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खासम-खास

Submitted by UrbanWater on Fri, 06/05/2020 - 07:47
नदियाँ समाज का आइना होती हैं। फोटो - NeedPix.com
इन दिनों बिहार राज्य में पानी और जंगल के लिए पानी रे पानी अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत 5 जून से 27 सितम्बर 2020 के बीच नदी चेतना यात्रा निकाली जावेगी। इस यात्रा का शुभारंभ एक जून 2020 अर्थात गंगा दशहरा के दिन कमला नदी के तट पर जनकपुर में हो चुका है।

Content

Submitted by Hindi on Tue, 03/23/2010 - 13:14
Source:

खेते पाँसा जो न किसाना।
उसके घरे दरिद्र समाना।।

शब्दार्थ- पाँसा- खाद, पास।

भावार्थ- जो कृषक अपने खेत में खाद नहीं डालता, उसके घर में दरिद्रता का वास होता है। एक अन्य आशय यह भी है कि जो किसान कभी खेत के समीप नहीं जाता है सदा दूसरों से ही खेती कराता है उसके घर में दरिद्रता निवास करती है।

Submitted by Hindi on Mon, 03/22/2010 - 16:55
Source:

अगहर खेती अगहर मार।
घाघ कहैं तौ कबहुँ न हार।।

भावार्थ- घाघ का मानना है कि खेती और मारपीट के मामले में पहल करने वाला व्यक्ति कभी हारता नहीं है। लड़ाई-झगड़े में पहले मारने की नीति को सर्वत्र श्रेय दिया जाता है लेकिन खेती के मामले में हमेशा अगहर होना लाभदायक नहीं होता, फिर भी लाभ की सम्भावना अधिक होती है।

Submitted by Hindi on Mon, 03/22/2010 - 14:39
Source:

अगहन में ना दी थी कोर।
तेरे बैल क्या ले गये चोर।।

भावार्थ- घाघ कहते हैं कि हे किसान! तूने अगहन में अपने ईख के खेतों की जुताई क्यों नहीं की? क्या तेरे बैल चोर चुरा ले गये थे?

प्रयास

Submitted by UrbanWater on Sat, 05/30/2020 - 11:25
सुखना झील, फोटो: Needpix
अदालत ने सुखना-झील के संरक्षण के लिए दायर सात याचिकाओं पर विचार करते हुए सुखना-झील को जीवित व्यक्ति का दर्जा दिया है और चंडीगढ़ के समाज और प्रशासन की जवाबदेही करते करते हुए उन्हें सुखना झील के अभिभावक की संज्ञा दी है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है।

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
Source:
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
Source:
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 
Submitted by UrbanWater on Wed, 05/13/2020 - 11:11
Source:
पंकज मालवीय अक्षधा फाउंडेशन
पानी रे पानी
विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून 2020

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि |
प्रविष्टि रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि – 30 मई 2020
ई-प्रतियोगिता की तिथि – 5 जून 2020,
समय 10 बजे प्रात: से 4 बजे तक

Latest

खासम-खास

पर्यावरण दिवस से नदी दिवस तक

Submitted by UrbanWater on Fri, 06/05/2020 - 07:47
Author
कृष्ण गोपाल व्यास
Environment-Day-2020
नदियाँ समाज का आइना होती हैं। फोटो - NeedPix.com
इन दिनों बिहार राज्य में पानी और जंगल के लिए पानी रे पानी अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत 5 जून से 27 सितम्बर 2020 के बीच नदी चेतना यात्रा निकाली जावेगी। इस यात्रा का शुभारंभ एक जून 2020 अर्थात गंगा दशहरा के दिन कमला नदी के तट पर जनकपुर में हो चुका है।

Content

खाद सम्बन्धी कहावतें

Submitted by Hindi on Tue, 03/23/2010 - 13:14

खेते पाँसा जो न किसाना।
उसके घरे दरिद्र समाना।।


शब्दार्थ- पाँसा- खाद, पास।

भावार्थ- जो कृषक अपने खेत में खाद नहीं डालता, उसके घर में दरिद्रता का वास होता है। एक अन्य आशय यह भी है कि जो किसान कभी खेत के समीप नहीं जाता है सदा दूसरों से ही खेती कराता है उसके घर में दरिद्रता निवास करती है।

बोवाई सम्बन्धी कहावतें

Submitted by Hindi on Mon, 03/22/2010 - 16:55

अगहर खेती अगहर मार।
घाघ कहैं तौ कबहुँ न हार।।


भावार्थ- घाघ का मानना है कि खेती और मारपीट के मामले में पहल करने वाला व्यक्ति कभी हारता नहीं है। लड़ाई-झगड़े में पहले मारने की नीति को सर्वत्र श्रेय दिया जाता है लेकिन खेती के मामले में हमेशा अगहर होना लाभदायक नहीं होता, फिर भी लाभ की सम्भावना अधिक होती है।

जुताई सम्बन्धी कहावतें

Submitted by Hindi on Mon, 03/22/2010 - 14:39

अगहन में ना दी थी कोर।
तेरे बैल क्या ले गये चोर।।


भावार्थ- घाघ कहते हैं कि हे किसान! तूने अगहन में अपने ईख के खेतों की जुताई क्यों नहीं की? क्या तेरे बैल चोर चुरा ले गये थे?

प्रयास

'सुखना झील' को मिले ‘जीवित प्राणी’ के अधिकार और कर्तव्य

Submitted by UrbanWater on Sat, 05/30/2020 - 11:25
Author
मीनाक्षी अरोड़ा
'sukhna-jhil'-ko-miley-‘jivit-prani’-kay-adhikar-aur-kartavya
सुखना झील, फोटो: Needpix
अदालत ने सुखना-झील के संरक्षण के लिए दायर सात याचिकाओं पर विचार करते हुए सुखना-झील को जीवित व्यक्ति का दर्जा दिया है और चंडीगढ़ के समाज और प्रशासन की जवाबदेही करते करते हुए उन्हें सुखना झील के अभिभावक की संज्ञा दी है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है।

नोटिस बोर्ड

वेबिनारः कोरोना संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
corona-and-lockdown-in-context-of-himalayas
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।

‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
WASH-for-healthy-homes-india
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि

Submitted by UrbanWater on Wed, 05/13/2020 - 11:11
participateepaintingwinaward
Source
पंकज मालवीय अक्षधा फाउंडेशन
पानी रे पानी
विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून 2020

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि |
प्रविष्टि रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि – 30 मई 2020
ई-प्रतियोगिता की तिथि – 5 जून 2020,
समय 10 बजे प्रात: से 4 बजे तक

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