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खासम-खास

Submitted by UrbanWater on Mon, 07/20/2020 - 08:26
अविरल नदी, फोटो : needpix.com
मनुष्य की विकास यात्रा का इतिहास बताता है कि मानव सभ्यता का विकास नदियों के किनारे हुआ है। यह विकास चाहे भारत में हुआ हो या मिश्र में, या अन्य और किसी जगह, या बिहार में, सब जगह उसका आधार नदी और उसका कछार ही रहा है। मानव सभ्यता का यह विकास, नदी और मनुष्य के अन्तरंग सम्बन्ध का जीता-जागता प्रमाण है लेकिन यह सम्बन्ध नदी और मनुष्य के बीच क्यों बना और क्यों विकास की धारा नदी के किनारे ही प्रवाहित हुई, पर बहुत ही कम लोगों ने विचार किया है। उससे जुडा साहित्य भी सहजता से उपलब्ध नही है। आइए उस संभावना को समझने का प्रयास करें।

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Submitted by HindiWater on Wed, 07/01/2020 - 07:04
Source:
भारत में कूड़ा एकत्रिकरण व्यवस्था
देश के 18.7 प्रतिशत ग्रामीण घरों और 81.5 प्रतिशत शहरी घरों में ही गारबेज कलेक्शन की व्यवस्था है। ग्रामीण इलाकों के 80.4 प्रतिशत घरों में कूड़ा उठाने की कोई व्यवस्था नहीं है, जबकि 11.2 प्रतिशत घरों से पंचायत और नगर निकायों द्वारा व्यवस्था की गई है।
Submitted by UrbanWater on Wed, 07/01/2020 - 07:03
Source:
जल चेतना, खण्ड 7, अंक 1, जनवरी 2018, जलविज्ञान संस्थान, रुड़की
जलमंडल, फोटो : needpix.com
पृथ्वी पर उपस्थित सभी प्रकार का जल जलमंडल में शामिल है। इसमें जल के तीनों रूप (ठोस, द्रव तथा गैस) शामिल हैं। जल के ठोस रूप में शामिल हैं स्थलीय एवं समुद्री क्षेत्र में मौजूद बर्फ, हिमनद एवं आइसबर्ग। भूसतह का लगभग 10 फीसदी भाग बर्फ से ढका हुआ है। इस बर्फ का अधिकांश भाग (लगभग 85 प्रतिशत) बर्फी ले महाद्वीप अंटार्कटिका में पाया जाता है जिसका क्षेत्रफल लगभग 75 लाख वर्ग किलोमीटर है। इसी प्रकार बर्फ का लगभग 11.4 प्रतिशत भाग ग्रीनलैंड में फैला हुआ है, जिसका क्षेत्राफल लगभग 10 लाख वर्ग किलोमीटर है। अभी तक लगाये गये अनुमान के अनुसार बर्फ एवं हिमनदों के रूप में जल की कुल मात्रा लगभग 22.83X1015 मीट्रिक टन है। यदि पृथ्वी पर उपस्थित पूरी बर्फ पिघल जाए तो समुद्रों की सतह 30 से 60 मीटर ऊँची हो जायेगी।
Submitted by HindiWater on Tue, 06/30/2020 - 16:05
Source:
कोरोना के बीच सरकारी वादे और जल संकट
विभिन्न राज्यों की सरकारों सहित केंद्र सरकार और प्रशासन ने पानी की समस्या न होने का वादा किया था। लेकिन सरकार के वादों और घोषणाएं धरातल पर ज्यादा दिखाई नहीं दे रही हैं। देश के विभिन्न स्थानों पर जल संकट गहराने लगा है। लोग बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। यहां देश के कुछ इलाकों के जलसंकट की जानकारी दी गई है।

प्रयास

Submitted by HindiWater on Tue, 08/04/2020 - 12:45
पहाड़ को जल संकट से उबारने में जुटे चंदन
उत्तराखंड़ का भौगोलिक और पौराणिक महत्व किसी भी अन्य क्षेत्र की अपेक्षा कईं ज्यादा अलौकिक और वृहद है। उत्तराखंड़ के संदर्भ में कहा जाता है कि ‘पहाड़ की जवानी पहाड़ के किसी काम नहीं आती। वो तो रोजगार की तलाश में मैदानों में चली जाती है। पहाड़ों पर तो बचते हैं, बूढ़े मां-बाप और बच्चे।’’ जो लोग बचे हैं, वें चौड़ी पत्ती वाले जंगलों के कम होने से हर साल जल संकट और जंगल की आग तथा प्राकृतिक आपदाओं का सामना करते हैं, लेकिन नैनीताल के किसान ‘चंदन नयाल’ की जवानी न केवल पहाड़ के काम आ रही है, बल्कि वे दूसरों के लिए भी प्ररेणास्रोत बन गए हैं। पर्यावरण संरक्षण की तरफ कदम बढ़ाते हुए उन्होंने नौकरी छोड़ 40 हजार से ज्यादा पेड़ लगाए व सैंकड़ों चाल-खाल और खंतियों का निर्माण किया है। पेश है चंदन सिंह नयाल से बातचीत के कुछ अंश -

नोटिस बोर्ड

Submitted by UrbanWater on Tue, 07/07/2020 - 17:15
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हेल्पलाइन नंबर
संजय झा ने कहा,ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।” “ट्विटर के अलावा टोल फ्री नं. 18003456145 पर कॉल कर भी जानकारी साझा की जा सकती है। ये नंबर 24X7 चालू है। इसके साथ ही एक ऐप भी लाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए भी जानकारियां दी जा सकती हैं।”
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
Source:
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
Source:
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

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खासम-खास

नदी चेतना यात्रा : समाज की प्रजातांत्रिक शक्ति और नदी के प्राकृतिक संसाधनों की बहाली 

Submitted by UrbanWater on Mon, 07/20/2020 - 08:26
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
nadi-chetna-yatra
अविरल नदी, फोटो : needpix.com
मनुष्य की विकास यात्रा का इतिहास बताता है कि मानव सभ्यता का विकास नदियों के किनारे हुआ है। यह विकास चाहे भारत में हुआ हो या मिश्र में, या अन्य और किसी जगह, या बिहार में, सब जगह उसका आधार नदी और उसका कछार ही रहा है। मानव सभ्यता का यह विकास, नदी और मनुष्य के अन्तरंग सम्बन्ध का जीता-जागता प्रमाण है लेकिन यह सम्बन्ध नदी और मनुष्य के बीच क्यों बना और क्यों विकास की धारा नदी के किनारे ही प्रवाहित हुई, पर बहुत ही कम लोगों ने विचार किया है। उससे जुडा साहित्य भी सहजता से उपलब्ध नही है। आइए उस संभावना को समझने का प्रयास करें।

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भारत में कूड़ा एकत्रिकरण व्यवस्था

Submitted by HindiWater on Wed, 07/01/2020 - 07:04
bharat-mein-kooda-collection-vyavastha
भारत में कूड़ा एकत्रिकरण व्यवस्था
देश के 18.7 प्रतिशत ग्रामीण घरों और 81.5 प्रतिशत शहरी घरों में ही गारबेज कलेक्शन की व्यवस्था है। ग्रामीण इलाकों के 80.4 प्रतिशत घरों में कूड़ा उठाने की कोई व्यवस्था नहीं है, जबकि 11.2 प्रतिशत घरों से पंचायत और नगर निकायों द्वारा व्यवस्था की गई है।

पृथ्वी का जलमंडल: उद्भव एवं विकास

Submitted by UrbanWater on Wed, 07/01/2020 - 07:03
prithvi-kaa-jalamandal-hydrosphere
Source
जल चेतना, खण्ड 7, अंक 1, जनवरी 2018, जलविज्ञान संस्थान, रुड़की
जलमंडल, फोटो : needpix.com
पृथ्वी पर उपस्थित सभी प्रकार का जल जलमंडल में शामिल है। इसमें जल के तीनों रूप (ठोस, द्रव तथा गैस) शामिल हैं। जल के ठोस रूप में शामिल हैं स्थलीय एवं समुद्री क्षेत्र में मौजूद बर्फ, हिमनद एवं आइसबर्ग। भूसतह का लगभग 10 फीसदी भाग बर्फ से ढका हुआ है। इस बर्फ का अधिकांश भाग (लगभग 85 प्रतिशत) बर्फी ले महाद्वीप अंटार्कटिका में पाया जाता है जिसका क्षेत्रफल लगभग 75 लाख वर्ग किलोमीटर है। इसी प्रकार बर्फ का लगभग 11.4 प्रतिशत भाग ग्रीनलैंड में फैला हुआ है, जिसका क्षेत्राफल लगभग 10 लाख वर्ग किलोमीटर है। अभी तक लगाये गये अनुमान के अनुसार बर्फ एवं हिमनदों के रूप में जल की कुल मात्रा लगभग 22.83X1015 मीट्रिक टन है। यदि पृथ्वी पर उपस्थित पूरी बर्फ पिघल जाए तो समुद्रों की सतह 30 से 60 मीटर ऊँची हो जायेगी।

कोरोना के बीच सरकारी वादे और जल संकट

Submitted by HindiWater on Tue, 06/30/2020 - 16:05
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कोरोना के बीच सरकारी वादे और जल संकट
विभिन्न राज्यों की सरकारों सहित केंद्र सरकार और प्रशासन ने पानी की समस्या न होने का वादा किया था। लेकिन सरकार के वादों और घोषणाएं धरातल पर ज्यादा दिखाई नहीं दे रही हैं। देश के विभिन्न स्थानों पर जल संकट गहराने लगा है। लोग बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। यहां देश के कुछ इलाकों के जलसंकट की जानकारी दी गई है।

प्रयास

पहाड़ को जल संकट से उबारने में जुटे चंदन

Submitted by HindiWater on Tue, 08/04/2020 - 12:45
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पहाड़ को जल संकट से उबारने में जुटे चंदन
उत्तराखंड़ का भौगोलिक और पौराणिक महत्व किसी भी अन्य क्षेत्र की अपेक्षा कईं ज्यादा अलौकिक और वृहद है। उत्तराखंड़ के संदर्भ में कहा जाता है कि ‘पहाड़ की जवानी पहाड़ के किसी काम नहीं आती। वो तो रोजगार की तलाश में मैदानों में चली जाती है। पहाड़ों पर तो बचते हैं, बूढ़े मां-बाप और बच्चे।’’ जो लोग बचे हैं, वें चौड़ी पत्ती वाले जंगलों के कम होने से हर साल जल संकट और जंगल की आग तथा प्राकृतिक आपदाओं का सामना करते हैं, लेकिन नैनीताल के किसान ‘चंदन नयाल’ की जवानी न केवल पहाड़ के काम आ रही है, बल्कि वे दूसरों के लिए भी प्ररेणास्रोत बन गए हैं। पर्यावरण संरक्षण की तरफ कदम बढ़ाते हुए उन्होंने नौकरी छोड़ 40 हजार से ज्यादा पेड़ लगाए व सैंकड़ों चाल-खाल और खंतियों का निर्माण किया है। पेश है चंदन सिंह नयाल से बातचीत के कुछ अंश -

नोटिस बोर्ड

बिहार में बाढ़: आपके इलाके में तटबंध में दरार है तो ऐसे दीजिए जानकारी 

Submitted by UrbanWater on Tue, 07/07/2020 - 17:15
Author
उमेश कुमार राय
bihar-badh:-aapke-ilake-mein-tatabandh-mein-darar-hai-dijie-janakari
हेल्पलाइन नंबर
संजय झा ने कहा,ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।” “ट्विटर के अलावा टोल फ्री नं. 18003456145 पर कॉल कर भी जानकारी साझा की जा सकती है। ये नंबर 24X7 चालू है। इसके साथ ही एक ऐप भी लाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए भी जानकारियां दी जा सकती हैं।”

वेबिनारः कोरोना संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
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वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।

‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
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‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

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