई 2020
ई-प्रतियोगिता की तिथि – 5 जून 2020,
समय 10 बजे प्रात: से 4 बजे तक

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खासम-खास

नदी चेतना यात्रा : राज से सम्वाद के लिए होमवर्क करता समाज 

Submitted by UrbanWater on Thu, 06/25/2020 - 09:08
Author
कृष्ण गोपाल व्यास
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नदी चेतना यात्रा : बिहार में राज-समाज की कोशिश से नदियों को जिंदा करने की कवायद, फोटो: Needpix.com
पिछले तीन दिनों (22 जून से 24 जून) से बिहार में बीस-पच्चीस संवेदनशील लोग नदी चेतना यात्रा के लिए होमवर्क कर रहे हैं। यह समूह रोज सबेरे 8.30 बजे मोबाईल पर एक दूसरे से कनेक्ट होता है और डिजिटल सम्वाद के तरीके से प्रातः लगभग नौ बजे तक होमवर्क करता है। होमवर्क का लक्ष्य है, चेतना यात्रा को प्रभावी बनाना। चयनित नदियों की समस्याओं के कारणों को पहचाना और कछार में निवास करने वाले समाज की मदद से समाज सम्मत हल तलाशना और जन अपेक्षाओं को मूर्त स्वरुप प्रदान करने के लिए राज से सम्वाद करना।

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भारत में बढ़ेगा सूखा, गहराएगा खाद्यान्न संकट

Submitted by HindiWater on Sat, 06/27/2020 - 10:47
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भारत में बढ़ेगा सूखा, गहराएगा खाद्यान्न संकट
विश्व बैंक तक कह चुका है कि ‘‘ग्लोबल वार्मिंग के कारण भारत को कई लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है।’’ लेकिन फिलहाल हम बात करेंगे सूखे की, जिसका ज़िक्र हाल ही में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की रिपोर्ट असेसमेंट ऑफ क्लाइमेट चेंज ओवर द इंडियन रीजन में किया गया है।

खेतों में बचेगी बारिश की हर बूंद

Submitted by HindiWater on Sat, 06/27/2020 - 09:30
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खेतों में बचेगी बारिश की हर बूंद
बांदा में जल संरक्षण के लिए अनूठे प्रयोग किए जा रहे हैं। जल संचयन के लिए पानी चौपाल लगाई जा रही है। नियमित रूप से तालाबों की साफ-सफाई की जाती है। गाद को तालाब से बाहर निकाला जाता है। तो वहीं जल संरक्षण का ये कार्य सुनियोजित ढंग से करने के लिए जल सेवकों का गठन किया गया है। 

जल संकटः नदी की गाद से प्यासा रहा पहाड़

Submitted by HindiWater on Fri, 06/26/2020 - 09:22
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जल संकटः नदी की गाद से प्यासा रहा पहाड़
20 घंटे पसीना बहाने के बाद जल संस्थान नगर क्षेत्र के मात्र 20 प्रतिशत उपभोक्ताओं को ही पानी पहुंचा सका। यानी 1.20 लाख उपभोक्ताओं में से करीब 24 हजार को ही पानी मिला। शेष 80 फीसद क्षेत्र बेपानी ही रहा।

प्रयास

जल संग्रहण तालाब के निर्माण से भरपूर उत्पादन - एक सफल गाथा 

Submitted by UrbanWater on Thu, 06/18/2020 - 05:54
jal-sangrahan-talab-tal
Source
जल चेतना, खण्ड 7, अंक 2, जुलाई 2018, राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान, रुड़की-247667
सिंचाई-तालाब ही कृषिजल का समाधान, प्रतीकात्मक फोटो: Needpix.com
तालाब हेतु खोदी हुई मिट्टी का उपयोग श्री चौधरी के खेतों में बने निचले, असमतल क्षेत्रों में भरकर उन्हें एक समतल-आकार देने का प्रयास किया गया। साथ ही अन्य मिट्टी का उपयोग खेतों की पहुंच सड़कों ठीक करने में लिया गया। कड़ी मेहनत के बाद मई माह में तालाब निर्मित हुआ और उसका आकार 1 हेक्टेयर में होकर उसमें लगभग 80000 घन मीटर पानी का संग्रहण किया जा सकता था। चूँकि इस तालाब में प्राकृतिक निकास मार्ग (जो कि मुख्य राजमार्ग से लगा हुआ था) से जल का प्रवेश तालाब में कराया गया था, इस कारण अतिरिक्त निकास द्वार न बनाकर ऐसा प्रयास किया गया कि तालाब भरने के उपरान्त पुनः जल अपवाह अपने प्राकृतिक निकास मार्ग से आगे चला जाए।

नोटिस बोर्ड

वेबिनारः कोरोना संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
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वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।

‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
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‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि

Submitted by UrbanWater on Wed, 05/13/2020 - 11:11
participateepaintingwinaward
Source
पंकज मालवीय अक्षधा फाउंडेशन
पानी रे पानी
विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून 2020

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि |
प्रविष्टि रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि – 30 मई 2020
ई-प्रतियोगिता की तिथि – 5 जून 2020,
समय 10 बजे प्रात: से 4 बजे तक

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