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खासम-खास

Submitted by UrbanWater on Fri, 08/07/2020 - 13:55
नदियाँ, फोटो: needpix.com
कन्टूरों के वितरण से कछार के ढ़ाल की जानकारी का अनुमान लग जाता है। टोपोशीट पर जहाँ दो कन्टूर पास-पास होते हैं वहाँ ढ़ाल बहुत अधिक होता है। खडी चढ़ाई होती है। पानी तेजी से बहकर निकल जाता है। उसके धरती में रिसने या धरती पर संचय के अवसर बहुत कम होते हैं। पानी के नीचे उतरने की गति के अधिक होने के कारण भूमि कटाव बहुत अधिक होता है। ऐसी जगह में भूमिगत जल संचय के लिए स्टेगर्ड कन्टूर ट्रेंच (Staggered contour trench) ही एकमात्र कारगर विकल्प होता है।

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Submitted by HindiWater on Thu, 07/16/2020 - 16:17
Source:
उत्तराखंडः पहाड़ के लोगों की पहल से संग्रहित होगा लाखों लीटर पानी 
पहाड़ की भौगोलिक परिस्थितियां ही ऐसी हैं कि बरसात, स्प्रिंग्स और नदियों का पानी पहाड़ पर ठहरता ही नहीं है। पानी ढलानों के साथ बहता हुआ मैदानों की तरफ रुख करता है। इसलिए पहाड़ों पर जगह-जगह चाल-खाल और खंतियों का निर्माण करवाया जाता है।
Submitted by UrbanWater on Thu, 07/16/2020 - 14:26
Source:
किशनगंज में कटाव से खतरे में गाँव
बिहार में नदियों के जलस्तर में इजाफा बरकरार है। आपदा प्रबंधन विभाग की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक, बूढ़ी गंडक का जलस्तर खगड़िया, समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर के सिकंदरपुर गॉज स्टेशन में बढ़ रहा है। वहीं, कमला बालान नदी का जलस्तर मधुबनी के झंझारपुर और जयनगर तथा घाघरा नदी सिवान के दरौली में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। 
Submitted by UrbanWater on Wed, 07/15/2020 - 20:11
Source:
भूजल नदियों की जीवनरेखा होता है। फोटो : needpix.com
22 जून 2020 से बिहार के पच्चीस-तीस संवेदनशील नागरिक नदियों को जिलाने के लिए होमवर्क कर रहे हैं। यह होमवर्क रोज सबेरे 8.30 बजे प्रारंभ होता है। लक्ष्य है चयनित चार नदियों (दो नदियाँ गंगा के उत्तर और दो नदियाँ गंगा के दक्षिण की) को जिन्दा करने के लिए नदी विज्ञान के आधार पर उनको समझना और फिर रोडमेप के साथ राज से सम्वाद करना। होमवर्क का लक्ष्य है, समूह के साथियों की समझ को वैज्ञानिक आधार प्रदान करना। विकसित समझ के आधार पर समाज से सम्वाद करना। चयनित नदियों की समस्याओं और उनके पीछे के कारणों को पहचानना तथा नदी को अविरल और निर्मल बनाने के लिए कछार में निवास करने वाले समाज की मदद से समाज सम्मत हल का दस्तावेज तैयार करना और फिर उस पर राज से सम्वाद करना। डिजिटल प्लेटफार्म पर यह होमवर्क हर दिन बिना नागा किए होता है। उसमें जबाब-सवाल होते हैं। हर प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं। सभी जिज्ञासाओं और शंकाओं का समाधान किया जाता है। नदी पर काम करने वाले लोग अपने अनुभव भी साझा करते हैं। आज इस चर्चा में लेखक को भी भागीदारी का अवसर मिला। 

प्रयास

Submitted by UrbanWater on Thu, 08/06/2020 - 10:14
Pani_Anna_with_Pond_Photo: Book of Achievers
5 वर्षीय कामे गौड़ा मूल रूप से कर्नाटक के मंडया जिले के देशनाडोडी गांव के रहने वाले हैं। वह चरवाहा समुदाय से आते हैं और छोटे से कमरे में रहते हैं। वह आर्थिक तौर पर गरीब हैं, लेकिन उनके दिल में मानव जाति का कल्याण करने का जज्बा कूट-कूट कर भरा हुआ है। दरअसल, कामे गौड़ा जिस गांव में रहते हैं, वहां पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं रहता है। वहां के लोग किसी तरह अपने लिए पानी का इंतजाम तो कर लेते, लेकिन जंगली जानवरों और मवेशियों को पानी मिलना मुश्किल हो जाता था। इस संकट से निजात पाने के लिए अपने गांवों में अकेले 14 तालाब खोद डाले और जलसंकट से जूझते गांव को पानीदार बना दिया। 

नोटिस बोर्ड

Submitted by UrbanWater on Tue, 07/07/2020 - 17:15
Source:
हेल्पलाइन नंबर
संजय झा ने कहा,ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।” “ट्विटर के अलावा टोल फ्री नं. 18003456145 पर कॉल कर भी जानकारी साझा की जा सकती है। ये नंबर 24X7 चालू है। इसके साथ ही एक ऐप भी लाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए भी जानकारियां दी जा सकती हैं।”
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
Source:
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
Source:
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

Latest

खासम-खास

नदी चेतना यात्रा : कन्टूर और जल संरक्षण के सम्बन्ध को समझने का प्रयास 

Submitted by UrbanWater on Fri, 08/07/2020 - 13:55
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
nadi-chetna-yatra-kantur-aur-jal-sanrakshan-kay-sambandh-ko-samajhane-kaa-prayas
नदियाँ, फोटो: needpix.com
कन्टूरों के वितरण से कछार के ढ़ाल की जानकारी का अनुमान लग जाता है। टोपोशीट पर जहाँ दो कन्टूर पास-पास होते हैं वहाँ ढ़ाल बहुत अधिक होता है। खडी चढ़ाई होती है। पानी तेजी से बहकर निकल जाता है। उसके धरती में रिसने या धरती पर संचय के अवसर बहुत कम होते हैं। पानी के नीचे उतरने की गति के अधिक होने के कारण भूमि कटाव बहुत अधिक होता है। ऐसी जगह में भूमिगत जल संचय के लिए स्टेगर्ड कन्टूर ट्रेंच (Staggered contour trench) ही एकमात्र कारगर विकल्प होता है।

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उत्तराखंडः पहाड़ के लोगों की पहल से संग्रहित होगा लाखों लीटर वर्षाजल

Submitted by HindiWater on Thu, 07/16/2020 - 16:17
uttarakhand-ke-pahad-mein-chaal-khaal-khanti-se-varsha-jal-sanrakshan
उत्तराखंडः पहाड़ के लोगों की पहल से संग्रहित होगा लाखों लीटर पानी 
पहाड़ की भौगोलिक परिस्थितियां ही ऐसी हैं कि बरसात, स्प्रिंग्स और नदियों का पानी पहाड़ पर ठहरता ही नहीं है। पानी ढलानों के साथ बहता हुआ मैदानों की तरफ रुख करता है। इसलिए पहाड़ों पर जगह-जगह चाल-खाल और खंतियों का निर्माण करवाया जाता है।

बिहार बाढ़ः बिहार हुआ पानी-पानी

Submitted by UrbanWater on Thu, 07/16/2020 - 14:26
Author
उमेश कुमार राय
bihar-badh-bihar-hua-pani-pani
किशनगंज में कटाव से खतरे में गाँव
बिहार में नदियों के जलस्तर में इजाफा बरकरार है। आपदा प्रबंधन विभाग की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक, बूढ़ी गंडक का जलस्तर खगड़िया, समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर के सिकंदरपुर गॉज स्टेशन में बढ़ रहा है। वहीं, कमला बालान नदी का जलस्तर मधुबनी के झंझारपुर और जयनगर तथा घाघरा नदी सिवान के दरौली में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। 

राज से सम्वाद के लिए होमवर्क करता समाज : भूजल दोहन के आँकडों की समझ 

Submitted by UrbanWater on Wed, 07/15/2020 - 20:11
Author
कृष्णगोपाल व्यास
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भूजल नदियों की जीवनरेखा होता है। फोटो : needpix.com
22 जून 2020 से बिहार के पच्चीस-तीस संवेदनशील नागरिक नदियों को जिलाने के लिए होमवर्क कर रहे हैं। यह होमवर्क रोज सबेरे 8.30 बजे प्रारंभ होता है। लक्ष्य है चयनित चार नदियों (दो नदियाँ गंगा के उत्तर और दो नदियाँ गंगा के दक्षिण की) को जिन्दा करने के लिए नदी विज्ञान के आधार पर उनको समझना और फिर रोडमेप के साथ राज से सम्वाद करना। होमवर्क का लक्ष्य है, समूह के साथियों की समझ को वैज्ञानिक आधार प्रदान करना। विकसित समझ के आधार पर समाज से सम्वाद करना। चयनित नदियों की समस्याओं और उनके पीछे के कारणों को पहचानना तथा नदी को अविरल और निर्मल बनाने के लिए कछार में निवास करने वाले समाज की मदद से समाज सम्मत हल का दस्तावेज तैयार करना और फिर उस पर राज से सम्वाद करना। डिजिटल प्लेटफार्म पर यह होमवर्क हर दिन बिना नागा किए होता है। उसमें जबाब-सवाल होते हैं। हर प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं। सभी जिज्ञासाओं और शंकाओं का समाधान किया जाता है। नदी पर काम करने वाले लोग अपने अनुभव भी साझा करते हैं। आज इस चर्चा में लेखक को भी भागीदारी का अवसर मिला। 

प्रयास

पानी अन्ना अकेले 14 तालाब खोदकर अपने गांव को बनाया पानीदार

Submitted by UrbanWater on Thu, 08/06/2020 - 10:14
Author
उमेश कुमार राय
pani-anna-14-talab-khodkar-gaon-ko-banaya-panidar
Pani_Anna_with_Pond_Photo: Book of Achievers
5 वर्षीय कामे गौड़ा मूल रूप से कर्नाटक के मंडया जिले के देशनाडोडी गांव के रहने वाले हैं। वह चरवाहा समुदाय से आते हैं और छोटे से कमरे में रहते हैं। वह आर्थिक तौर पर गरीब हैं, लेकिन उनके दिल में मानव जाति का कल्याण करने का जज्बा कूट-कूट कर भरा हुआ है। दरअसल, कामे गौड़ा जिस गांव में रहते हैं, वहां पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं रहता है। वहां के लोग किसी तरह अपने लिए पानी का इंतजाम तो कर लेते, लेकिन जंगली जानवरों और मवेशियों को पानी मिलना मुश्किल हो जाता था। इस संकट से निजात पाने के लिए अपने गांवों में अकेले 14 तालाब खोद डाले और जलसंकट से जूझते गांव को पानीदार बना दिया। 

नोटिस बोर्ड

बिहार में बाढ़: आपके इलाके में तटबंध में दरार है तो ऐसे दीजिए जानकारी 

Submitted by UrbanWater on Tue, 07/07/2020 - 17:15
Author
उमेश कुमार राय
bihar-badh:-aapke-ilake-mein-tatabandh-mein-darar-hai-dijie-janakari
हेल्पलाइन नंबर
संजय झा ने कहा,ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।” “ट्विटर के अलावा टोल फ्री नं. 18003456145 पर कॉल कर भी जानकारी साझा की जा सकती है। ये नंबर 24X7 चालू है। इसके साथ ही एक ऐप भी लाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए भी जानकारियां दी जा सकती हैं।”

वेबिनारः कोरोना संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
corona-and-lockdown-in-context-of-himalayas
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।

‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
WASH-for-healthy-homes-india
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

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