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Submitted by HindiWater on Fri, 02/21/2020 - 10:10
शुद्ध जल उपलब्धता - मध्यप्रदेश के बढ़ते सधे कदम 
मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लोगों को पीने के साफ पानी को उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार के स्तर पर लगातार चिन्तन चल रहा है। कार्यशालाएं हो रही हैं। देश भर से जल विशेषज्ञों को आमंत्रित कर उनकी राय ली जा रही है। अनुभव बटोरे जा रहे हैं। इस चिन्तन में पीएचई मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री, अपनी-अपनी टीम को लेकर एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।

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Submitted by RuralWater on Wed, 02/26/2020 - 11:38
Source:
राजस्थान पत्रिका, 26 फरवरी, 2020
ग्लेशियर बिना क्या जीवन बचा पाएंगे हम
ग्लेशियर दुनिया में एक तरह के पानी के बैंक हैं और फिक्स्ड डिपॉजिट भी इन्हें माना जा सकता है। ये पृथ्वी का वही हिस्सा है जो दुनिया को एक बड़े रूप में पानी देते हैं। मतलब आप ये मानिए कि दुनिया के 75 फीसदी पीने के पानी के स्रोत ग्लेशियर ही हैं और लगभग 47 देशों में पाए जाते हैं।
Submitted by HindiWater on Tue, 02/25/2020 - 09:36
Source:
दैनिक जागरण, नई दिल्ली, 25 फरवरी 2020
देश में पहली बार अगले महीने से दिल्ली में होगी प्रदूषण की निगरानी
25 फीसद प्रदूषण कम करने के बाद अब दिल्ली अत्यंत महीन प्रदूषण कण पीएम 1 की निगरानी और इसके निदान में भी आगे निकलने की तरफ बढ़ रही है। देश में पहली बार अगले महीने से राजधानी में न केवल इसका रियल टाइम डाटा मिलने लगेगा, बल्कि इसके कारक भी पता चल सकेंगे। इसी आधार पर इसे नियंत्रित करने के प्रयास किए जाएंगे।
Submitted by RuralWater on Mon, 02/24/2020 - 12:07
Source:
अमर उजाला, 24 फरवरी, 2020
खेत से खाने की मेज तक
भारत जैसे देश की, जो सीधे खेती-किसानी से जुड़ा हुआ है, पहली प्राथमिकता किसान की समृद्धि ही होनी चाहिए। कम-से-कम लागत और अपने आस-पास बिखरी प्रकृति की सम्पदा से की गई खेती ही जैविक खेती कहलाती है। अपने खेत के एक छोटे भाग में सबसे पहले अपने घर के लिए रोटी, कपड़ा और मकान के लिए उपयुक्त फसलें पैदा करना हर किसान की पहली आवश्यकता होनी चाहिए।

प्रयास

Submitted by RuralWater on Wed, 02/19/2020 - 10:49
चिपको की तर्ज पर बचाया तांतरी का जंगल
मैंने जिंदगी का सबसे अहम पाठ सीख लिया है कि कभी हार मत मानो और अपनी बातों का अनुसरण करते रहो। सभी महिलाएं चिपको आंदोलन की तर्ज पर पेड़ों से चिपक गईं। वनकर्मियों ने हमें समझाने की कोशिशें की, तो लकड़ी माफिया ने हमें रिश्वत देने की कोशिश की और मना करने पर हमें जान से मारने की धमकी भी दी। लेकिन हमने अपने कदम पीछे लेने से मना कर दिया।

नोटिस बोर्ड

Submitted by RuralWater on Mon, 02/17/2020 - 15:35
Source:
Hindi Watet Portal
नदी घाटी विचार मंच
अब खतरा मात्र नदी नही, नदी घाटियों पर सामने दिखता है। नदी घाटियों का व्यवसायिकरण हो रहा है। बांधों की बात तो पीछे छोड़े, पूरी नदी घाटी, नदी जोड़ परियोजना से प्रभावित होने की बात है; जिसका न केवल मानव बल्कि पूरी प्रकृति पर स्थानीय देशी और वैश्विक प्रभाव भी हो रहा है।
Submitted by HindiWater on Mon, 02/10/2020 - 10:51
Source:
जल संसाधन प्रबंधन पर पुणे में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
राष्ट्रीय जल अकादमी, केन्द्रीय जल आयोग, पुणे में “जल संसाधन प्रबंधन पर प्रशिक्षण.सह.कार्यशाला” विषय पर 26-27 मार्च को गैर सरकारी संगठनों और मीडिया कर्मियों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में पंजीकरण कराने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
Submitted by HindiWater on Mon, 01/20/2020 - 11:07
Source:
मीडिया महोत्सव-2020
गत वर्षों की भांति इस बार भी 22-23 फरवरी, 2020 (शनिवार-रविवार, चतुर्दशी-अमावस्या, कृष्ण पक्ष, माघ, विक्रम संवत 2076) को “भारत का अभ्युदय : मीडिया की भूमिका” पर केन्द्रित “मीडिया महोत्सव-2020” का आयोजन भोपाल में होना सुनिश्चित हुआ है l

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खासम-खास

शुद्ध जल उपलब्धता - मध्यप्रदेश के बढ़ते सधे कदम 

Submitted by HindiWater on Fri, 02/21/2020 - 10:10
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
शुद्ध जल उपलब्धता - मध्यप्रदेश के बढ़ते सधे कदम 
मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लोगों को पीने के साफ पानी को उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार के स्तर पर लगातार चिन्तन चल रहा है। कार्यशालाएं हो रही हैं। देश भर से जल विशेषज्ञों को आमंत्रित कर उनकी राय ली जा रही है। अनुभव बटोरे जा रहे हैं। इस चिन्तन में पीएचई मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री, अपनी-अपनी टीम को लेकर एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।

Content

ग्लेशियर बिना क्या जीवन बचा पाएंगे हम

Submitted by RuralWater on Wed, 02/26/2020 - 11:38
Source
राजस्थान पत्रिका, 26 फरवरी, 2020
ग्लेशियर बिना क्या जीवन बचा पाएंगे हम
ग्लेशियर दुनिया में एक तरह के पानी के बैंक हैं और फिक्स्ड डिपॉजिट भी इन्हें माना जा सकता है। ये पृथ्वी का वही हिस्सा है जो दुनिया को एक बड़े रूप में पानी देते हैं। मतलब आप ये मानिए कि दुनिया के 75 फीसदी पीने के पानी के स्रोत ग्लेशियर ही हैं और लगभग 47 देशों में पाए जाते हैं।

देश में पहली बार अगले महीने से दिल्ली में होगी प्रदूषण की निगरानी

Submitted by HindiWater on Tue, 02/25/2020 - 09:36
Source
दैनिक जागरण, नई दिल्ली, 25 फरवरी 2020
देश में पहली बार अगले महीने से दिल्ली में होगी प्रदूषण की निगरानी
25 फीसद प्रदूषण कम करने के बाद अब दिल्ली अत्यंत महीन प्रदूषण कण पीएम 1 की निगरानी और इसके निदान में भी आगे निकलने की तरफ बढ़ रही है। देश में पहली बार अगले महीने से राजधानी में न केवल इसका रियल टाइम डाटा मिलने लगेगा, बल्कि इसके कारक भी पता चल सकेंगे। इसी आधार पर इसे नियंत्रित करने के प्रयास किए जाएंगे।

खेत से खाने की मेज तक

Submitted by RuralWater on Mon, 02/24/2020 - 12:07
Source
अमर उजाला, 24 फरवरी, 2020
खेत से खाने की मेज तक
भारत जैसे देश की, जो सीधे खेती-किसानी से जुड़ा हुआ है, पहली प्राथमिकता किसान की समृद्धि ही होनी चाहिए। कम-से-कम लागत और अपने आस-पास बिखरी प्रकृति की सम्पदा से की गई खेती ही जैविक खेती कहलाती है। अपने खेत के एक छोटे भाग में सबसे पहले अपने घर के लिए रोटी, कपड़ा और मकान के लिए उपयुक्त फसलें पैदा करना हर किसान की पहली आवश्यकता होनी चाहिए।

प्रयास

चिपको की तर्ज पर बचाया तांतरी का जंगल

Submitted by RuralWater on Wed, 02/19/2020 - 10:49
Source
अमर उजाला, 19 फरवरी, 2020
चिपको की तर्ज पर बचाया तांतरी का जंगल
मैंने जिंदगी का सबसे अहम पाठ सीख लिया है कि कभी हार मत मानो और अपनी बातों का अनुसरण करते रहो। सभी महिलाएं चिपको आंदोलन की तर्ज पर पेड़ों से चिपक गईं। वनकर्मियों ने हमें समझाने की कोशिशें की, तो लकड़ी माफिया ने हमें रिश्वत देने की कोशिश की और मना करने पर हमें जान से मारने की धमकी भी दी। लेकिन हमने अपने कदम पीछे लेने से मना कर दिया।

नोटिस बोर्ड

नदी घाटी विचार मंच

Submitted by RuralWater on Mon, 02/17/2020 - 15:35
Source
Hindi Watet Portal
नदी घाटी विचार मंच
अब खतरा मात्र नदी नही, नदी घाटियों पर सामने दिखता है। नदी घाटियों का व्यवसायिकरण हो रहा है। बांधों की बात तो पीछे छोड़े, पूरी नदी घाटी, नदी जोड़ परियोजना से प्रभावित होने की बात है; जिसका न केवल मानव बल्कि पूरी प्रकृति पर स्थानीय देशी और वैश्विक प्रभाव भी हो रहा है।

जल संसाधन प्रबंधन पर पुणे में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला

Submitted by HindiWater on Mon, 02/10/2020 - 10:51
जल संसाधन प्रबंधन पर पुणे में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
राष्ट्रीय जल अकादमी, केन्द्रीय जल आयोग, पुणे में “जल संसाधन प्रबंधन पर प्रशिक्षण.सह.कार्यशाला” विषय पर 26-27 मार्च को गैर सरकारी संगठनों और मीडिया कर्मियों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में पंजीकरण कराने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।

मीडिया महोत्सव-2020

Submitted by HindiWater on Mon, 01/20/2020 - 11:07
मीडिया महोत्सव-2020
गत वर्षों की भांति इस बार भी 22-23 फरवरी, 2020 (शनिवार-रविवार, चतुर्दशी-अमावस्या, कृष्ण पक्ष, माघ, विक्रम संवत 2076) को “भारत का अभ्युदय : मीडिया की भूमिका” पर केन्द्रित “मीडिया महोत्सव-2020” का आयोजन भोपाल में होना सुनिश्चित हुआ है l

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