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खासम-खास

Submitted by UrbanWater on Mon, 07/20/2020 - 08:26
अविरल नदी, फोटो : needpix.com
मनुष्य की विकास यात्रा का इतिहास बताता है कि मानव सभ्यता का विकास नदियों के किनारे हुआ है। यह विकास चाहे भारत में हुआ हो या मिश्र में, या अन्य और किसी जगह, या बिहार में, सब जगह उसका आधार नदी और उसका कछार ही रहा है। मानव सभ्यता का यह विकास, नदी और मनुष्य के अन्तरंग सम्बन्ध का जीता-जागता प्रमाण है लेकिन यह सम्बन्ध नदी और मनुष्य के बीच क्यों बना और क्यों विकास की धारा नदी के किनारे ही प्रवाहित हुई, पर बहुत ही कम लोगों ने विचार किया है। उससे जुडा साहित्य भी सहजता से उपलब्ध नही है। आइए उस संभावना को समझने का प्रयास करें।

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Submitted by UrbanWater on Thu, 07/16/2020 - 14:26
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किशनगंज में कटाव से खतरे में गाँव
बिहार में नदियों के जलस्तर में इजाफा बरकरार है। आपदा प्रबंधन विभाग की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक, बूढ़ी गंडक का जलस्तर खगड़िया, समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर के सिकंदरपुर गॉज स्टेशन में बढ़ रहा है। वहीं, कमला बालान नदी का जलस्तर मधुबनी के झंझारपुर और जयनगर तथा घाघरा नदी सिवान के दरौली में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। 
Submitted by UrbanWater on Wed, 07/15/2020 - 20:11
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भूजल नदियों की जीवनरेखा होता है। फोटो : needpix.com
22 जून 2020 से बिहार के पच्चीस-तीस संवेदनशील नागरिक नदियों को जिलाने के लिए होमवर्क कर रहे हैं। यह होमवर्क रोज सबेरे 8.30 बजे प्रारंभ होता है। लक्ष्य है चयनित चार नदियों (दो नदियाँ गंगा के उत्तर और दो नदियाँ गंगा के दक्षिण की) को जिन्दा करने के लिए नदी विज्ञान के आधार पर उनको समझना और फिर रोडमेप के साथ राज से सम्वाद करना। होमवर्क का लक्ष्य है, समूह के साथियों की समझ को वैज्ञानिक आधार प्रदान करना। विकसित समझ के आधार पर समाज से सम्वाद करना। चयनित नदियों की समस्याओं और उनके पीछे के कारणों को पहचानना तथा नदी को अविरल और निर्मल बनाने के लिए कछार में निवास करने वाले समाज की मदद से समाज सम्मत हल का दस्तावेज तैयार करना और फिर उस पर राज से सम्वाद करना। डिजिटल प्लेटफार्म पर यह होमवर्क हर दिन बिना नागा किए होता है। उसमें जबाब-सवाल होते हैं। हर प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं। सभी जिज्ञासाओं और शंकाओं का समाधान किया जाता है। नदी पर काम करने वाले लोग अपने अनुभव भी साझा करते हैं। आज इस चर्चा में लेखक को भी भागीदारी का अवसर मिला। 
Submitted by HindiWater on Wed, 07/15/2020 - 09:13
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वाराणसी के तीन विकास खंड डार्क जोन में शामिल
भारत में सतही जल तेजी से सूखता जा रहा है। जो जल बचा है, वो प्रदूषित हो रहा है। इसमें गंगा और यमुना जैसी देश की तमाम बड़ी और छोटी नदियां शामिल हैं। अतिदोहन के कारण भूजल स्तर इतना चीने चला गया है कि सूखे कुएं और तालाब इंसानों को गर्मिंयों में मुंह चिढ़ा रहे हैं।

प्रयास

Submitted by HindiWater on Tue, 08/04/2020 - 12:45
पहाड़ को जल संकट से उबारने में जुटे चंदन
उत्तराखंड़ का भौगोलिक और पौराणिक महत्व किसी भी अन्य क्षेत्र की अपेक्षा कईं ज्यादा अलौकिक और वृहद है। उत्तराखंड़ के संदर्भ में कहा जाता है कि ‘पहाड़ की जवानी पहाड़ के किसी काम नहीं आती। वो तो रोजगार की तलाश में मैदानों में चली जाती है। पहाड़ों पर तो बचते हैं, बूढ़े मां-बाप और बच्चे।’’ जो लोग बचे हैं, वें चौड़ी पत्ती वाले जंगलों के कम होने से हर साल जल संकट और जंगल की आग तथा प्राकृतिक आपदाओं का सामना करते हैं, लेकिन नैनीताल के किसान ‘चंदन नयाल’ की जवानी न केवल पहाड़ के काम आ रही है, बल्कि वे दूसरों के लिए भी प्ररेणास्रोत बन गए हैं। पर्यावरण संरक्षण की तरफ कदम बढ़ाते हुए उन्होंने नौकरी छोड़ 40 हजार से ज्यादा पेड़ लगाए व सैंकड़ों चाल-खाल और खंतियों का निर्माण किया है। पेश है चंदन सिंह नयाल से बातचीत के कुछ अंश -

नोटिस बोर्ड

Submitted by UrbanWater on Tue, 07/07/2020 - 17:15
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हेल्पलाइन नंबर
संजय झा ने कहा,ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।” “ट्विटर के अलावा टोल फ्री नं. 18003456145 पर कॉल कर भी जानकारी साझा की जा सकती है। ये नंबर 24X7 चालू है। इसके साथ ही एक ऐप भी लाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए भी जानकारियां दी जा सकती हैं।”
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
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वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
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‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

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खासम-खास

नदी चेतना यात्रा : समाज की प्रजातांत्रिक शक्ति और नदी के प्राकृतिक संसाधनों की बहाली 

Submitted by UrbanWater on Mon, 07/20/2020 - 08:26
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
nadi-chetna-yatra
अविरल नदी, फोटो : needpix.com
मनुष्य की विकास यात्रा का इतिहास बताता है कि मानव सभ्यता का विकास नदियों के किनारे हुआ है। यह विकास चाहे भारत में हुआ हो या मिश्र में, या अन्य और किसी जगह, या बिहार में, सब जगह उसका आधार नदी और उसका कछार ही रहा है। मानव सभ्यता का यह विकास, नदी और मनुष्य के अन्तरंग सम्बन्ध का जीता-जागता प्रमाण है लेकिन यह सम्बन्ध नदी और मनुष्य के बीच क्यों बना और क्यों विकास की धारा नदी के किनारे ही प्रवाहित हुई, पर बहुत ही कम लोगों ने विचार किया है। उससे जुडा साहित्य भी सहजता से उपलब्ध नही है। आइए उस संभावना को समझने का प्रयास करें।

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बिहार बाढ़ः बिहार हुआ पानी-पानी

Submitted by UrbanWater on Thu, 07/16/2020 - 14:26
Author
उमेश कुमार राय
bihar-badh-bihar-hua-pani-pani
किशनगंज में कटाव से खतरे में गाँव
बिहार में नदियों के जलस्तर में इजाफा बरकरार है। आपदा प्रबंधन विभाग की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक, बूढ़ी गंडक का जलस्तर खगड़िया, समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर के सिकंदरपुर गॉज स्टेशन में बढ़ रहा है। वहीं, कमला बालान नदी का जलस्तर मधुबनी के झंझारपुर और जयनगर तथा घाघरा नदी सिवान के दरौली में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। 

राज से सम्वाद के लिए होमवर्क करता समाज : भूजल दोहन के आँकडों की समझ 

Submitted by UrbanWater on Wed, 07/15/2020 - 20:11
Author
कृष्णगोपाल व्यास
bhujal-dohan-ke-ancadon-ki-samajh
भूजल नदियों की जीवनरेखा होता है। फोटो : needpix.com
22 जून 2020 से बिहार के पच्चीस-तीस संवेदनशील नागरिक नदियों को जिलाने के लिए होमवर्क कर रहे हैं। यह होमवर्क रोज सबेरे 8.30 बजे प्रारंभ होता है। लक्ष्य है चयनित चार नदियों (दो नदियाँ गंगा के उत्तर और दो नदियाँ गंगा के दक्षिण की) को जिन्दा करने के लिए नदी विज्ञान के आधार पर उनको समझना और फिर रोडमेप के साथ राज से सम्वाद करना। होमवर्क का लक्ष्य है, समूह के साथियों की समझ को वैज्ञानिक आधार प्रदान करना। विकसित समझ के आधार पर समाज से सम्वाद करना। चयनित नदियों की समस्याओं और उनके पीछे के कारणों को पहचानना तथा नदी को अविरल और निर्मल बनाने के लिए कछार में निवास करने वाले समाज की मदद से समाज सम्मत हल का दस्तावेज तैयार करना और फिर उस पर राज से सम्वाद करना। डिजिटल प्लेटफार्म पर यह होमवर्क हर दिन बिना नागा किए होता है। उसमें जबाब-सवाल होते हैं। हर प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं। सभी जिज्ञासाओं और शंकाओं का समाधान किया जाता है। नदी पर काम करने वाले लोग अपने अनुभव भी साझा करते हैं। आज इस चर्चा में लेखक को भी भागीदारी का अवसर मिला। 

वाराणसी के तीन विकास खंड डार्क जोन में शामिल, गिर रहा भूजल स्तर

Submitted by HindiWater on Wed, 07/15/2020 - 09:13
varanasi-mein-lagatar-gir-raha-bhujal-star
वाराणसी के तीन विकास खंड डार्क जोन में शामिल
भारत में सतही जल तेजी से सूखता जा रहा है। जो जल बचा है, वो प्रदूषित हो रहा है। इसमें गंगा और यमुना जैसी देश की तमाम बड़ी और छोटी नदियां शामिल हैं। अतिदोहन के कारण भूजल स्तर इतना चीने चला गया है कि सूखे कुएं और तालाब इंसानों को गर्मिंयों में मुंह चिढ़ा रहे हैं।

प्रयास

पहाड़ को जल संकट से उबारने में जुटे चंदन

Submitted by HindiWater on Tue, 08/04/2020 - 12:45
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पहाड़ को जल संकट से उबारने में जुटे चंदन
उत्तराखंड़ का भौगोलिक और पौराणिक महत्व किसी भी अन्य क्षेत्र की अपेक्षा कईं ज्यादा अलौकिक और वृहद है। उत्तराखंड़ के संदर्भ में कहा जाता है कि ‘पहाड़ की जवानी पहाड़ के किसी काम नहीं आती। वो तो रोजगार की तलाश में मैदानों में चली जाती है। पहाड़ों पर तो बचते हैं, बूढ़े मां-बाप और बच्चे।’’ जो लोग बचे हैं, वें चौड़ी पत्ती वाले जंगलों के कम होने से हर साल जल संकट और जंगल की आग तथा प्राकृतिक आपदाओं का सामना करते हैं, लेकिन नैनीताल के किसान ‘चंदन नयाल’ की जवानी न केवल पहाड़ के काम आ रही है, बल्कि वे दूसरों के लिए भी प्ररेणास्रोत बन गए हैं। पर्यावरण संरक्षण की तरफ कदम बढ़ाते हुए उन्होंने नौकरी छोड़ 40 हजार से ज्यादा पेड़ लगाए व सैंकड़ों चाल-खाल और खंतियों का निर्माण किया है। पेश है चंदन सिंह नयाल से बातचीत के कुछ अंश -

नोटिस बोर्ड

बिहार में बाढ़: आपके इलाके में तटबंध में दरार है तो ऐसे दीजिए जानकारी 

Submitted by UrbanWater on Tue, 07/07/2020 - 17:15
Author
उमेश कुमार राय
bihar-badh:-aapke-ilake-mein-tatabandh-mein-darar-hai-dijie-janakari
हेल्पलाइन नंबर
संजय झा ने कहा,ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।” “ट्विटर के अलावा टोल फ्री नं. 18003456145 पर कॉल कर भी जानकारी साझा की जा सकती है। ये नंबर 24X7 चालू है। इसके साथ ही एक ऐप भी लाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए भी जानकारियां दी जा सकती हैं।”

वेबिनारः कोरोना संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
corona-and-lockdown-in-context-of-himalayas
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।

‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
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‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

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