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खासम-खास

Submitted by UrbanWater on Thu, 05/13/2021 - 10:25
हिन्दुकुश हिमालय, फोटो - इंडिया साइंस वायर

कृष्ण गोपाल 'व्यास'

हिन्दुकुश हिमालय, फोटो - इंडिया साइंस वायर

तिब्बत के पठार तथा लगभग 3500 किलोमीटर लम्बी हिन्दुकुश हिमालय पर्वत श्रृंखला, संयुक्त रूप से, उत्तर ध्रुव और दक्षिण ध्रुव के बाद, दुनिया का स्वच्छ जल का सबसे बड़ा स्रोत है। ध्रुवों की तर्ज पर बर्फ का विशाल भंडार होने के कारण इस क्षेत्र को कुछ लोग तीसरा ध्रुव (The Third Pole) भी कहते हैं।

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Submitted by HindiWater on Fri, 03/12/2021 - 16:12
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इंडिया वाटर पोर्टल
अटल भूजल योजना भागः3- क्षमता निर्माण
अटल भूजल योजना एक बड़े पैमाने वाली योजना है और देखा जाए तो इस तरह के सभी बड़े कार्यक्रमों में सभी भागीदारों की क्षमता निर्माण बहुत अहम है। खासतौर पर तब जब इसमें बड़े स्तर पर सामुदायिक भागीदारी शामिल हो, वहां कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये, इसमें शामिल सभी भागीदारों की क्षमता निर्माण करना बहुत अहम हो जाता है। संस्थागत सशक्तिकरण और क्षमता निर्माण इस कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू है जिसके लिये पूरे कार्यक्रम में लगने वाली धनराशि का लगभग एक -चौथाई हिस्सा इसी क्षमता निर्माण के काम के लिये इस्तेमाल होगा। 
Submitted by HindiWater on Fri, 03/12/2021 - 15:12
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वर्चुअल पानी का सबसे बड़ा निर्यातक है भारत,Source:needpix.com
भारत बीते लगभग एक दशक से जलसंकट से गुजर रहा है. साल 2018 में नीति आयोग ने बताया कि देश में करीब 60 करोड़ लोग पीने के पानी की किल्लत झेल रहे हैं. दूसरी ओर देश से सबसे ज्यादा पानी पड़ोसी देश चीन में बेचा जा रहा है. साल 2020 में चीन भारत से मिनरल और नेचुरल वॉटर का सबसे बड़ा खरीददार बनकर उभरा, जिसके बाद दूसरे नंबर पर हमने मालदीव को पानी बेचा.
Submitted by HindiWater on Fri, 03/12/2021 - 14:24
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सौर ऊर्जा
अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की अग्रणी भूमिका का दुनिया ने लोहा मानना शुरू कर दिया है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जिस प्रकार से भारत से सौर ऊर्जा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, उसकी चहुं ओर प्रशंसा हो रही है। अब इसका प्रभाव भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में भी नज़र आने लगा है। इसका ताज़ा उदाहरण राजस्थान का करौली ज़िला है। राजधानी जयपुर से करीब 160 किमी दूर इस ज़िला के कैलादेवी अभयारण के मध्य स्थित ग्राम बंधन का पुरा पंचायत के निभेरा गांव के लोग सोलर पंप के माध्यम से वर्षा जल का संरक्षण कर रहे हैं। उद्योगिनी संस्था द्वारा क्षेत्र में सोलर पम्प की नई तकनीकी एवं वर्षा जल के संरक्षण के लिए पोखर के निर्माण से ग्रामीणों में विकास के प्रति एक नई सोच जाग चुकी है। इससे न केवल ग्रामीण खुश है बल्कि अपने क्षेत्र के विकास के बारे में कुछ नया करने की योजना भी बना रहे हैं।

प्रयास

Submitted by HindiWater on Mon, 02/15/2021 - 16:21
उत्तराखंड जल संकट : छोटे प्रयास से बड़ा समाधान निकलेगा
उत्तराखंड में 2013 में आई आपदा और फिर 7 फरवरी को चमोली के तपोवन में आई जलप्रलय की घटनाएँ पूरी दुनिया को बड़े बांधों के निर्माण और पर्यावरण असंतुलन से होने वालेदुष्परिणामों से आगाह कर रही है। यह बड़े बांध स्थानीय जनता को न तो सिंचाई और न ही पेयजल की पूर्ति करते हैं बल्कि इसके विपरीत प्राकृतिक रूप से संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों के लिएगंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं। बड़े बांधों में बहुत अधिक जलराशि एकत्रित होने से पहाड़ों परअत्यधिक दबाव पड़ता है। इसके निर्माण के दौरान भारी मशीनरी और विस्फोटकों आदि काप्रयोग होता है, जो पहाड़ों की नींव को भी हिला देते हैं, जिससे पहाड़ों में भूस्खलन, भूकंप आदिकी संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। चूँकि बड़े बांधों को भरने के लिए नदियों का प्रवाह रोकना पड़ताहै, इसलिए नदी के पानी से जो नैसर्गिक भूमिगत जलसंचय होता है, उसमें भी व्यवधान पड़ता है। 

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Thu, 06/10/2021 - 12:03
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मीडिया डायलॉग:जलवायु संकट और बिहार
जलवायु संकट से लगातार जूझ रहे बिहार को नीति आयोग ने अच्छी रैंकिंग नहीं दी है। इससे पहले भी आईआईटी की एक रिपोर्ट ने बिहार के 14 जिलों को जलवायु परिवर्तन के संकट से मुकाबला करने में सबसे अक्षम जिलों की सूची में रखा है। बिहार सरकार के तमाम दावों के बावजूद जलवायु संकट को लेकर उसकी तैयारी जमीन पर क्यों उतरती नजर नहीं आ रही।
Submitted by HindiWater on Wed, 04/21/2021 - 14:24
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विश्व पृथ्वी दिवस 2021:कोरोना संकट के बीच पर्यवरणीय चिंता
आजकल विभिन्न क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता में भिन्नता दिखाई दे रही है। बाढ़ और सुखाड़ पहले से अधिक बारबार होने लगे है,पहले से अधिक तबाही लाने लगे है ऐसे में जरूरी है जलवायू परिवर्तन के प्रभावों के मद्देनजर जल साधानो के प्रबंधन की रणनीति और तरीकों में बदलाव पर विचार करे ।
Submitted by HindiWater on Thu, 01/21/2021 - 15:14
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वेटलैंड्स डे इंटरनेशनल साउथ एशिया
विश्व वेटलैंड्स दिवस 2021: वेटलैंड्स और जल
रामसर कन्वेन्शन में वेटलैंड्स को शामिल किए जाने पर  हर वर्ष की तरह इस बार भी 02 फरवरी 2021 को भारत सहित पूरे विश्व मे वेटलैंड्स डे मनाया जाएगा।  इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को वेटलैंड्स डे के प्रति जागरूक करना है। इस वर्ष विश्व वेटलैंड्स दिवस का विषय "वेटलैंड्स और जल " (Wetlands and water) है।

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खासम-खास

हिन्दुकुश हिमालय पर्वतमाला: दी थर्ड पोल

Submitted by UrbanWater on Thu, 05/13/2021 - 10:25

कृष्ण गोपाल 'व्यास'

हिन्दुकुश हिमालय, फोटो - इंडिया साइंस वायर

तिब्बत के पठार तथा लगभग 3500 किलोमीटर लम्बी हिन्दुकुश हिमालय पर्वत श्रृंखला, संयुक्त रूप से, उत्तर ध्रुव और दक्षिण ध्रुव के बाद, दुनिया का स्वच्छ जल का सबसे बड़ा स्रोत है। ध्रुवों की तर्ज पर बर्फ का विशाल भंडार होने के कारण इस क्षेत्र को कुछ लोग तीसरा ध्रुव (The Third Pole) भी कहते हैं।

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अटल भूजल योजना भागः3- क्षमता निर्माण

Submitted by HindiWater on Fri, 03/12/2021 - 16:12
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इंडिया वाटर पोर्टल
अटल भूजल योजना भागः3- क्षमता निर्माण
अटल भूजल योजना एक बड़े पैमाने वाली योजना है और देखा जाए तो इस तरह के सभी बड़े कार्यक्रमों में सभी भागीदारों की क्षमता निर्माण बहुत अहम है। खासतौर पर तब जब इसमें बड़े स्तर पर सामुदायिक भागीदारी शामिल हो, वहां कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये, इसमें शामिल सभी भागीदारों की क्षमता निर्माण करना बहुत अहम हो जाता है। संस्थागत सशक्तिकरण और क्षमता निर्माण इस कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू है जिसके लिये पूरे कार्यक्रम में लगने वाली धनराशि का लगभग एक -चौथाई हिस्सा इसी क्षमता निर्माण के काम के लिये इस्तेमाल होगा। 

वर्चुअल पानी का सबसे बड़ा निर्यातक है भारत

Submitted by HindiWater on Fri, 03/12/2021 - 15:12
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वर्चुअल पानी का सबसे बड़ा निर्यातक है भारत,Source:needpix.com
भारत बीते लगभग एक दशक से जलसंकट से गुजर रहा है. साल 2018 में नीति आयोग ने बताया कि देश में करीब 60 करोड़ लोग पीने के पानी की किल्लत झेल रहे हैं. दूसरी ओर देश से सबसे ज्यादा पानी पड़ोसी देश चीन में बेचा जा रहा है. साल 2020 में चीन भारत से मिनरल और नेचुरल वॉटर का सबसे बड़ा खरीददार बनकर उभरा, जिसके बाद दूसरे नंबर पर हमने मालदीव को पानी बेचा.

नई सोलर तकनीक से ग्रामीणों की बदल रही है दशा

Submitted by HindiWater on Fri, 03/12/2021 - 14:24
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सौर ऊर्जा
अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की अग्रणी भूमिका का दुनिया ने लोहा मानना शुरू कर दिया है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जिस प्रकार से भारत से सौर ऊर्जा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, उसकी चहुं ओर प्रशंसा हो रही है। अब इसका प्रभाव भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में भी नज़र आने लगा है। इसका ताज़ा उदाहरण राजस्थान का करौली ज़िला है। राजधानी जयपुर से करीब 160 किमी दूर इस ज़िला के कैलादेवी अभयारण के मध्य स्थित ग्राम बंधन का पुरा पंचायत के निभेरा गांव के लोग सोलर पंप के माध्यम से वर्षा जल का संरक्षण कर रहे हैं। उद्योगिनी संस्था द्वारा क्षेत्र में सोलर पम्प की नई तकनीकी एवं वर्षा जल के संरक्षण के लिए पोखर के निर्माण से ग्रामीणों में विकास के प्रति एक नई सोच जाग चुकी है। इससे न केवल ग्रामीण खुश है बल्कि अपने क्षेत्र के विकास के बारे में कुछ नया करने की योजना भी बना रहे हैं।

प्रयास

उत्तराखंड जल संकट : छोटे प्रयास से बड़ा समाधान निकलेगा

Submitted by HindiWater on Mon, 02/15/2021 - 16:21
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चरखा फीचर
उत्तराखंड जल संकट : छोटे प्रयास से बड़ा समाधान निकलेगा
उत्तराखंड में 2013 में आई आपदा और फिर 7 फरवरी को चमोली के तपोवन में आई जलप्रलय की घटनाएँ पूरी दुनिया को बड़े बांधों के निर्माण और पर्यावरण असंतुलन से होने वालेदुष्परिणामों से आगाह कर रही है। यह बड़े बांध स्थानीय जनता को न तो सिंचाई और न ही पेयजल की पूर्ति करते हैं बल्कि इसके विपरीत प्राकृतिक रूप से संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों के लिएगंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं। बड़े बांधों में बहुत अधिक जलराशि एकत्रित होने से पहाड़ों परअत्यधिक दबाव पड़ता है। इसके निर्माण के दौरान भारी मशीनरी और विस्फोटकों आदि काप्रयोग होता है, जो पहाड़ों की नींव को भी हिला देते हैं, जिससे पहाड़ों में भूस्खलन, भूकंप आदिकी संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। चूँकि बड़े बांधों को भरने के लिए नदियों का प्रवाह रोकना पड़ताहै, इसलिए नदी के पानी से जो नैसर्गिक भूमिगत जलसंचय होता है, उसमें भी व्यवधान पड़ता है। 

नोटिस बोर्ड

मीडिया डायलॉग:जलवायु संकट और बिहार

Submitted by HindiWater on Thu, 06/10/2021 - 12:03
media-dialogue-:jalvayu-sankat-or-bihar
मीडिया डायलॉग:जलवायु संकट और बिहार
जलवायु संकट से लगातार जूझ रहे बिहार को नीति आयोग ने अच्छी रैंकिंग नहीं दी है। इससे पहले भी आईआईटी की एक रिपोर्ट ने बिहार के 14 जिलों को जलवायु परिवर्तन के संकट से मुकाबला करने में सबसे अक्षम जिलों की सूची में रखा है। बिहार सरकार के तमाम दावों के बावजूद जलवायु संकट को लेकर उसकी तैयारी जमीन पर क्यों उतरती नजर नहीं आ रही।

विश्व पृथ्वी दिवस 2021:कोरोना संकट के बीच पर्यवरणीय चिंता

Submitted by HindiWater on Wed, 04/21/2021 - 14:24
vishva-prithvi-divas-2021:corona-sankat-k-beach-paryavaraniya-chinta
 विश्व पृथ्वी दिवस 2021:कोरोना संकट के बीच पर्यवरणीय चिंता
आजकल विभिन्न क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता में भिन्नता दिखाई दे रही है। बाढ़ और सुखाड़ पहले से अधिक बारबार होने लगे है,पहले से अधिक तबाही लाने लगे है ऐसे में जरूरी है जलवायू परिवर्तन के प्रभावों के मद्देनजर जल साधानो के प्रबंधन की रणनीति और तरीकों में बदलाव पर विचार करे ।

विश्व वेटलैंड्स दिवस 2021: वेटलैंड्स और जल

Submitted by HindiWater on Thu, 01/21/2021 - 15:14
vishva-vetlands-divas-2021:-vetlands-aur-jal
Source
वेटलैंड्स डे इंटरनेशनल साउथ एशिया
विश्व वेटलैंड्स दिवस 2021: वेटलैंड्स और जल
रामसर कन्वेन्शन में वेटलैंड्स को शामिल किए जाने पर  हर वर्ष की तरह इस बार भी 02 फरवरी 2021 को भारत सहित पूरे विश्व मे वेटलैंड्स डे मनाया जाएगा।  इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को वेटलैंड्स डे के प्रति जागरूक करना है। इस वर्ष विश्व वेटलैंड्स दिवस का विषय "वेटलैंड्स और जल " (Wetlands and water) है।

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