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खासम-खास

Submitted by UrbanWater on Fri, 08/07/2020 - 13:55
नदियाँ, फोटो: needpix.com
कन्टूरों के वितरण से कछार के ढ़ाल की जानकारी का अनुमान लग जाता है। टोपोशीट पर जहाँ दो कन्टूर पास-पास होते हैं वहाँ ढ़ाल बहुत अधिक होता है। खडी चढ़ाई होती है। पानी तेजी से बहकर निकल जाता है। उसके धरती में रिसने या धरती पर संचय के अवसर बहुत कम होते हैं। पानी के नीचे उतरने की गति के अधिक होने के कारण भूमि कटाव बहुत अधिक होता है। ऐसी जगह में भूमिगत जल संचय के लिए स्टेगर्ड कन्टूर ट्रेंच (Staggered contour trench) ही एकमात्र कारगर विकल्प होता है।

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Submitted by UrbanWater on Sat, 07/04/2020 - 08:06
Source:
वर्षाजल संग्रहण
बिहार में मॉनसून के सीजन में हाल के समय में सामान्य ज्यादा बारिश हो रही है। हालांकि कुछ साल पहले तक मॉनसून की बारिश सामान्य से कम हुआ करती थी। पिछले साल मॉनसून की बारिश सामान्य से काफी अधिक हुई थी और इस साल मॉनसून के आए अभी तीन हफ्ते भी नहीं हुए हैं, लेकिन मॉनसून की औसत बारिश का 40 प्रतिशत हिस्सा अभी बरस चुका है। इसका मतलब है कि अगले तीन महीनों में और ज्यादा बारिश होगी।
Submitted by HindiWater on Fri, 07/03/2020 - 15:24
Source:
हरिद्वार से महज 82 किमी. दूर एक और वैटलैंड
उत्तराखंड और यूपी के बीच अब देशी—विदेशी पर्यटकों से टूरिज्म का नाता जुड़ने जा रहा है। यूपी के मुजफ्फरनगर के हैदरपुर वैटलैंड में पहली बार 143 बारहसिंघा (स्वांप डियर) की गिनती ने यूपी के वन विभाग और पर्यटन विभाग की आंखों में चमक ला दी है।
Submitted by HindiWater on Fri, 07/03/2020 - 14:46
Source:
100 दिनों का रोजगार देने में विफल मनरेगा
राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 का प्रारंभ 2 फरवरी 2003 को हुआ। दोनों सदनों में पारित होने के बाद इसने 25 अगस्त 2005 को कानून का रूप ले लिया था। उस दौरान इसे ‘नरेगा’ नाम दिया गया था, लेकिन 2 अक्टूबर 2009 को इसके बाद महात्मा गांधी का नाम जुड़ गया और तभी ये योजना का नाम नरेगा से मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005) पड़ गया।

प्रयास

Submitted by UrbanWater on Thu, 08/06/2020 - 10:14
Pani_Anna_with_Pond_Photo: Book of Achievers
5 वर्षीय कामे गौड़ा मूल रूप से कर्नाटक के मंडया जिले के देशनाडोडी गांव के रहने वाले हैं। वह चरवाहा समुदाय से आते हैं और छोटे से कमरे में रहते हैं। वह आर्थिक तौर पर गरीब हैं, लेकिन उनके दिल में मानव जाति का कल्याण करने का जज्बा कूट-कूट कर भरा हुआ है। दरअसल, कामे गौड़ा जिस गांव में रहते हैं, वहां पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं रहता है। वहां के लोग किसी तरह अपने लिए पानी का इंतजाम तो कर लेते, लेकिन जंगली जानवरों और मवेशियों को पानी मिलना मुश्किल हो जाता था। इस संकट से निजात पाने के लिए अपने गांवों में अकेले 14 तालाब खोद डाले और जलसंकट से जूझते गांव को पानीदार बना दिया। 

नोटिस बोर्ड

Submitted by UrbanWater on Tue, 07/07/2020 - 17:15
Source:
हेल्पलाइन नंबर
संजय झा ने कहा,ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।” “ट्विटर के अलावा टोल फ्री नं. 18003456145 पर कॉल कर भी जानकारी साझा की जा सकती है। ये नंबर 24X7 चालू है। इसके साथ ही एक ऐप भी लाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए भी जानकारियां दी जा सकती हैं।”
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
Source:
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
Source:
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

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खासम-खास

नदी चेतना यात्रा : कन्टूर और जल संरक्षण के सम्बन्ध को समझने का प्रयास 

Submitted by UrbanWater on Fri, 08/07/2020 - 13:55
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
nadi-chetna-yatra-kantur-aur-jal-sanrakshan-kay-sambandh-ko-samajhane-kaa-prayas
नदियाँ, फोटो: needpix.com
कन्टूरों के वितरण से कछार के ढ़ाल की जानकारी का अनुमान लग जाता है। टोपोशीट पर जहाँ दो कन्टूर पास-पास होते हैं वहाँ ढ़ाल बहुत अधिक होता है। खडी चढ़ाई होती है। पानी तेजी से बहकर निकल जाता है। उसके धरती में रिसने या धरती पर संचय के अवसर बहुत कम होते हैं। पानी के नीचे उतरने की गति के अधिक होने के कारण भूमि कटाव बहुत अधिक होता है। ऐसी जगह में भूमिगत जल संचय के लिए स्टेगर्ड कन्टूर ट्रेंच (Staggered contour trench) ही एकमात्र कारगर विकल्प होता है।

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बिहार में बारिश का पानी अब नहीं जाएगा बेकार

Submitted by UrbanWater on Sat, 07/04/2020 - 08:06
Author
उमेश कुमार राय
bihar-mein-barish-ka-pani-ab-nahi-jayega-bekar
वर्षाजल संग्रहण
बिहार में मॉनसून के सीजन में हाल के समय में सामान्य ज्यादा बारिश हो रही है। हालांकि कुछ साल पहले तक मॉनसून की बारिश सामान्य से कम हुआ करती थी। पिछले साल मॉनसून की बारिश सामान्य से काफी अधिक हुई थी और इस साल मॉनसून के आए अभी तीन हफ्ते भी नहीं हुए हैं, लेकिन मॉनसून की औसत बारिश का 40 प्रतिशत हिस्सा अभी बरस चुका है। इसका मतलब है कि अगले तीन महीनों में और ज्यादा बारिश होगी।

हरिद्वार से महज 82 किमी. दूर पर एक और वैटलैंड

Submitted by HindiWater on Fri, 07/03/2020 - 15:24
haidarpur-wetland-near-haridwar
हरिद्वार से महज 82 किमी. दूर एक और वैटलैंड
उत्तराखंड और यूपी के बीच अब देशी—विदेशी पर्यटकों से टूरिज्म का नाता जुड़ने जा रहा है। यूपी के मुजफ्फरनगर के हैदरपुर वैटलैंड में पहली बार 143 बारहसिंघा (स्वांप डियर) की गिनती ने यूपी के वन विभाग और पर्यटन विभाग की आंखों में चमक ला दी है।

मनरेगा 100 दिनों का रोजगार देने में विफल

Submitted by HindiWater on Fri, 07/03/2020 - 14:46
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100 दिनों का रोजगार देने में विफल मनरेगा
राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 का प्रारंभ 2 फरवरी 2003 को हुआ। दोनों सदनों में पारित होने के बाद इसने 25 अगस्त 2005 को कानून का रूप ले लिया था। उस दौरान इसे ‘नरेगा’ नाम दिया गया था, लेकिन 2 अक्टूबर 2009 को इसके बाद महात्मा गांधी का नाम जुड़ गया और तभी ये योजना का नाम नरेगा से मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005) पड़ गया।

प्रयास

पानी अन्ना अकेले 14 तालाब खोदकर अपने गांव को बनाया पानीदार

Submitted by UrbanWater on Thu, 08/06/2020 - 10:14
Author
उमेश कुमार राय
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Pani_Anna_with_Pond_Photo: Book of Achievers
5 वर्षीय कामे गौड़ा मूल रूप से कर्नाटक के मंडया जिले के देशनाडोडी गांव के रहने वाले हैं। वह चरवाहा समुदाय से आते हैं और छोटे से कमरे में रहते हैं। वह आर्थिक तौर पर गरीब हैं, लेकिन उनके दिल में मानव जाति का कल्याण करने का जज्बा कूट-कूट कर भरा हुआ है। दरअसल, कामे गौड़ा जिस गांव में रहते हैं, वहां पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं रहता है। वहां के लोग किसी तरह अपने लिए पानी का इंतजाम तो कर लेते, लेकिन जंगली जानवरों और मवेशियों को पानी मिलना मुश्किल हो जाता था। इस संकट से निजात पाने के लिए अपने गांवों में अकेले 14 तालाब खोद डाले और जलसंकट से जूझते गांव को पानीदार बना दिया। 

नोटिस बोर्ड

बिहार में बाढ़: आपके इलाके में तटबंध में दरार है तो ऐसे दीजिए जानकारी 

Submitted by UrbanWater on Tue, 07/07/2020 - 17:15
Author
उमेश कुमार राय
bihar-badh:-aapke-ilake-mein-tatabandh-mein-darar-hai-dijie-janakari
हेल्पलाइन नंबर
संजय झा ने कहा,ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।” “ट्विटर के अलावा टोल फ्री नं. 18003456145 पर कॉल कर भी जानकारी साझा की जा सकती है। ये नंबर 24X7 चालू है। इसके साथ ही एक ऐप भी लाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए भी जानकारियां दी जा सकती हैं।”

वेबिनारः कोरोना संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
corona-and-lockdown-in-context-of-himalayas
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।

‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
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‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

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